क्या है पुलित्जर पुरस्कार: क्यों और किसे दिया जाता है, कैसे हुई थी इसकी शुरुआत, जानें कितना मिलता है ईनाम

Published : May 10, 2022, 11:36 AM IST
क्या है पुलित्जर पुरस्कार: क्यों और किसे दिया जाता है, कैसे हुई थी इसकी शुरुआत, जानें कितना मिलता है ईनाम

सार

यह सम्मान हंगरी के रहने वाले जोसेफ पुलित्जर (Joseph Pulitzer) के नाम पर दिया जाता है।  पहली बार इस पुलित्जर पुरस्कार की घोषणा 4 जून 1917 में की गई थी। अमेरिका में दिया जाने वाला एक महत्वपूर्ण सम्मान है।  

करियर डेस्क. फोटो जर्नलिस्ट दानिश सिद्दीकी समेत चार इंडिया जर्नलिस्ट को प्रतिष्टित पुलित्ज़र पुरस्कार (Pulitzer Prize) 2022 से सम्मानित किया गया है। इस सम्मान की घोषणा सोमवार को की गई है। दानिश सिद्दीकी, अदनान आबिदी, सना इरशाद मट्टू और अमित दवे को यह सम्मान दिया गया है। लेकिन क्या आप जानते हैं पुलित्ज़र पुरस्कार क्या है और इसकी शुरुआत कैसे हुई। पहली बार इस पुलित्जर पुरस्कार की घोषणा 4 जून 1917 में की गई थी। यह अमेरिका में दिया जाने वाला एक महत्वपूर्ण सम्मान है। आइए जानते हैं पुलित्जर पुरस्कार के बारे में। 

किसके सम्मान में दिया जाता है ये पुरस्कार
यह सम्मान हंगरी के रहने वाले जोसेफ पुलित्जर (Joseph Pulitzer) के नाम पर दिया जाता है। कहा जाता है कि यह सम्मान जोसेफ के योगदान के लिए दिया जाता है। उन्होंने अपनी वसीयत में कोलंबिया यूनिवर्सिटी में जर्नलिज्म स्कूल शुरू करने और इस पुलित्जर सम्मान की शुरुआत करने के लिए पैसे दिए थे। जोसेफ पुलित्जर का जन्म 10 अप्रैल 1847 को हंगरी में हुआ था।  वो हंगरी-अमेरिकन पॉलिटिशियन होने के साथ-साथ न्यूज पेपर के संपादक थे।  

कब से हुई शुरुआत
जोसेफ की मृत्यु 29 अक्टूबर 1911 को हुई। इस सम्मान की शुरुआत उनकी मौत के तीन साल बाद शुरू हुई। पहली बार यह सम्मान 4 जून 1917 में दिया गया। तब से आज भी अमेरिका में हर साल उनकी याद में यह सम्मान दिया जाता है। इसे अमेरिका का प्रतिष्ठित सम्मान माना जाता है।

कितना ईनाम मिलता है
इस सम्मान को कुल 21 कैटेगरी में दिया जाता है। इसके साथ-साथ ही स्कॉलरशिप भी दी जाती है। इस सम्मान को पाने वाले को प्रमणा पत्र के साथ-साथ  10 हजार डॉलर की नकद राशि भी प्रदान की जाती है। भारतीय रुपए के अनुसार विजेता को करीब 7,72,425 रुपए दिए जाते हैं। 

किसे दिया जाता है यह सम्मान
यह सम्मान हर साल दिया जाता है। पुलित्जर पुरस्का फिक्शन, नाटक, इतिहास, जनसेवा एवं पत्रकारिता से जुड़े लोगों को दिया जाता है। ऐसा कहा जाता है कि इस सम्मान को देना का दूसरा बड़ा मकसद होता है कि इस तरह के सम्मान देने से विजेताओं का साहस बढञता है जबकि बाकि लोग भी इस सम्मान को पाने के लिए हौंसले के साथ अपना काम करते हैं। अलग-अलग फील्ड में नई जानकारी, रिसर्च और रोचक चीजें सामने लाने वालों को यह सम्मान दिया जाता है।  

कैसे होता है सिलेक्शन
यह सम्मान सभी को नहीं मिलता है। सम्मान किसे दिया जाएगा इसका फैसला 5 मेंबर वाली कमेटी तय करती है। इस सम्मान को पाने के लिए एंट्री फीस के रूप में 75 डॉलर देने पड़ते हैं। भारतीय रुपए में करीब 5 हजार रुपए।  इसके साथ-साथ कमेटी द्वारा तय की गई शर्तों को भी पूरा करना पड़ता है।

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