
नई दिल्ली. केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईआईटी) अधिनियम संशोधन विधेयक 2020 को बुधवार को मंजूरी दी जिसमें पांच आईआईआईटी को राष्ट्रीय महत्व के संस्थान का दर्जा देने का प्रावधान किया गया है।
मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने संवाददाताओं को बताया
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। बैठक के बाद सूचना प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने संवाददाताओं को बताया कि देश में 25 आईआईआईटी हैं जिनमें से 20 आईआईआईटी को राष्ट्रीय महत्व के संस्थान का दर्जा प्रदान किया जा चुका है ।
आईआईआईटी को राष्ट्रीय महत्व का दर्जा प्रदान करने का निर्णय
उन्होंने कहा कि 5 आईआईआईटी को राष्ट्रीय महत्व के संस्थान का दर्जा साल 2017 में प्रदान नहीं किया जा सका था क्योंकि कई पाठ्यक्रम शुरू नहीं हुए थे । अब ये कोर्स शुरू हो गए हैं। जावड़ेकर ने कहा कि सूरत, भोपाल, भागलपुर, अगरतला और रायचूर में स्थिति इन पांच आईआईआईटी को राष्ट्रीय महत्व का दर्जा प्रदान करने का निर्णय किया गया है । इससे ये संस्थान डिग्रियां प्रदान कर सकेंगे, छात्र पीएचडी कर सकेंगे और दुनिया में इन संस्थानों की साख बनेगी ।
मंत्री ने बताया कि आईआईआईटी में सूचना और प्रौद्योगिकी पर ज्यादा ध्यान दिया जाता है, ऐसे में इन संस्थाओं से छात्रों को तुरंत कैम्पस प्लेसमेंट भी मिल जाता है। आज के फैसले के बाद सभी 25 आईआईआईटी को राष्ट्रीय महत्व का दर्जा मिल जायेगा ।
(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)
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