
नई दिल्ली. राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा को लेकर मद्रास हाईकोर्ट ने सोमवार को केंद्र सरकार से सवाल किया। जिसमें कोर्ट ने पूछा है कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार द्वारा लाई गई नीट को केंद्र सरकार रद्द क्यों नहीं करती। दरअसल, नीट में हमशक्ल होने से जुड़े एक मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि केंद्र सरकार पूर्ववर्ती सरकार द्वारा लाई गई विभिन्न योजनाओं को पलट देती है, तो वह मेडिकल प्रवेश परीक्षा या नीट के फैसले को क्यों नहीं पलट देती।
पूछा- गरीब कैसे पाएंगे दाखिला
कोर्ट ने पाया है कि निजी कोचिंग सेंटरों में जाए बिना नीट को उत्तीर्ण करना व मेडिकल कॉलेज में दाखिला पाना असंभव है। जिसके बाद कोर्ट ने सरकार से सवाल किया है कि गरीब छात्र कैसे दाखिला पा सकते हैं, जब सिर्फ धनी वर्ग ही नीट निकाल सकता है। जिसके बाद कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसा कहा गया था कि नीट मेडिकल शिक्षा की लागत को कम करेगा, लेकिन प्रतीत हो रहा कि कोचिंग सेंटरों द्वारा पैसा बनाया जा रहा है।
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