सीतामढ़ी ( Bihar) । दिल्ली में गणतंत्र दिवस पर होने वाली परेड इस बार कई मायने में खास होगी। वहीं, बिहार के लोगों के लिए भी गर्व की बात है। क्योंकि इस बार ब्रह्मोस मिसाइल की अगुवाई करने वाले कर्नल कमरुल जमा होंगे, जो राज्य के एक छोटे से गांव के निवासी हैं, जिनके और मिसाइल की खासियत के बारे में हम आपको बता रहे हैं। सा
सीतामढ़ी के डुमरा प्रखंड के एक छोटे से गांव तलखापुर में कमरुल जमा का जन्म हुआ था। कमरुल जमा एक साधारण से परिवार से ताल्लुक रखते हैं और सेना में वह कर्नल के पद पर तैनात हैं।
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कर्नल कमरुल जमा के पिता गुलाम मुस्तफा का कहना है कि हमें अपने बेटे पर गर्व है, उनका जो सपना था उनके बेटे ने साकार करने का काम किया है। वहीं, उनकी मां सुफाल खातून भी अपने बेटे पर गर्व महसूस कर रही हैं।
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बताते चले कि ब्रह्मोस मिसाइल भारतीय सेना का वह अचूक शस्त्र है, जो धरती से धरती पर मारक क्षमता रखता है।
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400 किलोमीटर की मारक क्षमता रखने वाला यह हथियार देश की आन-बान और शान का प्रतीक है। बताते हैं कि ब्रह्मोस की गति ध्वनि की रफ्तार से भी तीन गुना ज्यादा है।
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