क्या जेपी नड्डा-अनुराग ठाकुर की लड़ाई ने डुबोई बीजेपी की नैया? बागियों ने विधानसभा चुनावों में कितना डाला असर

Published : Dec 08, 2022, 03:49 PM ISTUpdated : Dec 08, 2022, 03:52 PM IST
क्या जेपी नड्डा-अनुराग ठाकुर की लड़ाई ने डुबोई बीजेपी की नैया? बागियों ने विधानसभा चुनावों में कितना डाला असर

सार

हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव के नतीजे सामने आने लगे हैं और ट्रेंड्स को देखें तो कांग्रेस पार्टी को हिमाचल में पूर्ण बहुमत मिलने वाला है। सीटों का विश्लेषण करें तो 3 निर्दलीय प्रत्याशी भी चुनाव जीत सकते हैं तो यह भी देखना पड़ेगा कि इनमें से 2 बीजेपी के बागी हैं।  

Himachal Pradesh Vidhansabha Chunav Results 2022. हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस पार्टी स्पष्ट बहुमत की ओर बढ़ रह है और जहां भी बीजेपी जीत रही है, उनका मार्जिन बेहद कम है। जबकि कांग्रेस के प्रत्याशियों की मार्जिन बहुत ज्यादा है। इससे साफ है कि 2022 के विधानसभा चुनावों में कांग्रेस की तरफ जनता का रूझान रहा और हर सीट पर कांग्रेस के पक्ष में वोटिंग हुई। चुनाव विशेषज्ञों की मानें हिमाचल में कांग्रेस की जीत और बीजेपी की हार में बीजेपी के बागियों का बड़ा रोल है। इतना ही नहीं बीजेपी के राष्ट्रीय अक्ष्यक्ष जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर के बीच का तनाव भी बीजेपी की हार का बड़ा कारण है।

पहले बात बीजेपी के बागियों की 
हिमाचल प्रदेश में जब बीजेपी ने टिकट बांटना शुरू किया तभी से बगावत के सुर सुनाई देने लगे। जल्द ही करीब डेढ़ दर्जन बागियों की तस्वीर सामने आ गई। हालांकि पीएम मोदी ने कुछ बागियों से बात करके उन्हें बिठाने की कोशिश की और कामयाब भी रहे लेकिन अंदरखाने बागियों ने बीजेपी की लुटिया डुबोने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी। चुनाव के दौरान कई बीजेपी नेताओं के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए जिसमें वे खुलेआम बीजेपी की हार की बात करते दिखे। नेताओं की सीटें बदलने का भी बुरा असर पड़ा और ज्यादातर जगहों पर भाजपा हार रही है।

दो बड़े नेताओं की लड़ाई कितनी घातक
हिमाचल प्रदेश में चुनाव से पहले ही सीएम चेंज करने की मांग उठी लेकिन पार्टी के बड़े नेताओं ने इस डिमांड को नहीं माना और मामला रफा दफा हो गया। इसके पीछे तर्क यह था कि केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर प्रदेश की राजनीति में एक्टिव होना चाहते थे और उनकी नजर सीएम की पोस्ट पर थी। लेकिन बीजेपी के नेशनल प्रेसीडेंट जेपी नड्डा ने विरोध कर दिया जिसके बाद दोनों नेताओं के बीच तनातनी की बातें सामने आईं। दरअसल, हिमाचल के पूर्व सीएम प्रेमकुमार धूमल जो कि अनुराग ठाकुर के पिता हैं, उनसे और नड्डा की पुरानी अदावत रही है। यही वजह रही कि टिकट बंटावारे में भी बीजेपी प्रदेश में दो खेमों में बंटी रही।

कांग्रेस को किसका मिला फायदा
हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को लेकर भी लोगों में सहानुभूति की लहर दिखी। वीरभद्र सिंह की पत्नी और बेटे दोनों चुनाव लड़े और बड़ी जीत दर्ज करने वाले हैं। वहीं प्रदेश की जनता फिर से वीरभद्र परिवार को ही सीएम की कुर्सी पर देखना चाहती है। स्थानीय लोगों की यही भावना कांग्रेस के लिए वरदान साबित हुई।

यह भी पढ़ें

हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस प्रचंड जीत की ओर, सभी विधायक चंडीगढ़ बुलाए गए, देखें जश्न की 5 खास तस्वीरें
 

PREV

National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.

Recommended Stories

मकर संक्रांति: कहीं गर्दन की हड्डी रेती तो कहीं काटी नस, चाइनीज मांझे की बेरहमी से कांप उठेगा कलेजा
Ariha Shah Case: साढ़े 4 साल से Germany में फंसी मासूम, मौसी ने बताया क्या है पूरा मामला