तमिल सुपरस्टार थलापति विजय की ऐतिहासिक चुनावी जीत ने एक बार फिर साउथ सिनेमा और राजनीति के गहरे रिश्ते को चर्चा में ला दिया है। विजय से पहले भी कई बड़े फिल्मी सितारे पर्दे से निकलकर मुख्यमंत्री की कुर्सी तक पहुंचे और दशकों तक राजनीति पर राज किया।
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में थलापति विजय की पार्टी TVK की बड़ी जीत ने साउथ इंडिया की राजनीति में नया अध्याय जोड़ दिया है। लंबे समय से दक्षिण भारत में फिल्मों और राजनीति का गहरा रिश्ता रहा है, जहां सुपरस्टार्स ने अपनी लोकप्रियता को राजनीतिक ताकत में बदला। विजय की सफलता ने एक बार फिर साबित कर दिया कि साउथ में सिनेमा सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि जनता से सीधा भावनात्मक जुड़ाव भी है, जो चुनावी नतीजों तक असर डालता है। अब नज़र डालें उन सेलेब्स पर, जो मुख्यमंत्री रह चुके हैं…
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NTR: फिल्मों के भगवान से आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री तक
एन. टी. रामाराव यानी NTR ने 1949 की तेलुगु फिल्म ‘मना देशम’ से अभिनय की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने ‘पल्लेटूरी पिल्ला’ और ‘राजू पेडा’ जैसी फिल्मों से जबरदस्त लोकप्रियता हासिल की। साल 1982 में उन्होंने तेलुगु देशम पार्टी की स्थापना की, जो आंध्र प्रदेश की पहली क्षेत्रीय पार्टी बनी। NTR ने 1983 से 1995 के बीच चार बार आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में काम किया और साउथ की राजनीति में फिल्मी सितारों की ताकत का सबसे बड़ा उदाहरण बने।
MGR: सुपरस्टार, जिसने तमिलनाडु की राजनीति पर किया राज
एम. जी. रामचंद्रन यानी MGR ने 1936 में ‘साथी लीलावती’ से तमिल फिल्मों में कदम रखा था। पांच दशकों के करियर में उन्होंने 135 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। पहले कांग्रेस और फिर DMK से जुड़े MGR ने 1972 में AIADMK पार्टी बनाई। उनकी फिल्मी लोकप्रियता इतनी बड़ी थी कि 1977 में वह तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बने और 1987 में निधन तक सत्ता में बने रहे। उन्होंने कई चुनावों में पार्टी को ऐतिहासिक जीत दिलाई और खुद को जनता के सबसे बड़े नेता के रूप में स्थापित किया।
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जानकी रामचंद्रन: 24 दिन की मुख्यमंत्री, लेकिन इतिहास में दर्ज नाम
एमजीआर की पत्नी और एक्ट्रेस जानकी रामचंद्रन ने भी राजनीति में कदम रखा था। MGR के निधन के बाद 1988 में वह तमिलनाडु की मुख्यमंत्री बनीं। हालांकि उनका कार्यकाल सिर्फ 24 दिनों का रहा, लेकिन वह राज्य की पहली महिला मुख्यमंत्री बनीं। साउथ इंडिया की राजनीति में उनका नाम हमेशा उस दौर के महत्वपूर्ण चेहरे के तौर पर याद किया जाता है, जब फिल्मों से जुड़े सितारों का राजनीति में जबरदस्त प्रभाव दिखाई देता था।
जयललिता: सुपरहिट एक्ट्रेस से ‘अम्मा’ बनने तक का सफर
जे. जयललिता ने 1965 की तमिल फिल्म ‘वेन्निरा आडई’ से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की थी। 1965 से 1973 के बीच उन्होंने कई बड़ी हिट फिल्में दीं। बाद में वह MGR के साथ AIADMK से जुड़ीं और उनके निधन के बाद राजनीतिक वारिस बनकर उभरीं। 1991 में पहली बार तमिलनाडु की मुख्यमंत्री बनीं जयललिता ने कुल छह कार्यकाल पूरे किए। ‘अम्मा’ के नाम से मशहूर जयललिता ने 14 साल से ज्यादा समय तक सत्ता संभाली और तमिल राजनीति की सबसे प्रभावशाली महिला नेता बनीं।
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करुणानिधि: फिल्मों के लेखक जिन्होंने राजनीति की पटकथा लिखी
एम. करुणानिधि भले अभिनेता नहीं थे, लेकिन तमिल सिनेमा से उनका रिश्ता बेहद गहरा था। उन्होंने फिल्म ‘राजकुमारी’ के लिए पटकथा लिखी थी, जिसमें MGR मुख्य भूमिका में थे। करुणानिधि ने 1957 में राजनीति में कदम रखा और बाद में पांच बार तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बने। उन्होंने करीब दो दशकों तक राज्य की राजनीति को दिशा दी। उनकी लेखनी और राजनीतिक रणनीति दोनों ने उन्हें साउथ इंडिया के सबसे बड़े नेताओं में शामिल कर दिया।
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