उज्जैन. किसी व्यक्ति के जीवन को सही दिशा देने का काम शिक्षा ही करती है। अच्छी शिक्षा ही अच्छा भविष्य बना सकती है। इसी वजह से पढ़ाई के दिनों में छात्र-छात्राओं को विशेष सावधानी रखनी चाहिए। इन दिनों में यदि कोई विद्यार्थी रास्ता भटक जाता है तो उसका पूरा जीवन बुरी तरह से प्रभावित हो सकता है। धर्म ग्रंथों में विद्यार्थियों के लिए 8 काम ऐसे बताए गए हैं जो उन्हें नहीं करना चाहिए, नहीं तो सफलता मिलने में संदेह रहता है। जानिए कौन-से हैं वो 8 काम… काम क्रोध अरु स्वाद, लोभ शृंगारहिं कौतुकहिं।
अति सेवन निद्राहि, विद्यार्थी आठौ तजै।।
1. कामवासना
विद्यार्थी को काम यानी कामवासना से दूर रहना चाहिए। ऐसे विचारों से अध्ययन में मन नहीं लग पाता है। कामवासना के विचारों से मन भटकता रहता है। अत: छात्र-छात्राओं को इससे बचना चाहिए।
28
2. क्रोध
क्रोध यानी गुस्से को इंसान का सबसे बड़ा शत्रु माना जाता है। क्रोध वश व्यक्ति की सोचने-समझने की शक्ति नष्ट हो जाती है। अत: विद्यार्थी को इससे भी बचना चाहिए।
38
3. लालच
लालच को सबसे बुरी बला माना जाता है। अत: विद्यार्थियों को किसी भी बात के लिए लालच नहीं करना चाहिए।
48
4. स्वाद
स्वादिष्ट भोजन का लोभ छोड़कर संतुलित आहार लेने वाले विद्यार्थियों को हमेशा ही सर्वश्रेष्ठ परिणाम प्राप्त होते हैं।
58
5. श्रृंगार
आवश्यकता से अधिक साज-सज्जा, शृंगार करने वाले विद्यार्थियों का मन भी अध्ययन की ओर नहीं रहता है। ऐसे में वे श्रेष्ठ परिणाम प्राप्त नहीं कर पाते हैं।
68
6. मनोरंजन
विद्यार्थियों के लिए आवश्यकता से अधिक खेल-तमाशे भी नुकसानदायक हो सकते हैं। अत: इनसे भी बचना चाहिए। खेल, तमाशे यानी आज के दौर में टीवी, फिल्म आदि से दूर रहने पर सर्वश्रेष्ठ फल प्राप्त होते हैं।
78
7. नींद
स्वस्थ शरीर के लिए 6 से 8 घंटे की नींद पर्याप्त रहती है। इससे अधिक नींद लेने वाले विद्यार्थियों को समय अभाव और आलस्य जैसी कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
88
8. सेवा
यदि कोई विद्यार्थी किसी इंसान की सेवा में ज्यादा समय देता है तो वह ठीक से अध्ययन नहीं कर सकता है। अत: इस बात से भी दूरी बनाकर रखना चाहिए।
Spirituality News in Hindi (आध्यात्मिक खबर): Get latest spirituality news about festivals, horoscope, religion, wellness, metaphysical, parapsychology and yoga in India at Asianet News Hindi