
शिमला। Himachal Pradesh Assembly Election 2022: लोगों के बीच मास्टर श्याम सरन नाम से मशहूर भारत के पहले वोटर का शुक्रवार-शनिवार की रात दो बजे निधन हो गया। हिमाचल प्रदेश के किन्नौर जिले के रहने वाले श्याम सरन नेगी भारत के पहले वोटर थे। 106 वर्ष की उम्र में उन्होंने दो दिन पहले ही, 2 नवंबर को 34वीं बार हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए पोस्टल बैलेट से वोट दिया था। नेगी ने 1951-52 के पहले आम चुनाव में सबसे पहले मतदान किया था और इस तरह वे आजाद भारत के सबसे पहले वोटर बन गए थे।
नेगी पेशे से टीचर थे और आदिवासी बहुल जिले किन्नौर के कल्पा गांव में रहते थे। यहीं से उन्होंने बुधवार को 14वीं विधानसभा के लिए पोस्टल बैलट यानी डाक मत पत्र के जरिए अपने जीवन में 34वीं बार मताधिकार का प्रयोग किया था। हालांकि, डाक मत पत्र के लिए वोट उन्होंने पहली बार ही दिया था। इससे पहले तक वे खुद पोलिंग बूथ पर चलकर जाते और वोट देते थे।
1951 के आम चुनाव में दिया था पहली बार वोट
नेगी का जन्म जुलाई 1917 में हुआ था और पहली बार वोट उन्होंने 1951 के आम चुनाव में दिया था। वे अब 16 बार लोकसभा चुनाव में वोट दे चुके थे। वे हर लोकसभा, विधानसभा और स्थानीय चुनावों में अपना वोट जरूर डालते थे। 2014 के विधानसभा चुनाव में उन्हें राज्य सरकार और चुनाव आयोग की तरफ से आइकॉन भी बनाया गया था। नेगी अपने लोगों के बीच मास्टर श्याम सरन के नाम से चर्चित थे।
मौत से पहले भी पूरा किया फर्ज
किन्नौर जिले के निर्वाचन अधिकारी आबिद हुसैन के मुताबिक, नेगी ने हिमाचल विधानसभा चुनाव के लिए पोलिंग बूथ पर जाकर वोट देने की इच्छा जताई थी, मगर तबीयत खराब होने की वजह से पोस्टल बैलेट के जरिए उन्हें घर पर ही मतदान कराया गया। जाने से पहले भी वे अपना फर्ज नहीं भूले। हुसैन ने बताया कि पुलिस बैंड के साथ राजकीय सम्मान के साथ नेगी की अंत्येष्टि होगी। इसके अलावा प्रशासन की पूरी टीम उनके घर उन्हें श्रद्धांजलि देने जाएगी। नेगी 1940 से 1946 तक वन विभाग में गार्ड रहे थे।
इस राज्य में हर 5 साल में सरकार बदलने का ट्रेंड, क्या 'बागी' बनेंगे किंगमेकर?
भाजपा चाहेगी कुर्सी बची रहे.. जानिए कितनी, कब और कहां रैली के जरिए मोदी करेंगे जयराम ठाकुर की मदद
National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.