
Ayushmann Khurrana ने पिछले एक दशक से ज्यादा समय में हिंदी सिनेमा में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। उनकी फिल्म चॉइस अक्सर उन कहानियों के इर्द-गिर्द रही है, जो पारंपरिक सोच और स्थापित धारणाओं को चुनौती देती हैं। खास बात यह है कि आयुष्मान ने सिर्फ अलग विषयों वाली फिल्मों का चुनाव नहीं किया, बल्कि कई बार नए और उभरते फिल्ममेकर्स को भी अपनी कहानी कहने का मौका दिया है। अब उनकी आने वाली फिल्म ‘उड़ता तीर’ के साथ नए निर्देशकों के साथ काम करने का यह सिलसिला सात फिल्मों तक पहुंच जाएगा। फिल्म का निर्देशन आकाश ए. कौशिक कर रहे हैं, जो बतौर फीचर डायरेक्टर अपनी शुरुआत कर रहे हैं।
आयुष्मान खुराना का नए निर्देशकों के साथ काम करने का सफर ‘दम लगा के हईशा’ से शुरू हुआ था। इस फिल्म का निर्देशन शरत कटारिया ने किया था। इसके बाद अभिनेता ने लगातार ऐसे फिल्ममेकर्स के साथ काम किया, जिनके लिए वह प्रोजेक्ट उनके करियर के शुरुआती महत्वपूर्ण पड़ावों में शामिल था। उनकी इस खास लिस्ट में ये फिल्में शामिल हैं-
इन फिल्मों के बॉक्स ऑफिस नतीजे एक जैसे नहीं रहे, लेकिन इनका एक साझा पहलू है- आयुष्मान ने ऐसे फिल्ममेकर्स के साथ काम किया, जिनके पास अलग नजरिया और अपनी तरह की कहानी कहने की कोशिश थी।
‘उड़ता तीर’ लेखक आकाश ए. कौशिक के फीचर डायरेक्टोरियल डेब्यू के तौर पर सामने आ रही है। फिल्म को उन्होंने ही लिखा और निर्देशित किया है। यह एक देशभक्ति पर आधारित कॉमेडी बताई जा रही है और 9 अक्टूबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।
नए निर्देशक के साथ काम करने को लेकर आयुष्मान का कहना है कि उनके लिए फिल्म चुनते समय सबसे अहम चीज स्क्रिप्ट होती है। वह इस आधार पर फैसला नहीं करते कि निर्देशक पहली फिल्म बना रहा है या पहले कई प्रोजेक्ट कर चुका है। उनके मुताबिक, अगर कहानी और फिल्ममेकर का विजन उन्हें उत्साहित करता है तो वह उस प्रोजेक्ट का हिस्सा बनना पसंद करते हैं। अभिनेता ने यह भी कहा कि उनके करियर के कुछ यादगार अनुभव नए लोगों के साथ काम करने से आए हैं।
आयुष्मान ने अपने काम करने के तरीके को लेकर कहा कि उनके लिए स्क्रिप्ट सबसे पहले आती है। उनके अनुसार, वह यह नहीं देखते कि कोई फिल्ममेकर पहली फिल्म निर्देशित कर रहा है या दसवीं। वह यह देखना चाहते हैं कि कहानी में ऐसा क्या है जो उन्हें उत्साहित करे।
अभिनेता का मानना है कि नए फिल्ममेकर्स अपने साथ एक अलग ऊर्जा और ताजगी लेकर आते हैं। उनके पास किसी जानी-पहचानी चीज को नए नजरिए से देखने का साहस भी हो सकता है। आयुष्मान के मुताबिक, जब किसी कहानी के पीछे फिल्ममेकर का विश्वास मजबूत हो, तो उसे समर्थन मिलना चाहिए।
यही सोच उनके करियर की फिल्म चॉइस में भी दिखाई देती है। बॉडी इमेज और इरेक्टाइल डिस्फंक्शन जैसे विषयों से लेकर LGBTQ+ प्रेम, असामान्य रिश्तों और आम आदमी पर पड़ने वाले सामाजिक दबावों तक, उनकी कई फिल्मों ने मुश्किल और कम चर्चा वाले विषयों को मनोरंजक अंदाज में सामने रखा है।
