उज्जैन. 16 दिसंबर, शुक्रवार को जैसे ही सूर्य वृश्चिक से निकलकर धनु राशि में प्रवेश करेगा, वैसे ही खर मास आरंभ हो जाएगा। ये खर मास 14 जनवरी 2023 तक रहेगा। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. प्रवीण द्विवेदी के अनुसार, धर्म ग्रंथों में खर मास (Kharmas 2022) का विशेष महत्व बताया गया है। इस महीने में विवाद आदि मांगलिक कार्यों पर रोक रहती है, वहीं विष्णु पूजा का विशेष महत्व इस महीने में रहता है। और भी कई विशेष नियमों का पालन इस महीने में करने का विधान है। आज हम आपको इन्हीं नियमों के बारे में बता रहे हैं…
खर मास के दौरान दान करने का विशेष महत्व बताया गया है। इस महीने में अगर कोई याचक यानी मांगने वाला हमारे दरवाजे पर कुछ मांगे जैसे भोजन या पैसे तो अपनी इच्छा अनुसार, उसे कुछ न कुछ जरूर दें, उसे खाली हाथ न लौटाएं। ऐसा करने से भगवान की कृपा हम पर बनी रहेगी।
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ज्योतिषियों के अनुसार, खर मास के दौरान सूर्य नीच स्थिति में होता है, यानी उससे संबंधित शुभ फल पूरे नहीं मिल पाते, जिसके चलते इस महीनेमें कोई भी बड़ी खरीदी और इनवेस्टमेंट करने से बचना चाहिए। अगर ऐसा करना बहुत जरूरी हो तो किसी योग्य ज्योतिषी से सलाह लेकर ही ये काम करें तो बेहतर रहेगा।
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खर मास के दौरान विवाद आदि शुभ कार्य करने की मनाही है। अगर कोई व्यक्ति ऐसा करता है तो निकट भविष्य में उसे कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। विवाह के अलावा नए घर में प्रवेश करने से भी बचना चाहिए, इससे भी समस्याएं आ सकती हैं।
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खर मास के दौरान ब्रह्मचर्य का पालन पूरी निष्ठा के साथ करना चाहिए। सिर्फ शारीरिक रूप से ही नहीं बल्कि मानसिक रूप से इस बात का ध्यान रखना चाहिए। यानी किसी भी तरह के बुरे विचारों के बारे में सोचना भी नहीं चाहिए। किसी के विरुद्ध अपशब्दों का उपयोग भी न करें।
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धर्म ग्रंथों के अनुसार, खर मास में तामसिक भोजन जैसे मांसाहार नहीं खाना चाहिए। इसके अलावा, प्याज, लहसुन, अदरक आदि चीजें जिससे शरीर में उत्तेजना पैदा हो, नहीं खाना चाहिए। साथ ही शराब, सिगरेट, तंबाकू जैसे व्यसन भी इस दौरान नहीं करना चाहिए। खर मास में इन सभी बातों का विशेष रूप से ध्यान रखा जाता है।
Disclaimer : इस आर्टिकल में जो भी जानकारी दी गई है, वो ज्योतिषियों, पंचांग, धर्म ग्रंथों और मान्यताओं पर आधारित हैं। इन जानकारियों को आप तक पहुंचाने का हम सिर्फ एक माध्यम हैं। यूजर्स से निवेदन है कि वो इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें। आर्टिकल पर भरोसा करके अगर आप कुछ उपाय या अन्य कोई कार्य करना चाहते हैं तो इसके लिए आप स्वतः जिम्मेदार होंगे। हम इसके लिए उत्तरदायी नहीं होंगे।
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