
Who is KP Sharma Oli: नेपाल की राजनीति में बड़ा भूचाल आया है। Gen-Z के उग्र विरोध और लगातार बढ़ते बवाल के बीच प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने 9 सितंबर 2025 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। राजधानी काठमांडू और दूसरे शहरों में सोशल मीडिया बैन के बाद हिंसक विरोध ने हालात बिगाड़ दिए। प्रदर्शन में 19 लोगों की मौत और 300 से ज्यादा लोगों के घायल होने की खबर है। ऐसे माहौल में नेपाल सेना प्रमुख ने ओली से पद छोड़ने को कहा, जिसके बाद उन्होंने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। जानिए आखिर कौन हैं केपी शर्मा ओली, जिनका नाम नेपाल की राजनीति में हमेशा सुर्खियों में रहा है।
केपी शर्मा ओली का जन्म 23 फरवरी 1952 को नेपाल के तेहराथुम जिले में एक साधारण किसान परिवार में हुआ था। उनका पूरा नाम खड्ग प्रसाद शर्मा ओली है। महज 4 साल की उम्र में उन्होंने अपनी मां को खो दिया था और फिर दादी ने उनका पालन-पोषण किया। गरीबी और संघर्ष से निकलकर उन्होंने अपनी पहचान एक तेज-तर्रार नेता के रूप में बनाई।
ओली की राजनीतिक यात्रा बहुत कम उम्र में शुरू हो गई थी। सिर्फ 14 साल की उम्र में उन्होंने राजशाही और पंचायत व्यवस्था के खिलाफ आंदोलन में हिस्सा लिया। 1970 में वे नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी में शामिल हुए और जल्द ही झापा आंदोलन (1970-73) में सक्रिय हुए। इसी दौरान उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया और उन्होंने लगातार 14 साल जेल में बिताए। इनमें से 4 साल उन्होंने सॉलिटरी कॉन्फिनमेंट (एकांत कारावास) में गुजारे।
केपी शर्मा ओली का राजनीतिक करियर बेहद लंबा और उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। वे अब तक चार बार नेपाल के प्रधानमंत्री रह चुके हैं-
ओली साल 1991, 1994 और 1999 में झापा जिले से सांसद रहे। 1994 से 1995 तक नेपाल के गृह मंत्री और 2006 से 2007 तक उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री रहे। 2014 में उन्हें नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी (UML) का अध्यक्ष चुना गया।
केपी शर्मा ओली का नाम भारत-नेपाल रिश्तों में तनाव से भी जुड़ा रहा है। 2015 में नेपाल के संविधान विवाद और सीमा नाकाबंदी को लेकर उन्होंने भारत पर उनकी सरकार गिराने का आरोप लगाया था। उनकी सरकार ने लिपुलेख, कालापानी और लिंपियाधुरा को नेपाल का हिस्सा बताते हुए नया नक्शा जारी किया, जिस पर भारत ने आपत्ति जताई। इसके बाद नेपाल-भारत रिश्ते और बिगड़ गए और ओली ने चीन के साथ नजदीकियां बढ़ाईं।
नेपाल में मौजूदा विरोध की शुरुआत तब हुई जब ओली सरकार ने अचानक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर बैन लगा दिया। 8 सितंबर 2025 को काठमांडू समेत कई शहरों में Gen-Z युवाओं ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन शुरू किया। यह विरोध हिंसक हो गया और पुलिस को रबर बुलेट्स, वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा। आखिरकार सरकार को सोशल मीडिया बैन हटाना पड़ा, लेकिन गुस्से में आए प्रदर्शनकारी ओली के इस्तीफे पर अड़े रहे।
ये भी पढ़ें- नेपाल में Gen-Z के आंदोलन की सबसे बड़ी वजह सोशल मीडिया बैन नहीं, जानें अन्य कारण
राजनीतिक दबाव, 5 मंत्रियों और 21 सांसदों के इस्तीफे और सेना प्रमुख की सलाह के बाद ओली को पद छोड़ना पड़ा। अब खबरें हैं कि वे दुबई जा सकते हैं। इस इस्तीफे ने नेपाल की राजनीति में नया संकट खड़ा कर दिया है और आने वाले दिनों में सत्ता संतुलन किसके हाथ में जाएगा, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।
ये भी पढ़ें- Nepal PM Resign: पीएम ओली का अचानक इस्तीफा, नेपाल में राजनीतिक उथल-पुथल
Education News: Read about the Latest Board Exam News, School & Colleges News, Admission news in hindi, Cut-off list news - Asianet Hindi