क्यों न देखें ‘Don't Be Shy’?
कहानी कई जगह पहले से पता चलती है
फिल्म की सबसे बड़ी परेशानी इसकी कहानी का अनुमानित होना है। कुछ घटनाएं आगे क्या होने वाला है, इसका अंदाजा पहले ही दे देती हैं।
गहराई की कमी महसूस होती है
फिल्म महत्वाकांक्षा, दोस्ती, प्यार, असुरक्षा और बड़े होने जैसे कई मुद्दों को छूती है, लेकिन हर विषय पर ज्यादा देर नहीं ठहरती। इसी वजह से कुछ इमोशनल हिस्से उतना असर नहीं छोड़ पाते।
करीब ढाई घंटे की लंबाई
फिल्म की लंबाई कुछ दर्शकों के लिए परेशानी बन सकती है। खासकर तब, जब कहानी के कुछ हिस्से पहले से अनुमानित लगने लगें। एक रिव्यू में भी लंबी अवधि को फिल्म की गति पर असर डालने वाली बात बताया गया है।
जरूरत से ज्यादा 'कूल' बनने की कोशिश
फिल्म युवा दर्शकों की भाषा और पॉप-कल्चर को पकड़ने की कोशिश करती है, लेकिन कुछ जगहों पर यह कोशिश थोड़ी बनावटी महसूस हो सकती है।
इमोशनल असर सीमित रह जाता है
फिल्म का विषय ऐसा है, जिसमें दोस्ती, प्यार, असफलता और खुद को तलाशने जैसे भावनात्मक पहलू हैं। लेकिन कहानी इन भावनाओं को ज्यादा गहराई से एक्सप्लोर नहीं कर पाती।
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