1. प्रॉब्लम सॉल्विंग: AI जवाब दे सकता है, लेकिन सही समस्या पहचानना और उसके व्यावहारिक समाधान का फैसला करना अभी भी बेहद अहम है।
2. एआई लिटरेसी: हर इंजीनियर को AI मॉडल बनाना जरूरी नहीं, लेकिन AI टूल्स की क्षमता, सीमाएं और सही इस्तेमाल समझना जरूरी होता जा रहा है।
3. डोमिन नॉलेज: केवल कोड लिखने के बजाय यह समझना ज्यादा महत्वपूर्ण होगा कि तकनीक का इस्तेमाल असल उद्योग में कैसे किया जाए। भारत में टेक हब्स में भी भर्ती का फोकस अब सिर्फ coding से आगे बढ़कर डोमिन एक्सपर्टीज और प्रोडक्ट स्किल्स की ओर जा रहा है।
4. डाटा स्किल्स: डेटा पढ़ना, उसका विश्लेषण करना और उससे सही निष्कर्ष निकालना लगभग हर इंजीनियरिंग क्षेत्र में उपयोगी होगा।
5. कम्युनिकेशन और टीमवर्क: इंजीनियर को अब सिर्फ मशीन या सॉफ्टवेयर नहीं, बल्कि दूसरे विभागों और लोगों के साथ मिलकर काम करना होता है।