Fact Check; होली पर किसी कीमत पर न खरीदें चीनी रंग और मास्क, कोरोना के जरिए आ जाएगी सबकी मौत

Published : Feb 21, 2020, 07:28 PM ISTUpdated : Feb 21, 2020, 07:31 PM IST
Fact Check; होली पर किसी कीमत पर न खरीदें चीनी रंग और मास्क, कोरोना के जरिए आ जाएगी सबकी मौत

सार

होली में जो रंग-गुलाल और मास्क इस्तेमाल होते हैं वे चीन से आते हैं। इनमें जो कच्चा माल इस्तेमाल होता है वह चीन के हुनेई शहर में बनता है जहां कोरोना वायरस का कहर शुरू हुआ। इसलिए चीन से आने वाले सामान का इस्तेमाल न करें।

नई दिल्ली. चीन में कोरोना वायरस ने अब तक 2200 से ज्यादा लोगों की जान ले ली है। वहीं 46 हजार से ज्यादा लोग इससे संक्रमित बताए जा रहे हैं। चीन के वुहान शहर को पूरी तरह बंद कर दिया गया है। कोरोना को लेकर भारत में भी लोग सतर्क हैं। इस बीच सोशल मीडिया पर होली के त्यौहार को लेकर चीनी उत्पादों न खरीदने की बात कही जा रही है। दावा किया जा रहा है कि, चीनी उत्पाद खरीदने पर कोरोना फैल सकता है। 

जानलेवा कोरोना वायरस के कारण चीन में लोगों के घरों पर ताले पड़े हैं और मरीजों से अस्पताल भरते जा रहे हैं। कोरोना वायरस का अभी तक चीनी वैज्ञानिक कोई इलाज नहीं ढूंढ़ पाए हैं। इस वायरस का संक्रमण लोगों में तेजी से फैल रहा है वहीं चीन के अलावा भी कई देश इसकी चपेट में आ गए हैं। भारत में इस वायरस को लेकर कई तरह के दावे वायरल हो रहे हैं। 

वायरल पोस्ट क्या है?

अब होली के त्यौहार पर कोरोना से बचने की बात कही जा रही है। सोशल मीडिया पर होली पर चीनी उत्पाद न खरीदने का दावा किया जा रहा है। इंस्टेंट मेसेजिंग ऐप वॉट्सऐप पर एक ग्राफिक कार्ड शेयर किया जा रहा है जिसमें लोगों से होली के त्योहार पर चीन में बने रंग-गुलाल न खरीदने की अपील की गई है। इस ग्राफिक कार्ड में ऊपर ‘World Health Organisation’ और ‘भारत सरकार’ लिखा हुआ है।

क्या दावा किया जा रहा? 

इस ग्राफिक कार्ड में लिखा है कि होली में जो रंग-गुलाल और मास्क इस्तेमाल होते हैं वे चीन से आते हैं। इनमें जो कच्चा माल इस्तेमाल होता है वह चीन के हुनेई शहर में बनता है जहां कोरोना वायरस का कहर शुरू हुआ। इसलिए चीन से आने वाले सामान का इस्तेमाल न करें।

सच्चाई क्या है? 

कोरोना वायरस के कहर को देखते हुए भारत सरकार ने चीनी उत्पादों को लेकर इस तरह की कोई अडवाइजरी जारी नहीं की है। फर्जी खबरें फैलाने वालों ने इस ग्राफिक कार्ड के ऊपर ‘World Health Organisation’ लिख दिया है। हालांकि, जिस तरह इस ग्राफिक कार्ड में व्याकरण और वाक्यों की अशुद्धियां दिख रही हैं उसी से स्पष्ट हो जाता है कि यह फर्जी है।

ये निकला नतीजा

हमें इस मामले में अब तक कोई भी विश्वसनीय मीडिया रिपोर्ट नहीं मिली जिसमें सरकार द्वारा चीनी उत्पादों को न खरीदने के लिए कोई अडवाइजरी जारी की गई हो। इसके अलावा हमें किसी भी मंत्रालय द्वारा इस संबंध में जारी की गई कोई प्रेस रिलीज भी नहीं मिली।

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