2-18 साल की उम्र पर कोवैक्सीन बेहद असरकारक, भारत बायोटेक ने किया सेकंड-थर्ड फेज की स्टडी के बाद खुलासा

Published : Jun 17, 2022, 11:36 AM ISTUpdated : Jun 17, 2022, 11:39 AM IST
2-18 साल की उम्र पर कोवैक्सीन बेहद असरकारक, भारत बायोटेक ने किया सेकंड-थर्ड फेज की स्टडी के बाद खुलासा

सार

भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड (BBIL) ने शुक्रवार को एक बड़ा खुलासा किया है। BBIL ने कहा कि उसकी कोविड-19 वैक्सीन कोवैक्सिन(Covaxin) सेकंड और थर्ड फेज की स्टडी में बच्चों के ट्रीटमेंट(paediatric) से संबंधित मामलों में सुरक्षित, सहनशील और अत्यधिक इम्युनोजेनिक साबित हुई है।

हैदराबाद. भारत बायोटेक इंटरनेशनल लिमिटेड (BBIL) ने शुक्रवार को एक बड़ा खुलासा किया है। BBIL ने कहा कि उसकी कोविड-19 वैक्सीन कोवैक्सिन(Covaxin) सेकंड और थर्ड फेज की स्टडी में बच्चों के ट्रीटमेंट(paediatric) से संबंधित मामलों में सुरक्षित, सहनशील और अत्यधिक इम्युनोजेनिक साबित हुई है। वैक्सीन निर्माता ने एक मीडिया रिलीज के जरिये कहा कि उसकी स्टडी को असेप्ट करते हुए  मेडिकल जनरल द लैंसेट(The Lancet) में पब्लिश किया गया है।  यह एक इंटरनेशनल पॉपुलर मेडिकल जर्नल है।

जून, 2021 से सितंबर, 2021 तक की गई थी स्टडी
भारत बायोटेक ने 2-18 वर्ष आयु वर्ग के स्वस्थ बच्चों और किशोरों में कोवैक्सिन की सुरक्षा, प्रतिक्रियात्मकता(reactogenicity) और प्रतिरक्षण क्षमता( immunogenicity) का मूल्यांकन करने सेकंड और थर्ड फेज के लिए ओपन-लेबल और मल्टी सेंटर स्टडी आयोजित की थी। जून 2021 से सितंबर 2021 के बीच हुई इस स्टडी के अच्छे रिजल्ट निकले। यह डेटा अक्टूबर 2021 के दौरान केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) को भेजा गया था और 6-18 वर्ष की आयु के बच्चों में इमरजेंसी यूज के लिए मंजूरी दी थी। भारत बायोटेक के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. कृष्णा एला(Dr. Krishna Ella) ने कहा, "बच्चों के लिए वैक्सीन की सुरक्षा महत्वपूर्ण है। हमें यह बताते हुए खुशी हो रही है कि कोवैक्सिन ने अब बच्चों में सुरक्षा और इम्यूनोजेनेसिटी के लिए साबित कर दिया है। Covaxin को एडल्ट और बच्चों के लिए एक सुरक्षित और प्रभावी COVID-19 वैक्सीन विकसित करने, प्रायमरी वैक्सीनेशन और बूस्टर डोज के बाद एक यूनिवर्सल वैक्सीन बनाना है।"

यह भी जानें
कोवैक्सिन भारत में बच्चों को दी जाने वाली 50 मिलियन से अधिक डोज के आंकड़ों के आधार पर एक अत्यधिक सुरक्षित वैक्सीन साबित हुई है। स्टडी के दौरान कोई भी गंभीर साइड इफेक्ट नहीं मिले। जिन 374 में साइड इफेक्ट मिले, वो बहुत मामूली थे। वे एक दिन में ठीक हो गए थे। इसमें भी इंजेक्शन वाली जगह पर मामूली दर्ज सबसे बड़ी प्राब्लम थी।

भारत में कोरोना वैक्सीनेशन का ग्राफ
17 जून सुबह 7 बजे तक भारत का COVID-19 वैक्सीनेशन कवरेज 195.84 करोड़ (1,95,84,03,471) से अधिक हो गया है।12-14 वर्ष के आयु वर्ग के लिए COVID-19 वैक्सीनेशन 16 मार्च, 2022 को शुरू किया गया था। इस उम्र के लोगों को अब तक 3.55 करोड़ (3,55,35,122) से अधिक COVID-19 वैक्सीन की पहली डोज दी जा चुकी है। 

यह भी पढ़ें
corona virus: फिर मिले 12000 से अधिक नए केस, एक्टिव केस बढ़कर 0.15% हुए, जबकि रिकवरी रेट घटकर 98.64%
कोरोना के ये 4 नए लक्षण आए सामने, जो आपके लिए है अब सबसे बड़ा खतरा!

 

PREV

National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.

Recommended Stories

मकर संक्रांति: कहीं गर्दन की हड्डी रेती तो कहीं काटी नस, चाइनीज मांझे की बेरहमी से कांप उठेगा कलेजा
Ariha Shah Case: साढ़े 4 साल से Germany में फंसी मासूम, मौसी ने बताया क्या है पूरा मामला