क्या शून्य की खोज हुई थी या अविष्कार? पढ़ें UPSC इंटरव्यू के चौंकाने वाले 5 ट्रिकी सवाल

Published : Jan 09, 2026, 10:00 AM IST

UPSC Interview Tricky Questions and Answers: सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रहे हैं? यहां पढ़ें यूपीएससी इंटरव्यू में पूछे जाने वाले 5 ऐसे ट्रिकी सवाल और उनके तार्किक जवाब, जो अक्सर उम्मीदवारों को उलझा देते हैं।

PREV
15

सवाल: आकाश और अंतरिक्ष में क्या अंतर है?

जवाब: आकाश और अंतरिक्ष को लेकर दृष्टिकोण संदर्भ पर निर्भर करता है। सामान्य और भौतिक अर्थों में, पृथ्वी के ऊपर दिखाई देने वाले वातावरणीय क्षेत्र को हम आकाश या गगन कहते हैं, जहां बादल, पक्षी और वायुमंडलीय घटनाएं होती हैं। वहीं अंतरिक्ष उस क्षेत्र को कहते हैं जो पृथ्वी के वायुमंडल से आगे फैला हुआ है, जहां ग्रह, तारे और आकाशगंगाएं स्थित हैं। धार्मिक और दार्शनिक ग्रंथों में आकाश को सूक्ष्म तत्व के रूप में भी परिभाषित किया गया है। इस प्रकार, आकाश सीमित है जबकि अंतरिक्ष अत्यंत व्यापक और लगभग असीम माना जाता है।

25

सवाल: क्या किसी व्यक्ति को अपने धर्म का प्रचार करने का अधिकार है?

जवाब: हां, किसी भी व्यक्ति को अपने धर्म का प्रचार करने और उसके बारे में दूसरों को जानकारी देने का अधिकार है। हालांकि यह अधिकार तब तक ही मान्य है, जब तक वह स्वेच्छा पर आधारित हो और किसी प्रकार का दबाव, प्रलोभन या जबरदस्ती न की जाए। एक लोकतांत्रिक समाज में धर्म की स्वतंत्रता के साथ-साथ दूसरों की आस्था और विचारों के सम्मान की भी उतनी ही जिम्मेदारी होती है।

35

सवाल: क्या पृथ्वी पूरी तरह गोल है?

जवाब: पृथ्वी पूरी तरह से गोल नहीं है। वैज्ञानिक दृष्टि से पृथ्वी को चपटा गोलाकार (Oblate Spheroid) कहा जाता है। यह ध्रुवों पर थोड़ी चपटी और भूमध्य रेखा के पास थोड़ी उभरी हुई है। ऐसा पृथ्वी के घूर्णन के कारण होता है। इसलिए यह कहना अधिक सटीक होगा कि पृथ्वी लगभग गोल है, लेकिन पूर्ण रूप से नहीं।

45

सवाल: पाप और पुण्य में क्या अंतर है?

जवाब: पाप और पुण्य का संबंध केवल धार्मिक नियमों से नहीं, बल्कि मानव व्यवहार और नैतिकता से भी है। जो कार्य समाज, प्रकृति या किसी व्यक्ति को हानि पहुंचाते हैं और विवेक के विरुद्ध होते हैं, उन्हें पाप कहा जाता है। वहीं जो कर्म दूसरों की भलाई, सहयोग और कल्याण की भावना से किए जाते हैं, वे पुण्य की श्रेणी में आते हैं। इस प्रकार पाप और पुण्य का मूल आधार मानव विवेक और सामाजिक जिम्मेदारी है।

55

सवाल: क्या शून्य (Zero) की खोज हुई थी या उसका आविष्कार किया गया था?

जवाब: शून्य को लेकर यह कहना अधिक उपयुक्त होगा कि उसका आविष्कार हुआ था, न कि केवल खोज। खोज किसी पहले से मौजूद चीज़ की होती है, जबकि शून्य एक अमूर्त गणितीय अवधारणा है, जिसे मानव बुद्धि ने विकसित किया। वैदिक साहित्य में शून्य की अवधारणा के संकेत मिलते हैं, हालांकि वहां इसके आविष्कारक का स्पष्ट उल्लेख नहीं है। ऐतिहासिक रूप से आधुनिक गणित में शून्य को एक संख्या के रूप में व्यवस्थित करने और उसका प्रयोग विकसित करने का श्रेय भारतीय गणितज्ञों को दिया जाता है। इस प्रकार शून्य मानव सभ्यता की बौद्धिक उपलब्धि का उदाहरण है।

सरकारी नौकरियों की नोटिफिकेशन, परीक्षा तिथियां, एडमिट कार्ड, रिज़ल्ट और कट-ऑफ अपडेट्स पाएं। करियर टिप्स, स्किल डेवलपमेंट और एग्ज़ाम गाइडेंस के लिए Career News in Hindi और सरकारी भर्ती से जुड़े ताज़ा अपडेट्स के लिए Sarkari Naukri सेक्शन देखें — नौकरी और करियर जानकारी भरोसेमंद तरीके से यहीं।

AT
About the Author

Anita Tanvi

अनीता तन्वी। मीडिया जगत में 15 साल से ज्यादा का अनुभव। मौजूदा समय में ये एशियानेट न्यूज हिंदी के साथ जुड़कर एजुकेशन सेगमेंट संभाल रही हैं। इन्होंने जुलाई 2010 में मीडिया इंडस्ट्री में कदम रखा और अपने करियर की शुरुआत प्रभात खबर से की। पहले 6 सालों में, प्रभात खबर, न्यूज विंग और दैनिक भास्कर जैसे प्रमुख प्रिंट मीडिया संस्थानों में राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, ह्यूमन एंगल और फीचर रिपोर्टिंग पर काम किया। इसके बाद, डिजिटल मीडिया की दिशा में कदम बढ़ाया। इन्हें प्रभात खबर.कॉम में एजुकेशन-जॉब/करियर सेक्शन के साथ-साथ, लाइफस्टाइल, हेल्थ और रीलिजन सेक्शन को भी लीड करने का अनुभव है। इसके अलावा, फोकस और हमारा टीवी चैनलों में इंटरव्यू और न्यूज एंकर के तौर पर भी काम किया है।Read More...
Read more Photos on

Recommended Stories