काव्या मारन के फाइनेंशियल बैकग्राउंड को समझने के लिए सन ग्रुप के बड़े बिजनेस अंपायर को देखना जरूरी है। उनके पिता कलानिधि मारन ने टेलीविजन ब्रॉडकास्टिंग, फिल्म प्रोडक्शन, रेडियो और डिजिटल एंटरटेनमेंट के जरिए भारत की मीडिया इंडस्ट्री में अपनी एक बड़ी पहचान बनाई है।
सन टीवी नेटवर्क कई दक्षिण भारतीय भाषाओं में टेलीविजन चैनल चलाता है। इसके अलावा सन नेक्स्ट (Sun NXT) और रेड एफएम (Red FM) जैसे प्लेटफॉर्म के जरिए रेडियो और डिजिटल स्ट्रीमिंग में भी इसकी मजबूत मौजूदगी है। सन पिक्चर्स के जरिए ग्रुप का एंटरटेनमेंट बिजनेस फिल्म प्रोडक्शन तक भी फैला हुआ है।
मारन परिवार की कुल बिजनेस संपत्ति लगभग 2.57 बिलियन डॉलर बताई गई है, जो 74 रुपये प्रति डॉलर की अनुमानित विनिमय दर के हिसाब से करीब 19,000 करोड़ रुपये बैठती है। डॉलर का यह आंकड़ा और रुपये में इसकी कीमत सिर्फ अनुमान हैं। परिवार की इस कुल बिजनेस संपत्ति को काव्या की पर्सनल नेटवर्थ नहीं समझना चाहिए।
ग्रुप के स्पोर्ट्स इन्वेस्टमेंट्स ने इसकी पहुंच को भारत के बाहर भी बढ़ा दिया है। सनराइजर्स हैदराबाद के साथ-साथ इसके क्रिकेट पोर्टफोलियो में दक्षिण अफ्रीका की SA20 लीग में खेलने वाली 'सनराइजर्स ईस्टर्न केप' और 'द हंड्रेड' में विस्तार के तहत खरीदी गई इंग्लैंड की 'नॉर्दर्न सुपरचार्जर्स' भी शामिल हैं।
ये निवेश दिखाते हैं कि परिवार का बिजनेस मीडिया और प्रोफेशनल स्पोर्ट्स दोनों में फैला हुआ है। फ्रेंचाइजी मैनेजमेंट में काव्या की भागीदारी ने उन्हें अपने परिवार की स्थापित बिजनेस साख से अलग एक सार्वजनिक पहचान दिलाने में मदद की है।