
रामपुर( Himachal Pradesh). हिमाचल प्रदेश में 12 नवम्बर को विधानसभा चुनाव के लिए वोट डाले जाएंगे। इस चुनाव को अपने पाले में करने के लिए सभी प्रमुख पार्टियों ने पूरी ताकत झोंक दी है। लेकिन आज हम आपको एक ऐसी सीट के बारे में बताने जा रहे हैं जहां 1972 से लगातार कांग्रेस का परचम लहरा रहा है। 45 सालों में वहां किसी अन्य दल का जीत का खाता भी नहीं खुल सका है।
हिमाचल प्रदेश के रामपुर विधानसभा सीट पर लगातार कांग्रेस ही जीतती जा रही है। इस सीट पर 1972 से 2017 तक लगातार कांग्रेस का ही कब्जा रहा है। शिमला जिले और मंडी लोकसभा के अंतर्गत आने वाली रामपुर विधानसभा की सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। यहां हुए सभी 11 चुनावों में से अकेले कांग्रेस ने 10 चुनावों को जीत कर अपना वर्चस्व कायम रखा है। 2017 के चुनावों में कांग्रेस के नन्द लाल ने अपनी जीत की हैट्रिक बनाई थी।
बीजेपी ने बदला प्रत्याशी, कांग्रेस का भरोसा कायम
2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के नंद लाल ने भाजपा के प्रेम सिंह द्रैक को 4,037 मतों से हराया था। इस बार कांग्रेस ने जहां एक बार फिर सीटिंग विधायक नंद लाल पर भरोसा जताया है, वहीं भाजपा ने अपने पुराने चेहरे को बदलकर कौल सिंह नेगी को मैदान में उतारा है। आम आदमी पार्टी ने उदय सिंह डोगरा को अपना प्रत्याशी बनाया है।
2017 में 4037 मतों से जीते थे कांग्रेस प्रत्याशी
2017 में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के नन्द लाल को 25,730 वोट प्राप्त हुए थे। जबकि भाजपा के प्रेम सिंह द्रैक को दूसरे स्थान पर 21,693 वोट मिले थे। दोनों के बीच जीत हार का अंतर 4,037 मतों का रहा था। नंद लाल ने ये लगातार तीसरा चुनाव जीता था इससे पहले 2007 और 2012 में भी उन्होंने जीत दर्ज की थी।
77 हजार मतदाता करते हैं भाग्य का फैसला
रामपुर सुरक्षित विधानसभा सीट पर कुल मतदाता 76994 है। इसमें पुरूष मतदाता 39655 हैं, तो महिला मतदाताओं की संख्या 37339 है। इसके अलावा 221 सर्विस वोटर व अन्य भी हैं। इससे यहां पर कुल वोटरों की संख्या इस बार 77215 है।
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