‘उड़ता तीर’ में आयुष्मान खुराना एक अलग तरह की भूमिका में नजर आएंगे। फिल्म में वह बिलाल अहमद का किरदार निभा रहे हैं, जो एक पाकिस्तानी जासूस है। कहानी में याददाश्त खोने के बाद वह खुद को भारतीय समझने लगता है। फिल्म की कहानी जासूसी, कॉमेडी और देशभक्ति के तत्वों को एक साथ जोड़ती है। ट्रेलर लॉन्च के दौरान आयुष्मान ने इसे ‘पैट्रियॉटिक कॉमेडी’ बताया था। उन्होंने यह भी कहा था कि वह स्क्रिप्ट की मांग के मुताबिक खुद को ढालते हैं और खुद को ‘डायरेक्टर का बेबी’ मानते हैं। यानी किरदार और फिल्म की जरूरत के हिसाब से निर्देशक की सोच के अनुरूप चलना उनके लिए महत्वपूर्ण है।
‘उड़ता तीर’ को लेकर आयुष्मान ने कहा कि इस फिल्म में उन्हें केवल इसका जॉनर ही आकर्षित नहीं करता था, बल्कि वह पूरी दुनिया भी महत्वपूर्ण थी जिसे आकाश ए. कौशिक ने तैयार किया है। उनके अनुसार ऐसी स्क्रिप्ट कम मिलती है, जो एक साथ अराजक, मजेदार, भावनात्मक और किसी बड़े विचार से जुड़ी हो। उन्होंने कहा कि वह आकाश के विजन के सामने खुद को पूरी तरह समर्पित करना चाहते थे और किरदार को उन्हें किसी अनपेक्षित दिशा में ले जाने देना चाहते थे।
आयुष्मान के लिए नए निर्देशकों के साथ काम करना किसी एक फिल्म तक सीमित प्रयोग नहीं है। यह उनकी व्यापक क्रिएटिव सोच का हिस्सा रहा है। उनकी फिल्मोग्राफी में ऐसे फिल्ममेकर्स के साथ बार-बार काम करने की कोशिश दिखाई देती है, जो जोखिम लेने और जानी-पहचानी कहानियों के तय फॉर्मूले से अलग जाने के लिए तैयार हों।
‘दम लगा के हईशा’ से शुरू होकर ‘उड़ता तीर’ तक पहुंचा यह सात फिल्मों का सफर सिर्फ सात निर्देशकों के साथ काम करने की सूची नहीं है। यह आयुष्मान खुराना की उस क्रिएटिव सोच को भी दिखाता है, जिसमें वह नए टैलेंट को शुरुआती दौर में पहचानने और उनके विचारों पर भरोसा करने की कोशिश करते रहे हैं।
उनके लिए निर्देशक का अनुभव या स्थापित नाम ही सबसे बड़ा पैमाना नहीं है। कहानी, उसका नजरिया और उसे पर्दे पर उतारने का विश्वास भी उतना ही मायने रखता है। यही वजह है कि उनकी फिल्मोग्राफी में ऐसे किरदार और विषय बार-बार नजर आते हैं, जो मुख्यधारा की हिंदी फिल्मों के पारंपरिक हीरो से अलग दिखाई देते हैं। अब ‘उड़ता तीर’ के जरिए यह सिलसिला एक और नए फिल्ममेकर तक पहुंच रहा है। फिल्म 9 अक्टूबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
मनोरंजन जगत की सबसे खास खबरें अब एक क्लिक पर। फिल्में, टीवी शो, वेब सीरीज़ और स्टार अपडेट्स के लिए Bollywood News in Hindi और Entertainment News in Hindi सेक्शन देखें। टीवी शोज़, टीआरपी और सीरियल अपडेट्स के लिए TV News in Hindi पढ़ें। साउथ फिल्मों की बड़ी ख़बरों के लिए South Cinema News, और भोजपुरी इंडस्ट्री अपडेट्स के लिए Bhojpuri News सेक्शन फॉलो करें — सबसे तेज़ एंटरटेनमेंट कवरेज यहीं।