कोर्ट में कांप रहे थे संजय दत्त! 1993 ब्लास्ट केस में सजा ऐलान के बाद कैसा था संजू बाबा का हाल?

Published : Jul 14, 2026, 04:38 PM IST
Sanjay Dutt 1993 Mumbai blasts case

सार

1993 मुंबई ब्लास्ट केस में संजय दत्त को सजा सुनाए जाने के बाद कोर्टरूम में क्या हुआ था, इसका खुलासा उज्ज्वल निकम ने एक हालिया इंटरव्यू में किया है, जो वायरल है।

1993 मुंबई सीरियल ब्लास्ट केस से जुड़े संजय दत्त के मुकदमे को लेकर स्पेशल पब्लिक प्रोसिक्यूटर रहे उज्ज्वल निकम ने सालों बाद बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि जब कोर्ट ने आर्म्स एक्ट के तहत संजय दत्त को दोषी ठहराया, तब एक्टर कोर्टरूम में बेहद इमोशनल और घबराए हुए थे। निकम ने यह भी दावा किया कि उन्होंने संजय दत्त को खुद संभलने और सीधे खड़े होने की सलाह दी थी, क्योंकि मीडिया की नजरें कोर्ट पर टिकी थीं। साथ ही उन्होंने बताया कि उन्होंने संजू के लिए अधिकतम सात साल की सजा की मांग क्यों की थी।

1993 मुंबई ब्लास्ट केस में संजय दत्त पर क्या आरोप थे?

1993 मुंबई सीरियल ब्लास्ट के बाद संजय दत्त को अवैध रूप से AK-56 राइफल और अन्य प्रतिबंधित हथियार रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उन पर आतंकवाद और आपराधिक साजिश के आरोप भी लगे, लेकिन अदालत ने सबूतों के अभाव में इन आरोपों से बरी कर दिया। हालांकि, उन्हें आर्म्स एक्ट के तहत दोषी ठहराया गया।

यह भी पढ़ें : अक्षय कुमार की 'वेलकम टू द जंगल' से बाहर क्यों हुए संजय दत्त? पहली बार सामने आई असली वजह

उज्ज्वल निकम ने संजय दत्त के लिए 7 साल की सजा क्यों मांगी?

लल्लनटॉप को दिए एक इंटरव्यू में उज्ज्वल निकम ने कहा कि उन्होंने अदालत से संजय दत्त को आर्म्स एक्ट के तहत अधिकतम सात साल की सजा देने की मांग की थी। उनके मुताबिक, बचाव पक्ष पहली गलती का हवाला देकर राहत चाहता था, लेकिन उनका तर्क था कि संजय दत्त ने दाऊद इब्राहिम के नेटवर्क से जुड़े व्यक्ति से हथियार स्वीकार किए थे, इसलिए उन्हें प्रोबेशन का लाभ नहीं मिलना चाहिए। बकौल उज्जवल निकम,

मेरा तर्क था कि संजय दत्त को प्रोबेशन ऑफ ऑफेंडर्स एक्ट का लाभ नहीं मिलना चाहिए। उन्हें आर्म्स एक्ट के तहत दोषी ठहराया गया था। साजिश के आरोप से बरी किए जाने पर हमें कोई आपत्ति नहीं थी, लेकिन मैंने अदालत से उन्हें आर्म्स एक्ट के तहत सात साल की सजा देने की मांग की थी।

कोर्टरूम में संजय दत्त की हालत कैसी थी?

उज्ज्वल निकम ने बताया कि फैसला सुनाए जाने के तुरंत बाद संजय दत्त बुरी तरह कांप रहे थे। उन्होंने एक्टर से कहा, "संजू, मीडिया देख रही है, प्लीज सीधे खड़े हो जाओ।" निकम के मुताबिक, इसके बाद उन्होंने पुलिस से संजय दत्त को ले जाने के लिए कहा। उनका मानना था कि अगर उस समय उन्होंने एक्टर को संभाला नहीं होता तो मीडिया उन्हें ही इस मामले का खलनायक बना देती।

यह भी पढ़ें : 'मुन्ना भाई 3' 19 साल बाद भी क्यों नहीं बन पा रही? 3 स्क्रिप्ट तैयार, पर फंसा है यह एक पेंच!

लोगों की सहानुभूति पर क्या बोले उज्ज्वल निकम ?

निकम ने कहा कि सुनवाई के दौरान जब भी संजय दत्त कोर्ट में भावुक होते थे, लोगों की सहानुभूति स्वाभाविक रूप से उनकी ओर चली जाती थी। वहीं, प्रोसिक्यूटर होने के कारण उन्हें लगातार आलोचनाओं का भी सामना करना पड़ा। ट्रायल कोर्ट की लंबी सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने 2013 में संजय दत्त की सजा बरकरार रखते हुए उन्हें पांच साल की जेल की सजा सुनाई। पहले से काटी गई सजा को समायोजित करने के बाद उन्होंने 2016 में अपनी सजा पूरी की और फिर फिल्मों में वापसी की।

PREV

मनोरंजन जगत की सबसे खास खबरें अब एक क्लिक पर। फिल्में, टीवी शो, वेब सीरीज़ और स्टार अपडेट्स के लिए Bollywood News in Hindi और Entertainment News in Hindi सेक्शन देखें। टीवी शोज़, टीआरपी और सीरियल अपडेट्स के लिए TV News in Hindi पढ़ें। साउथ फिल्मों की बड़ी ख़बरों के लिए South Cinema News, और भोजपुरी इंडस्ट्री अपडेट्स के लिए Bhojpuri News सेक्शन फॉलो करें — सबसे तेज़ एंटरटेनमेंट कवरेज यहीं।

Read more Articles on

Recommended Stories

'तू क्या हीरो बनेगा'- गांववाले उड़ाते थे गोविंदा का मजाक, जानें दिलचस्प किस्सा
'वैम्पायर डायरीज़' फेम पॉल वेस्ली ने की शादी, नैटली कुकेनबर्ग संग लिए सात फेरे