केरल के राज्यपाल आरिफ खान ने कहा- भारतीय संस्कृति के प्रतिनिधि हैं भगवान राम

Published : Mar 28, 2022, 10:44 AM IST
केरल के राज्यपाल आरिफ खान ने कहा- भारतीय संस्कृति के प्रतिनिधि हैं भगवान राम

सार

वहीं, भोजपुरी स्पीकिंग यूनियन, मॉरीशस गणराज्य की चेयरमैन डॉ. सरिता बुद्धू ने कहा कि मॉरीशस को रामायण का देश कहा जाता है। बहुत पहले मजदूर अपने साथ रामायण लेकर मॉरीशस गए थे। तब से वहां हर चीज में रामायण का पाठ किया जाता है। 

करियर डेस्क. भारतीय जन संचार संस्थान (IIMC) और भोजपुरी संगम के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित 'प्रवासी देशों में राम' विषय को संबोधित करते हुए केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान (Arif Khan) ने कहा कि भगवान राम भारतीय संस्कृति के प्रतिनिधि हैं। उन्होंने कहा कि राम के व्यक्तित्व की विशेषता यह है कि वह हर युग के महानायक हैं। प्रभु राम द्वारा समावेशी समाज की रचना, सामाजिक समरसता और एकता का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि रामकथा की लोकप्रियता भारत में ही नहीं, बल्कि विश्वव्यापी है।

इसे भी पढ़ें- JOB ALERT: असम राइफल्स में रैली भर्ती, जानें कौन कर सकता है अप्लाई, कैसे होगा सिलेक्शन

उन्होंने कहा कि पिछले 100 वर्षों में दुनिया ने विविधता को स्वीकार करना शुरू किया है, जबकि भारत ने ये काम 5000 वर्ष पहले ही शुरू कर दिया था। भारत की संस्कृति अपनी बुनियादी जड़ों से जुड़ी हुई है। भारत का पूरा दर्शन ही राम हैं। भारत की संस्कृति जाति, धर्म और भाषा के आधार पर इंसान को नहीं देखती, बल्कि मानवता के अंदर दिव्यता के आधार पर उसे स्थान देती है। दुनिया में 5 सभ्यताएं सबसे पुरानी हैं। इसमें ईरानी सभ्यता अपने वैभव के लिए, रोम की सभ्यता सुदंरता के लिए, चीन की सभ्यता कौशल एवं कानून के प्रति सम्मान के लिए और तुर्की की सभ्यता बहादुरी के लिए जानी जाती है, लेकिन इन सबसे अलग भारत की सभ्यता ज्ञान और प्रज्ञा के संवर्धन के लिए जानी जाती है।

इसे भी पढे़ं- JOB ALERT: बैंक में नौकरी करने का मौका, 159 पोस्ट के लिए निकली वैकेंसी, जानें क्या है योग्यता

संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए भारतीय जन संचार संस्थान के महानिदेशक प्रो. संजय द्विवेदी ने कहा कि श्रीराम धर्म के साक्षात स्वरूप हैं। अगर आपको धर्म के किसी अंग को देखना है, तो राम का जीवन देखिये। आपको धर्म की असली पहचान हो जाएगी। उन्होंने कहा कि राम उत्तर में जन्में और दक्षिण में उन्होंने धर्म की पताका फहराई। राम पूरे देश में समाए हुए हैं, क्योंकि राम लोगों को जोड़ते हैं। प्रसिद्ध लाइफ कोच एवं उत्कर्ष अकादमी, कानपुर के निदेशक डॉ. प्रदीप दीक्षित ने कहा कि प्रवासी देशों में भारतवंशियों को संबल देने का काम राम ने किया है। आज विश्व के 60 देशों में रामकथा एवं 24 देशों में रामलीला का आयोजन किया जाता है। राम विश्व में भारतीयता के ब्रांड एंबेसडर हैं। 

PREV

Education News: Read about the Latest Board Exam News, School & Colleges News, Admission news in hindi, Cut-off list news - Asianet Hindi

Recommended Stories

School Timings Changed: अब सुबह-सुबह नहीं जाना पड़ेगा स्कूल, इस शहर में बदली क्लास टाइमिंग
BMC Result 2026: कौन चलाता है मुंबई? मेयर या कोई और