अपने विशेष प्रसाद और मान्यताओं के लिए प्रसिद्ध हैं ये मंदिर, कहीं चढ़ाते हैं डोसा तो कहीं शराब

Published : Jul 23, 2021, 02:00 PM IST

उज्जैन. भारत में देवी-देवताओं के लाखों मंदिर हैं। इन मंदिरों में करोड़ों लोग अपने आराध्य को तरह-तरह के भोग और प्रसाद चढाते हैं, जहां सबकी मान्यताएं और परंपराएं भी अलग-अलग हैं। आज हम आपको बताने जा रहे देश के कुछ ऐसे ही मंदिर के बारे में जो अपने अलग-अलग तरह के प्रसाद को लेकर काफी चर्चा में बने रहते हैं। इन मंदिरों में डोसा से लेकर शराब तक अर्पित की जाती है।

PREV
17
अपने विशेष प्रसाद और मान्यताओं के लिए प्रसिद्ध हैं ये मंदिर, कहीं चढ़ाते हैं डोसा तो कहीं शराब

अलागर मंदिर 
मदुरई में स्थित अलागर मंदिर भगवान विष्णु का है और इस मंदिर का असली नाम कालास्हागर था। इस मंदिर में लोग भगवान विष्णु को डोसा चढ़ाते हैं और इस डोसे का सबसे पहले भोग भगवान विष्णु को लगाया जाता है। बाकी डोसा भगवान विष्णु के दर्शन करने आए भक्तों में प्रसाद के तौर पर बांट दिया जाता है।

27

पनाकला नरसिम्हा मंदिर
आंध्र प्रदेश के इस मंदिर में भगवान विष्णु की एक प्रतिमा नरसिंह के अवतार में स्थित हैं प्राचीन परंपरा के तहत इस प्रतिमा के मुंह में गुड़ का पानी भरा जाता हैं और ऐसा माना जाता हैं कि पेट भर जाने की स्थिति में मूर्ति के मुंह से आधा पानी बाहर आने लगता हैं और इसी पानी को फिर श्रद्धालुओं में प्रसाद के तौर पर बांटा जाता है।

37

चाइनीज़ काली मंदिर
कोलकाता में मौजूद चाइनीज़ काली मंदिर को यूं ही चाइनीज़ काली मंदिर नहीं कहा जाता हैं दरअसल चाइनाटाउन के लोग इस मंदिर में काली मां की पूजा करने आते थे तब से इस मंदिर का नाम चाइनीज काली मंदिर पड़ गया। पारंपरिक मीठे की जगह यहां काली मां को नूडल्स का प्रसाद चढ़ता है।

47

करणी माता मंदिर
राजस्थान में स्थित करणी माता मंदिर में 20,000 काले चूहे रहते हैं जिन्हें पवित्र माना जाता हैं। भक्तों द्वारा लाए गए प्रसाद और चढ़ावे को भी इन चूहों को खिलाया जाता हैं। यहां आने वाले भक्तों को चूहों के थूक से सना प्रसाद दिया जाता हैं। ऐसा लोग मानते हैं कि इस प्रसाद के सेवन से जीवन में सुख और समृद्धि आती है।

57

मुरुगन मंदिर
तमिलनाडु के पलानी हिल्स में स्थित यह मंदिर अपने अलग तरीके के प्रसाद के लिए जाना जाता हैं। यहां प्रसाद के तौर पर कोई पारंपरिक मिष्ठान नहीं बल्कि गुड़ और शुगर कैंडी से बने जैम का इस्तेमाल किया जाता हैं। इस पवित्र जैम को पंच अमृतम कहा जाता हैं। इस मंदिर के पास में ही एक प्लांट भी स्थित है जहां इस जैम को तैयार किया जाता है।

67

काल भैरव नाथ मंदिर
उज्जैन शहर के प्रमुख मंदिरों में से एक कालभैरव पर रोज शराब चढ़ाई जाती हैं। एक विशेष पात्र में शराब लेकर मूर्ति के मुख पर रखा जाता है और देखते ही देखते वो पात्र खाली हो जाता है।

77

कामाख्या देवी मंदिर
असम के गुवाहाटी में मौजूद कामाख्या मंदिर की कहानी बेहद ही दिलचस्प है। जून में होने वाले अंबुबाची मेला से पहले तीन दिन इस मंदिर को बंद रखा जाता हैं और चौथे दिन इस मंदिर का द्वार भक्तों के लिए खोला जाता हैं। इस मंदिर में देवी के मौजूदगी वाले छोटे कपड़ों को श्रद्धालुओं को प्रसाद के तौर पर बांटा जाता है।

Spirituality News in Hindi (आध्यात्मिक खबर): Get latest spirituality news about festivals, horoscope, religion, wellness, metaphysical, parapsychology and yoga in India at Asianet News Hindi

Recommended Stories