Neha Bora Personal Life: नेहा बोरा की उम्र कितनी है, कहां बीता बचपन, फैमिली बैकग्राउंड और कहां से की पढ़ाई? दिल्ली के प्रदर्शनों के बाद चर्चा में आईं छात्र नेता नेहा बोरा के बारे में जानिए।

Neha Bora Family Background: 12 अक्टूबर को दिल्ली में चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी नेहा बोरा के कंधे पर हाथ रखकर मार्च करते दिखे, वहीं प्रियंका गांधी भी उनका हाथ थामे नजर आईं। जिसके बाद से ही AISA अध्यक्ष नेहा बोरा लगातार चर्चा में हैं और लोग उनकी पर्सनल लाइफ के बारे में भी जानना चाहते हैं। सोशल मीडिया पर उनके भाषण और पुलिस हिरासत के दौरान दिए गए संदेश की भी खूब चर्चा है। ऐसे में लोग जानना चाहते हैं कि नेहा बोरा कौन हैं, उनकी उम्र कितनी है, उन्होंने कहां से पढ़ाई की, फैमिली बैकग्राउंड क्या है और छात्र राजनीति में उनकी एंट्री कैसे हुई? जानिए उत्तराखंड के खटीमा से आने वाली नेहा बोरा की पर्सनल लाइफ और पॉलिटिकल जर्नी।

Neha Bora Age, Family Background: कितनी है नेहा बोरा की उम्र, फैमिली बैकग्राउंड

नेहा बोरा 29 साल की हैं। वह उत्तराखंड के खटीमा की रहने वाली हैं। उनके पिता भारतीय सेना में कार्यरत रहे हैं, इसलिए बचपन में उन्हें अलग-अलग शहरों में रहना पड़ा। उनकी शुरुआती पढ़ाई पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में हुई। बाद में वह आगे की पढ़ाई के लिए दिल्ली पहुंचीं।

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Neha Bora Education: हिंदू कॉलेज से JNU तक का सफर

नेहा बोरा ने दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदू कॉलेज से समाजशास्त्र की पढ़ाई की। इसके बाद डॉ. बीआर आंबेडकर विश्वविद्यालय, दिल्ली से पोस्टग्रेजुएट की पढ़ाई की। वह जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) में थिएटर और परफॉर्मेंस स्टडीज से जुड़े रिसर्च वर्क के लिए भी जानी जाती हैं। थिएटर से उनके जुड़ाव ने सार्वजनिक मंचों पर संवाद करने और अपनी बात प्रभावी ढंग से रखने की उनकी शैली को आकार दिया है।

थिएटर से छात्र राजनीति तक कैसे पहुंचीं नेहा?

नेहा बोरा की राजनीतिक सक्रियता को 2019-20 के नागरिकता संशोधन कानून (CAA) विरोधी प्रदर्शनों से जोड़कर देखा जाता है। धीरे-धीरे वह छात्र आंदोलनों में सक्रिय हुईं और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की राष्ट्रीय अध्यक्ष बनीं। उनकी सक्रियता का दायरा सिर्फ विश्वविद्यालयों तक सीमित नहीं रहा। शिक्षा से जुड़े मुद्दे, परीक्षा में कथित अनियमितताएं, बेरोजगारी और सरकारी जवाबदेही जैसे विषय भी उनके भाषणों में जगह पाते रहे हैं।

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दिल्ली प्रदर्शन के बाद क्यों बढ़ी चर्चा?

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में हुए प्रदर्शनों के दौरान नेहा बोरा को हिरासत में लिया गया। प्रदर्शनकारियों ने मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए हैं, जबकि चुनाव आयोग पर राजनीतिक पक्षपात के आरोपों को आयोग ने खारिज किया है। हिरासत के दौरान नेहा का संदेश, “मैं हिरासत में हूं, आंदोलन नहीं”, सोशल मीडिया पर चर्चा में आया। उनके इसी बयान और लगातार सक्रियता ने लोगों की दिलचस्पी बढ़ाई है। नेहा बोरा की पहचान अब सिर्फ एक छात्र संगठन की पदाधिकारी के तौर पर नहीं, बल्कि देश में छात्र राजनीति और युवा आंदोलनों से जुड़ी एक चर्चित आवाज के रूप में बन रही है।