
Yamini Rangan Success Story: भारत के एक छोटे शहर से निकलकर अमेरिका की कॉर्पोरेट दुनिया में टॉप पर पहुंचना कोई आसान काम नहीं है। लेकिन यह सफर तय किया है तमिलनाडु के कोयंबटूर में जन्मी यामिनी रंगन ने। आज वह एक 25.66 बिलियन डॉलर (करीब 2.14 लाख करोड़ रुपए) की कंपनी HubSpot की CEO हैं, लेकिन उनका यह सफर आसान नहीं था। गरीबी, संघर्ष, अकेलापन और मेहनत ये सब यामिनी के उस रास्ते का हिस्सा रहे हैं, जिसे तय कर आज वे दुनिया की गिनी-चुनी महिला CEOs में शामिल हैं। जानिए यामिनी रंगन की लाइफ स्टोरी, उनकी सफलता की कहानी।
तमिलनाडु, कोयंबटूर की रहने वाली यामिनी रंगन की शुरुआती पढ़ाई यहीं हुई। 12वीं के बाद भारथिअर विश्वविद्यालय से कंप्यूटर इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन पूरा किया। शुरू से ही उन्हें टेक्नोलॉजी से गहरा लगाव था और वे दुनिया में कुछ बड़ा करना चाहती थीं।
यामिनी रंगन ने सिर्फ 21 साल की उम्र में अमेरिका जाने का फैसला लिया। लेकिन उनके पास पैसे नहीं थे। आर्थिक परेशानी से समझौता कर हार मामने की जगह 12,000 रूपए और ढेर सारे सपने लेकर अमेरिका पहुंचीं।
अमेरिका पहुंचने के बाद उन्हें यामिनी रंगन का सामना जिंदगी की सच्चाई से हुआ। न कोई नौकरी थी, न कोई सहारा। माता-पिता से पैसे लेने से उन्होंने साफ मना कर दिया था। शुरूआत में उन्होंने अटलांटा के एक फुटबॉल स्टेडियम में फूड सर्वर का काम किया। उनकी कमाई का बड़ा हिस्सा रेंट में चला जाता था। खाने और जरूरी चीजों के लिए भी मुश्किल होती थी। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।
यामिनी रंगन ने अमेरिका में स्ट्रगल के बीच भी पढ़ाई नहीं छोड़ी। उनके पास पहले से ही इंजीनियरिंग की डिग्री थी लेकिन उनके बाद भी उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, बर्केले के हास स्कूल ऑफ बिजनेस से MBA किया। यही डिग्री आगे चलकर उनके करियर में मील का पत्थर साबित हुई। उन्होंने टेक्नोलॉजी और बिजनेस की दुनिया को समझा और अपनी खास पहचान बनानी शुरू की।
MBA के बाद यामिनी ने कई बड़ी ग्लोबल कंपनियों में काम किया जिसमें Lucent Technologies, SAP, Workday और Dropbox। इन जगहों पर उन्होंने कस्टमर सक्सेस, डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और प्रोडक्ट स्ट्रैटेजी जैसे फील्ड में अनुभव हासिल किया। उनकी टेक्निकल स्किल्स और बिजनेस विजन की हर जगह तारीफ हुई।
वर्ष 2020 में यामिनी रंगन ने HubSpot कंपनी को जॉइन किया, जहां वे पहले चीफ कस्टमर ऑफिसर बनीं। लेकिन सिर्फ एक साल के भीतर उन्हें CEO बना दिया गया, जो कॉर्पोरेट वर्ल्ड में बहुत ही दुर्लभ है। जब दुनिया COVID-19 जैसी महामारी से जूझ रही थी, तब उन्होंने कंपनी की कमान संभाली। उन्होंने कंपनी को Customer First यानी ग्राहक को प्राथमिकता देने वाली सोच के साथ आगे बढ़ाया। साथ ही इनोवेटिव प्रोडक्ट्स और इंक्लूसिव वर्क कल्चर को भी बढ़ावा दिया।
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QuiverQuant के अनुसार आज यामिनी की कुल संपत्ति 484 करोड़ रुपए से ज्यादा है। आज के समय में वह अमेरिका में सबसे ज्यादा कमाने वाली भारतीय मूल की महिला CEOs में शामिल हैं। उन्होंने दुनियाभर की लीडरशिप और पावर लिस्ट्स में अपनी खास जगह बनाई है।
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