दोस्त समझकर कलीग को बताई दिल की बात, चली गई पक्की नौकरी-रेडिट पर छलका दर्द

Published : May 06, 2026, 02:13 PM IST
दोस्त समझकर कलीग को बताई दिल की बात, चली गई पक्की नौकरी-रेडिट पर छलका दर्द

सार

एक इंटर्न ने सहकर्मी पर भरोसा कर ऑफिस की शिकायत की, जिससे उसकी पक्की नौकरी चली गई। उसे नौकरी के बजाय 3 महीने का इंटर्नशिप एक्सटेंशन मिला। यह घटना वर्कप्लेस पर किसी पर भी भरोसा करने के जोखिम को दर्शाती है।

एक एम्प्लॉई ने बताया है कि कैसे एक भारतीय कंपनी में इंटर्नशिप के दौरान एक सहकर्मी पर भरोसा करने की वजह से शायद उसकी पक्की नौकरी चली गई। रेडिट के 'इंडियन वर्कप्लेस' फोरम पर, इस वर्कर ने अपनी आपबीती एक पोस्ट में शेयर की, जिसका टाइटल था, "वर्कप्लेस पर भरोसे को लेकर एक सबक जो मैंने बहुत मुश्किल से सीखा।"

वर्कर ने बताया कि वह एक सॉफ्टवेयर कंपनी में तीन महीने से इंटर्न के तौर पर कड़ी मेहनत कर रहा था, ताकि उसे परमानेंट जॉब मिल सके। इसी दौरान, एक नए इंटर्न ने कंपनी जॉइन की और बहुत जल्दी एचआर (HR) टीम के करीब आ गया। शुरुआत में इस वर्कर ने इस पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया।

बाद में उसने उस नए सहकर्मी को दोस्त समझकर ऑफिस की कुछ परेशानियां बता दीं। इसमें यह भी शामिल था कि कैसे उसका टीम लीड उसके काम का क्रेडिट खुद ले लेता है। वर्कर ने लिखा, "मैंने एक दिन उसे अपनी भड़ास निकालकर गलती कर दी। मुझे लगा कि वह मेरा दोस्त है। मैंने उस पर भरोसा किया।"

वर्कर ने आगे लिखा, "अब पीछे मुड़कर देखता हूं, तो एक संकेत था जिसे मैंने पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया। उसी इंटर्न ने एक बार बातों-बातों में मुझे बताया था कि कैसे स्कूल में उसने परीक्षा से पहले एक टॉपर की रिवीजन नोटबुक फेंक दी थी। बस यूं ही। कोई पछतावा नहीं, कुछ नहीं। उसने मुझे यह कहानी ऐसे सुनाई जैसे कोई मजेदार याद हो। लोग आपको बता देते हैं कि वे असल में कैसे हैं, बस हम ही ध्यान नहीं देते।"

इस बातचीत के कुछ ही समय बाद, उसके टीम लीड का बर्ताव बदल गया। जब परमानेंट नौकरी मिलने का समय आया, तो वर्कर को बताया गया कि उसकी इंटर्नशिप तीन महीने के लिए बढ़ाई जा रही है। उसे कहा गया, "तुम्हें तीन महीने के एक्सटेंशन की जरूरत है। तुम अकेले काम नहीं कर सकते। तुम्हारी एनालिटिकल थिंकिंग बहुत अच्छी है, लेकिन फिर भी तुम्हें एक्सटेंशन चाहिए।"

यह फैसला हैरान करने वाला था, खासकर इसलिए क्योंकि एक फुल-टाइम सहकर्मी ने उसे बताया था कि उसके पक्का होने के काफी अच्छे चांस हैं। जब वर्कर ने इस घटना के बारे में सोचा, तो उसे उस इंटर्न की स्कूल वाली बात याद आ गई, जिसमें उसने एक क्लासमेट को नीचा दिखाया था। वर्कर ने यह भी बताया कि इस झटके की वजह से उसका एक पर्सनल प्लान भी टल गया। वह नौकरी पक्की होने के बाद अपनी मां का इलाज करवाना चाहता था।

देखिए यह वायरल रेडिट पोस्ट

इस पोस्ट पर ऑनलाइन लोगों ने मिली-जुली प्रतिक्रिया दी। कुछ यूजर्स ने ऑफिस में सीमाएं बनाए रखने की अहमियत पर जोर दिया, तो कुछ ने सहानुभूति जताते हुए इसे एक कड़वा सबक बताया। एक यूजर ने लिखा, "लोग ऑफिस में दोस्त नहीं बनाते - यह सिर्फ सोशल और फॉर्मल बातचीत होती है।" वहीं एक दूसरे यूजर ने कहा कि वह काम से जुड़ी बातें सहकर्मियों से करने से पूरी तरह बचता है।

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Anita Tanvi

अनीता तन्वी। मीडिया जगत में 15 साल से ज्यादा का अनुभव। मौजूदा समय में ये एशियानेट न्यूज हिंदी के साथ जुड़कर एजुकेशन सेगमेंट संभाल रही हैं। इन्होंने जुलाई 2010 में मीडिया इंडस्ट्री में कदम रखा और अपने करियर की शुरुआत प्रभात खबर से की। पहले 6 सालों में, प्रभात खबर, न्यूज विंग और दैनिक भास्कर जैसे प्रमुख प्रिंट मीडिया संस्थानों में राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, ह्यूमन एंगल और फीचर रिपोर्टिंग पर काम किया। इसके बाद, डिजिटल मीडिया की दिशा में कदम बढ़ाया। इन्हें प्रभात खबर.कॉम में एजुकेशन-जॉब/करियर सेक्शन के साथ-साथ, लाइफस्टाइल, हेल्थ और रीलिजन सेक्शन को भी लीड करने का अनुभव है। इसके अलावा, फोकस और हमारा टीवी चैनलों में इंटरव्यू और न्यूज एंकर के तौर पर भी काम किया है।Read More...
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