IAS की नौकरी छोड़ राजनीति में आए 5 अफसर, जानिए किसे मिली सत्ता और कौन लौटा नौकरी पर?

Published : Oct 16, 2026, 01:14 PM IST
IAS Officers Who Joined Politics

सार

IAS Officers Who Joined Politics: IAS , IPS और IRS जैसी प्रशानिक नौकरी छोड़कर राजनीति में आए अरविंद केजरीवाल, शशिकांत सेंथिल, कन्नन गोपीनाथन, के अन्नामलाई और शाह फैसल का राजनीतिक सफर जानिए। जानिए किसे मिली सत्ता और कौन लौटा वापस नौकरी पर।

IAS Officers in Politics: सरकारी व्यवस्था में बदलाव लाने के लिए सिविल सेवा छोड़कर राजनीति में उतरना आसान फैसला नहीं है। लेकिन असली चुनौती इस्तीफे के बाद शुरू होती है। पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने नई पार्टी जन नीति भारत बनाकर उत्तर प्रदेश की राजनीति में कदम रखा है। उन्होंने व्यवस्था में काम करने की इच्छा की कमी को अपने फैसले की वजह बताया है। उनका लक्ष्य 2027 का यूपी विधानसभा चुनाव है। लेकिन क्या प्रशासनिक अनुभव राजनीति में सफलता की गारंटी बन सकता है? जानिए अरविंद केजरीवाल से लेकर शाह फैसल तक, ऐसे पांच अधिकारियों की कहानियां जो IAS, IPS, IRS जैसी प्रशासनिक नौकरी छोड़ कर राजनीति में आए और आज वे कहां हैं?

अरविंद केजरीवाल: आंदोलन से बनी राष्ट्रीय पार्टी

भारतीय राजस्व सेवा (IRS) छोड़ने के बाद केजरीवाल भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन से जुड़े और 2012 में आम आदमी पार्टी (AAP) बनाई। साल 2015 में पार्टी ने दिल्ली की 70 में से 67 सीटें जीतकर बड़ी सफलता हासिल की। केजरीवाल मुख्यमंत्री भी बने, लेकिन 2025 के विधानसभा चुनाव में AAP सत्ता से बाहर हो गई। वह अब भी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक हैं।

ये भी पढ़ें- कौन हैं तेजस पार्थसारथी सुदर्शन? PM मोदी को मेट्रो में मिले सिर्फ 90 सेकंड, बता दिए AI के 2 बड़े आइडिया

शशिकांत सेंथिल: कांग्रेस के टिकट पर संसद पहुंचे

कर्नाटक कैडर के IAS अधिकारी सेंथिल ने 2019 में इस्तीफा दिया था। बाद में कांग्रेस में शामिल हुए और 2024 के लोकसभा चुनाव में तमिलनाडु की तिरुवल्लूर सीट से जीतकर सांसद बने। उनका सफर दिखाता है कि किसी स्थापित राजनीतिक संगठन के साथ काम करना भी राजनीति में आगे बढ़ने का रास्ता हो सकता है।

कन्नन गोपीनाथन: इस्तीफे पर अब भी सवाल

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 के प्रावधान हटाए जाने और संचार पाबंदियों के विरोध में गोपीनाथन ने 2019 में इस्तीफा दिया था। अक्टूबर 2025 में वह कांग्रेस में शामिल हुए। उनके मुताबिक, केंद्र सरकार ने उनका इस्तीफा अब तक स्वीकार नहीं किया है। इस वजह से उनके राजनीतिक भविष्य पर प्रशासनिक प्रक्रिया का असर बना हुआ है।

के अन्नामलाई: BJP के बाद नई राजनीतिक राह

तमिलनाडु के पूर्व IPS अधिकारी अन्नामलाई BJP के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं। पार्टी नेतृत्व से रणनीतिक मतभेदों के बाद उन्होंने 2025 में BJP छोड़ी और ‘We The Leaders’ नाम से नया आंदोलन शुरू किया। अब उनकी राजनीति की दिशा इस नए मंच के कामकाज से तय होगी।

शाह फैसल: राजनीति छोड़ फिर सरकारी सेवा में वापसी

2010 के UPSC टॉपर शाह फैसल ने 2019 में IAS से इस्तीफा देकर जम्मू-कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट बनाई। हालांकि, बाद में उन्होंने राजनीति से दूरी बनाई। केंद्र सरकार ने 2022 में उनका इस्तीफा वापस लेने की अनुमति दी और वह फिर सरकारी सेवा में लौट आए।

ये भी पढ़ें- Ritu Barala Biography: रितु बराला कौन हैं और सुर्खियों में क्यों? जानें एजुकेशन, फैमिली और करियर

क्या प्रशासनिक अनुभव राजनीति में जीत दिला सकता है?

इन पांच कहानियों से साफ है कि सिविल सेवा का अनुभव राजनीति में प्रवेश का आधार तो बन सकता है, लेकिन आगे का रास्ता संगठन, जनसमर्थन और राजनीतिक परिस्थितियों पर निर्भर करता है। कोई अपनी पार्टी बनाता है, कोई स्थापित दल में जगह बनाता है और कोई वापस सरकारी सेवा में लौट जाता है। दिव्या मित्तल के सामने भी अब यही चुनौती है, अपने प्रशासनिक अनुभव को जनता के भरोसे और चुनावी समर्थन में बदलना।

PREV

सरकारी नौकरियों की नोटिफिकेशन, परीक्षा तिथियां, एडमिट कार्ड, रिज़ल्ट और कट-ऑफ अपडेट्स पाएं। करियर टिप्स, स्किल डेवलपमेंट और एग्ज़ाम गाइडेंस के लिए Career News in Hindi और सरकारी भर्ती से जुड़े ताज़ा अपडेट्स के लिए Sarkari Naukri सेक्शन देखें — नौकरी और करियर जानकारी भरोसेमंद तरीके से यहीं।

AT
About the Author

Anita Tanvi

अनीता तन्वी। मीडिया जगत में 15 साल से ज्यादा का अनुभव। मौजूदा समय में ये एशियानेट न्यूज हिंदी के साथ जुड़कर एजुकेशन सेगमेंट संभाल रही हैं। इन्होंने जुलाई 2010 में मीडिया इंडस्ट्री में कदम रखा और अपने करियर की शुरुआत प्रभात खबर से की। पहले 6 सालों में, प्रभात खबर, न्यूज विंग और दैनिक भास्कर जैसे प्रमुख प्रिंट मीडिया संस्थानों में राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, ह्यूमन एंगल और फीचर रिपोर्टिंग पर काम किया। इसके बाद, डिजिटल मीडिया की दिशा में कदम बढ़ाया। इन्हें प्रभात खबर.कॉम में एजुकेशन-जॉब/करियर सेक्शन के साथ-साथ, लाइफस्टाइल, हेल्थ और रीलिजन सेक्शन को भी लीड करने का अनुभव है। इसके अलावा, फोकस और हमारा टीवी चैनलों में इंटरव्यू और न्यूज एंकर के तौर पर भी काम किया है।Read More...
Read more Articles on

Recommended Stories

Dussehra Essay: दशहरा पर 10 निबंध हिंदी में, LKG से 12वीं तक, 10 लाइन से 500 शब्दों तक
कौन हैं तेजस पार्थसारथी सुदर्शन? PM मोदी को मेट्रो में मिले सिर्फ 90 सेकंड, बता दिए AI के 2 बड़े आइडिया