भारत के पहले वोटर श्याम सरन नेगी का निधन.. 2 नवंबर को दिया था आखिरी बार वोट

Published : Nov 05, 2022, 09:57 AM ISTUpdated : Nov 05, 2022, 10:05 AM IST
भारत के पहले वोटर श्याम सरन नेगी का निधन.. 2 नवंबर को दिया था आखिरी बार वोट

सार

Himachal Pradesh Assembly Election 2022: आजाद भारत के सबसे पहले वोटर मास्टर श्याम सरन नेगी का 106 साल की उम्र में निधन हो गया। उन्होंने रात करीब दो बजे अंतिम सांस ली। बीते 2 नवंबर को उन्होंने जीवन में 34वीं बार वोट डाला था। 

शिमला। Himachal Pradesh Assembly Election 2022: लोगों के बीच मास्टर श्याम सरन नाम से मशहूर भारत के पहले वोटर का शुक्रवार-शनिवार की रात दो बजे निधन हो गया। हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले के रहने वाले श्याम सरन नेगी भारत के पहले वोटर थे। 106 वर्ष की उम्र में उन्होंने दो दिन पहले ही, 2 नवंबर को 34वीं बार हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए पोस्टल बैलेट से वोट दिया था। नेगी ने 1951-52 के पहले आम चुनाव में सबसे पहले मतदान किया था और इस तरह वे आजाद भारत के सबसे पहले वोटर बन गए थे। 

नेगी पेशे से टीचर थे और आदिवासी बहुल जिले किन्नौर के कल्पा गांव में रहते थे। यहीं से उन्होंने बुधवार को 14वीं विधानसभा के लिए पोस्टल बैलट यानी डाक मत पत्र के जरिए अपने जीवन में 34वीं बार मताधिकार का प्रयोग किया था। हालांकि, डाक मत पत्र के लिए वोट उन्होंने पहली बार ही दिया था। इससे पहले तक वे खुद पोलिंग बूथ पर चलकर जाते और वोट देते थे। 

1951 के आम चुनाव में दिया था पहली बार वोट 
नेगी का जन्म जुलाई 1917 में हुआ था और पहली बार वोट उन्होंने 1951 के आम चुनाव में दिया था। वे अब 16 बार लोकसभा चुनाव में वोट दे चुके थे। वे हर लोकसभा, विधानसभा और स्थानीय चुनावों में अपना वोट जरूर डालते थे। 2014 के विधानसभा चुनाव में उन्हें राज्य सरकार और चुनाव आयोग की तरफ से आइकॉन भी बनाया गया था। नेगी अपने लोगों के बीच मास्टर श्याम सरन के नाम से चर्चित थे। 

मौत से पहले भी पूरा किया फर्ज 
किन्नौर जिले के निर्वाचन अधिकारी आबिद हुसैन के मुताबिक, नेगी ने हिमाचल विधानसभा चुनाव के लिए पोलिंग बूथ पर जाकर वोट देने की इच्छा जताई थी, मगर तबीयत खराब होने की वजह से पोस्टल बैलेट के जरिए उन्हें घर पर ही मतदान कराया गया। जाने से पहले भी वे अपना फर्ज नहीं भूले। हुसैन ने बताया कि पुलिस बैंड के साथ राजकीय सम्मान के साथ नेगी की अंत्येष्टि होगी। इसके अलावा प्रशासन की पूरी टीम उनके घर उन्हें श्रद्धांजलि देने जाएगी। नेगी 1940 से 1946 तक वन विभाग में गार्ड रहे थे। 

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