भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन प्रमुख कृष्ण मंदिरों में विशेष आयोजन किए जाते हैं। दर्शनों के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ती है। इस बार ये पर्व 12 अगस्त (कुछ स्थानों पर 11 अगस्त) को है। इस मौके पर हम आपको भगवान श्रीकृष्ण के प्रमुख मंदिरों के बारे में बता रहे हैं, जो इस प्रकार हैं…
वृंदावन का बांके बिहारी मंदिर
मथुरा के पास वृंदावन में रमण रेती पर बांके बिहारी का प्रसिद्ध मंदिर है। यह भारत के प्राचीन और प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। कहा जाता है कि इस मन्दिर का निर्माण स्वामी श्री हरिदास जी के वंशजों के सामूहिक प्रयास से संवत 1921 के लगभग किया गया।
210
बरसाना का राधा-कृष्ण मंदिर
मथुरा के पास ही बरसाना है। बरसाना के बीचो-बीच एक पहाड़ी है। उसी के ऊपर राधा रानी मंदिर है। राधा-कृष्ण को समर्पित इस भव्य और सुन्दर मंदिर का निर्माण राजा वीर सिंह ने 1675 में करवाया था। दरअसल, राधा रानी बरसाने की ही रहने वाली थीं।
310
द्वारिका का मंदिर
भगवान श्रीकृष्ण ने जब मथुरा छोड़ी तो गुजरात के समुद्र तट पर द्वारिका नगरी का निर्माण किया। इसीलिए श्रीकृष्ण को द्वारिकाधीश भी कहते हैं। ये मंदिर चार धामों में से एक है। रणछोड़जी का मंदिर द्वारिका का सबसे बड़ा और भव्य मंदिर है।
410
गोकुल का रंगबिहारी मंदिर
गोकुल मथुरा से 15 किलोमीटर दूर है। यहां का रंगबिहारीजी मंदिर बहुत ही प्रसिद्ध है। इस मंदिर की की मुख्य प्रतिमा ठीक वैसी ही है जैसा वर्णन स्वामी ज्ञानदास जी ने भगवान कृष्ण का किया है क्योंकि उन्हें भगवान के दर्शन का सौभाग्य मिला था।
510
जगन्नाथ मंदिर
उड़ीसा राज्य में पुरी का जगन्नाथ मंदिर चार धामों में से एक है। मूलत: यह मंदिर विष्णु के रूप पुरुषोत्तम नीलमाधव को समर्पित है। कहते हैं कि द्वापर के बाद भगवान कृष्ण पुरी में निवास करने लगे और बन गए जग के नाथ अर्थात जगन्नाथ। यहां भगवान जगन्नाथ बड़े भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा के साथ विराजते हैं।
610
मथुरा जन्मभूमि का मंदिर
मथुरा भगवान श्रीकृष्ण की जन्म स्थली है। यहां का श्रीकृष्ण मंदिर विश्व प्रसिद्ध है। आताताइयों ने कई बार इस मंदिर को नष्ट किया, लेकिन भक्तों की श्रद्धा एवं विश्वास में कोई कमी नहीं आई। आज भी हर साल भारी संख्या में कृष्ण उपासक यहां आकर अपने को धन्य महसूस करते हैं।
710
सांदीपनि आश्रम उज्जैन
मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध तीर्थ उज्जैन में सांदीपनि आश्रम में भगवान श्रीकृष्ण के पढ़ाई की थी। इसीलिए यह स्थान भी बहुत महत्व रखता है। यहां भी श्रीकृष्ण का प्रसिद्ध मंदिर है।
810
श्रीकृष्ण मठ मंदिर, उडुपी
उडुपी श्रीकृष्ण मंदिर कर्नाटक में स्थित है। इसका निर्माण संत माधवचार्य ने 13वीं सदी में करवाया था। यह मंदिर लकड़ी और पत्थर से बना हुआ है। इस मंदिर के पास मौजूद तालाब के पानी में मंदिर का प्रतिबिंब दिखाई देता है। भक्ति के लिए ये मंदिर बेहद पवित्र माना जाता है।
910
श्रीकृष्ण निर्वाण स्थल
गुजरात में प्रभास नामक एक क्षेत्र है जहां श्रीकृष्ण ने अपनी देह छोड़ी थी। यह एक प्रमुख तीर्थ स्थान है। यह विशिष्ट स्थल या देहोत्सर्ग तीर्थ नगर के पूर्व में हिरण्या, सरस्वती तथा कपिला के संगम पर बताया जाता है। इसे प्राची त्रिवेणी भी कहते हैं। इसे भालका तीर्थ भी कहते हैं।
1010
श्रीनाथजी का मंदिर
राजस्थान के नाथद्वारा में है श्रीनाथजी का मंदिर। यह मंदिर वैष्णव संप्रदाय के वल्लभ सम्प्रदाय के प्रमुख तीर्थ स्थानों में सर्वोपरि माना जाता है। औरंगजेब ने जब गोकुल का मंदिर तोड़ने का आदेश दिया था तब वल्लभ गोस्वामी वहां की मूर्ति लेकर नाथद्वारा आ गए और यहां उस मूर्ति की पुन: स्थापना की। ये मंदिर 12 वीं शताब्दी में बनाया गया था।
Spirituality News in Hindi (आध्यात्मिक खबर): Get latest spirituality news about festivals, horoscope, religion, wellness, metaphysical, parapsychology and yoga in India at Asianet News Hindi