
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में योगी 2.0 में औपचारिक तरीके से घोषणा होने के बाद योगी सरकार एक बार फिर अपने काम में लग चुकी है। सीएम योगी ने 24 घंटे के अंदर ही कैबिनेट बैठक कर कई अहम फैसले लिए। तो वहीं अब योगी सरकार युवाओं को रोजगार के रूप में बड़ा तोहफा देने जा रही है। सरकार ने 100 दिनों में युवाओं को 20 हजार सरकारी नौकरियां और 50 हजार रोजगार के अवसर देने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अगले पांच साल में उत्तर प्रदेश में 5 करोड़ लोगों को स्वरोजगार देने का लक्ष्य तय किया है। उनका संकल्प युवाओं को आगे बढ़ाना और रोजगार देने के संकल्प को तेजी से पूरा करना है।
सरकारी योजनाओं से युवाओं की प्रतिभाओं को निखारा
योगी सरकार की रोजगार देने की नीतियों से उत्तर प्रदेश नित्य नए आयाम लिखने के साथ रोजगार सेंटर के रूप में विकसित हो रहा है। उत्तर प्रदेश सरकार ने पिछले कार्यकाल में भी युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर देने में कोई कमी नहीं रखी। युवाओं को रोजगार स्टार्टअप और औद्योगिक इकाइयों को बढ़ावा देकर दिए। सरकार की कई ऐसी योजनाओं ने युवाओं की प्रतिभा और कौशल को रोजगार में बदलने का काम किया है। सरकार की जैसे एमएसएमई और ओडीओपी योजना ने युवाओं की प्रतिभाओं को निखारने का काम किया है।
जिला और मंडल स्तर पर खुले स्टार्टअप
उत्तर प्रदेश सरकार ने युवाओं के साथ-साथ कामगारों और श्रामिकों कि स्किल मैपिंग के बाद रोजगार दिए। अब दूसरी पारी में योगी सरकार एक बार फिर बिना भेदभाव और भ्रष्टाचार के युवाओं को सरकारी नौकरियों के अवसर देने की योजना को अंतिम रूप दे दिया है। इसके साथ ही भर्तियों में ईमानदारी और शुचिता को प्राथमिकता ही विभागों का उद्देश्य होना चाहिए। इसके लिए निर्देश भी दे दिए गए है। युवाओं को रोजगार मिल सके इसके लिए जिला और मंडल स्तर पर स्टार्टअप को खोलने के लिए भी निर्देश दिए गए हैं। पिछले कार्यकाल में योगी सरकार ने ढ़ाई करोड़ रोजगार और पांच लाख सरकारी नौकरियां युवाओं को दे चुकी हैं।
स्वास्थ्य विभाग में भी हो रहे कई बदलाव
योगी आदित्यनाथ की सरकार बनते ही सभी विभाग सक्रिय हो चुके है। उप मुख्यमंत्री को मिले स्वास्थ्य विभाग में भी कई बदलाव होने जा रहे है। जिसके लिए स्वास्थ्य निदेशक ने आदेश भी जारी कर दिए हैं। दरअसल चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत वह क्लर्क जो एक जिले में सात साल से अधिक समय से तैनात हैं, उनका तबादला किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग के निदेशक डॉ. राजागणपति आर की ओर से सोमवार को सभी मंडलीय अपर निदेशक, अस्पतालों के निदेशक व मुख्य चिकित्सा अधिक्षकों को निर्देश जारी किए गए हैं। उस जारी किए गए आदेश में यह है कि ऐसे लिपिकों को चिन्हित करें जो कार्यालय में एक पटल पर तीन साल, एक कार्यालय में पांच वर्ष और मंडल में दस साल से अधिक लिपिक तैनात है। विभाग को ऐसे क्लर्कों का ब्योरा तैयार कर तीन दिन में भेजें। साल 2022-2023 में स्थानांतरण किए जाने की तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
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