Who Is Ritu Barala: कौन हैं रितु बराला? जो दिल्ली प्रदर्शन के बाद से ही सुर्खियों में हैं। जानें रितु बराला को, एक किसान की बेटी से छात्र नेता तक का सफर, उनकी एजुकेशन, फैमिली, करियर और पर्सनल लाइफ की रोचक बातें।

Ritu Barala: राहुल गांधी के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में नजर आने के बाद रितु बराला चर्चा में हैं। दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए छात्रों में शामिल रितु ने पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि उनके पैरों पर कई बार डंडे मारे गए, जिससे पैर नीले पड़ गए। इस दौरान राहुल गांधी ने उनकी हिम्मत की तारीफ करते हुए उन्हें ‘शेरनी’ कहा। इसके बाद लोगों के मन में सवाल है कि आखिर रितु बराला कौन हैं, उनकी पढ़ाई कहां हुई और राजस्थान के एक किसान परिवार से आने वाली इस छात्रा ने छात्र राजनीति में अपनी पहचान कैसे बनाई?

कौन हैं रितु बराला और कहां से रखती हैं ताल्लुक?

रितु बराला राजस्थान के झुंझुनूं जिले के बारी का बास गांव की रहने वाली हैं। वह एक साधारण किसान परिवार से आती हैं। उनके पिता महेंद्र सिंह बराला खेती करते हैं, जबकि उनकी मां अनीता देवी गृहिणी हैं। रितु का एक छोटा भाई राहुल भी है, जो जयपुर में रहकर कॉलेज की पढ़ाई कर रहा है। ग्रामीण परिवेश से निकलकर छात्र राजनीति में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाना रितु के सफर का अहम हिस्सा है। फिलहाल NSUI की राष्ट्रीय सचिव के रूप में वह छात्र राजनीति में सक्रिय हैं।

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रितु बराला की एजुकेशन कितनी है?

रितु ने अपनी शुरुआती पढ़ाई चिड़ावा के डालमिया बालिका विद्यालय से की। इसके बाद वह उच्च शिक्षा के लिए जयपुर पहुंचीं और महारानी कॉलेज में पढ़ाई की। आगे उन्होंने राजस्थान विश्वविद्यालय से समाजशास्त्र में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। पढ़ाई के साथ छात्र गतिविधियों में उनकी भागीदारी ने उन्हें कॉलेज की राजनीति में आगे बढ़ने का मौका दिया।

कॉलेज अध्यक्ष से NSUI की राष्ट्रीय सचिव तक कैसे पहुंचीं?

रितु बराला की पहचान सिर्फ राजनीतिक प्रदर्शनों तक सीमित नहीं है। वह महारानी कॉलेज की छात्रसंघ अध्यक्ष भी रह चुकी हैं। साल 2022 में उन्होंने राजस्थान विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में अध्यक्ष पद के लिए भी चुनाव लड़ा था। छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सक्रियता के जरिए उन्होंने NSUI में अपनी भूमिका मजबूत की। कांग्रेस का यह छात्र संगठन विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में छात्र हितों से जुड़े मुद्दे उठाता है। रितु का राष्ट्रीय सचिव बनना उनके राजनीतिक सफर का एक अहम पड़ाव है।

खेल और NCC से भी जुड़ा रहा है रितु का सफर

रितु बराला अंतरराष्ट्रीय स्तर की ताइक्वांडो खिलाड़ी रह चुकी हैं। इसके अलावा वह राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) से भी जुड़ी रही हैं। खेल और अनुशासन से जुड़े इन अनुभवों के साथ छात्र राजनीति में उनकी सक्रियता उनकी सार्वजनिक पहचान का हिस्सा रही है।

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राहुल गांधी ने क्यों कहा ‘शेरनी’?

दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन के बाद हिरासत में लिए गए छात्रों के मामले ने राजनीतिक चर्चा तेज कर दी। रितु ने पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाते हुए अपने पैरों पर चोट लगने की बात कही। प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने उन्हें मीडिया के सामने पेश किया और उनके साहस की तारीफ करते हुए ‘शेरनी’ कहा। इस घटनाक्रम के बाद रितु बराला का नाम सुर्खियों में आ गया।