हिंगांग सीट इलेक्शन रिजल्ट 2022: एन. बीरेन सिंह ने कांग्रेस के पी. शरत चंद्र सिंह को 18,000 वोटों से हराया

Published : Mar 10, 2022, 01:01 AM ISTUpdated : Mar 11, 2022, 01:26 AM IST
हिंगांग सीट इलेक्शन रिजल्ट 2022: एन. बीरेन सिंह ने कांग्रेस के पी. शरत चंद्र सिंह को 18,000 वोटों से हराया

सार

बीरेन सिंह  2012 में दूसरी बार इस सीट से कांग्रेस के विधायक चुने गए। 2017 में एन बीरेन सिंह भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़े और चौथी बार लगातार इस सीट से विधायक चुने गए। उनका ये पांचवां चुनाव है।

Heingang Election Results 2022: हिंगांग विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के एन. बीरेन सिंह (N. Biren Singh) ने कांग्रेस के पी. शरत चंद्र सिंह (P. Sharat Chandra Singh) को 18,271 वोटों से हरा दिया है। बीरेन सिंह को कुल 24,814 वोट मिले, वहीं कांग्रेस उम्मीदवार को 6,543 वोट मिले। वहीं नोटा के तहत 239 वोट दिए गए। बीरेन सिंह ने इस मुकाबले को लगभग एकतरफा अंदाज में जीत दर्ज की। बीरेन को कुल वोटों के 78.54 प्रतिशत वोट मिले, वहीं कांग्रेस प्रत्याशी को केवल 20.71 प्रतिशत वोट मिले।  

हिंगांग सीट की खास बात

मणिपुर विधानसभा चुनाव में इंफाल ईस्ट जिले की हिंगांग सीट सबसे हॉट बनी हुई है। यहां भाजपा से एन.बीरेन सिंह उम्मीदवार हैं। वे 2007 में यहां से विधायक चुने गए थे और मणिपुर के मुख्यमंत्री बने। एन बीरेन सिंह 2016 में कांग्रेस छोड़कर भाजपा में आए थे और पहली बार इस सीट से 2002 में डेमोक्रेटिक रिवॉल्यूशनरी पीपल्स पार्टी के उम्मीदवार के तौर पर विधायक चुने गए थे। बाद में कांग्रेस में शामिल हो गए और 2007 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस से विधायक बने। 2012 में बीरेन सिंह दूसरी बार इस सीट से कांग्रेस के विधायक चुने गए। 2017 में एन बीरेन सिंह भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़े और चौथी बार लगातार इस सीट से विधायक चुने गए। उनका ये पांचवां चुनाव है।

एन बीरेन सिंह ने टीएमसी के प्रत्याशी को हराया था

2017 के चुनाव में एन बीरेन सिंह ने तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार पी. शरत चंद्र सिंह को हराया था। बीरेन सिंह को 10,349 वोट मिले थे, जबकि टीएमसी के शरत चंद्र को 9,233 वोट मिले थे। भाजपा का वोट शेयर 38.29 प्रतिशत था। तृणमूल कांग्रेस का वोट शेयर 33.87 प्रतिशत और कांग्रेस का वोट शेयर 26.88 प्रतिशत था।

इस बार फिर कड़ा मुकाबला

इस बार 2022 के चुनाव में भाजपा से फिर एन बीरेन सिंह प्रत्याशी हैं। जबकि पी. शरत चंद्र सिंह इस बार कांग्रेस से प्रत्याशी हैं। रोचक बात ये है कि इस सीट से कोई तीसरा चुनाव नहीं लड़ रहा है। दोनों के बीच कड़ा मुकबला होने की उम्मीद लगाई जा रही है। हालांकि, पूर्वोत्तर की राजनीति में एन बीरेन सिंह को मंझे हुए खिलाड़ी माना जाता है। बीजेपी ने उनके चेहरे को आगे कर दोबारा से पूर्वोत्तर की सत्ता पर काबिज होने का दांव खेला है।

जानिए एन बीरेन सिंह का करियर

एन बीरेन सिंह मणिपुर के लुवांसंगबम ममंग लेइकाई में एक हिंदू परिवार में जन्मे। बचपन से ही फुटबॉल में दिलचस्पी रही। जब वे 18 साल के थे, तब मणिपुर की राजधानी इंफाल में एक मैच के दौरान सीमा सुरक्षा बलों (बीएसएफ) की फुटबॉल टीम में चुन लिए गए। वह राज्य के बाहर खेलने वाले मणिपुर के पहले खिलाड़ी बने। साल 1981 में डूरंड कप जीतने के लिए बीएसएफ टीम का हिस्सा रहे। अगले साल ही बीएसएफ टीम छोड़ दी। 2018 में चैंपियंस ऑफ चेंज से सम्मानित किया गया। वह काफी वक्त तक पत्रकारिता से भी जुड़े रहे।

PREV

National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.

Recommended Stories

राज्यसभा: 'खुलेआम बेचा जा रहा जहर', आप सांसद राघव चढ्ढा ने उठाया खतरनाक मुद्दा
झगड़ा, बदला या कुछ और? दिल्ली में 3 डिलीवरी एजेंटों ने कैसे और क्यों किया बिजिनेसमैन का मर्डर?