
करियर डेस्क. उन कैंडिडेट्स के लिए बड़ी खबर है जो कैंडिडेट्स इंडियन एयरफोर्स (Indian Air Force) में रहकर UPSC की तैयारी करने के लिए सोच रहे हैं। सशस्त्र बल न्यायाधिकरण ने एक बड़ा फैसला किया है। दरअसल, ये फैसला एक दायर याचिका पर किया गया है। बता दें कि कॉर्पोरल आयुष मौर्य और सार्जेंट कुलदीप विभूति ने कोर्ट में एक याचिका दायर की थी। उन्होंने ये याचिका अपने वकील अंकुर छिब्बर के जरिए दायर की थी। आयुष मौर्य ने 2021 में यूपीएससी परीक्षा पास की थी और विभूति ने बिहार सरकार की राज्य स्तरीय परीक्षा पास की थी।
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इस मामले में सुनवाई करते हुए सेना के न्यायाधिकरण ने इंडियन एयरफोर्स के जवानों को सिविल सेवा में जाने की अनुमति देने के लिए कहा है। दरअसल, अभी तक वायु सेना के अधिकारी यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षाओं और राज्य स्तरीय सिविल सेवा परीक्षाओं में सिलेक्ट होने के बाद उन्हें जॉब छोड़ने की अनुमति नहीं दी जाती थी। न्यायमूर्ति राजेंद्र मेनन की अध्यक्षता ने नियम में बदलाव करने को कहा है। उन्होंने कहा कि सेना के जवान एयरफोर्स से दो हफ्ते की छुट्टी लेकर सिविल सर्विस ज्वाइन कर सकते हैं।
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दोनों के वकील छिब्बर ने दायर याचिका में कहा था कि उनके क्लाइंट ने ऑनलाइन आवेदन करने की कोशिश की, लेकिन ऐसा नहीं कर सके। हालांकि, उन्होंने परीक्षाएं दी और पास भी हुए। उन्हें पिछले साल दिसंबर में लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी में शामिल होना था। लेकिन उन्हें बाद में अनुमति नहीं मिली थी। सैन्य अदालत ने इस मामले में कहा कि दो सप्ताह के भीतर दोनों याचिकाकर्ताओं को जरूरी एनओसी जारी कर दी जाए। कोर्ट ने अपने फैसले में यह भी कहा कि याचिकार्ताओं को जरूरी निर्वहन का आदेश भी दिया जाता है।
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