पटना (Bihar)) । बिहार में कोरोना वायरस का संक्रमण बढ़ता ही जा रहा है। 10 दिनों में दो गुना कोरोना संक्रमित मरीज मिले हैं। मौजूदा समय में यह आंकड़ा 26 हजार क्रास कर चुका है। वहीं, दो दिन के दौरे पर आई केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम ने पहले दिन स्थलीय जांच के साथ ही अधिकारियों के साथ मीटिंग किया। इस दौरान व्यवस्थाओं को लेकर असंतुष्ट दिखी। खबर है कि कोरोना संक्रमण की कम और धीमी जांच को लेकर सवाल उठाए हैं। साथ ही राज्य सरकार को जांच का दायरा बढ़ाने और ज्यादा से ज्यादा लोगों की जांच कर समय पर रिपोर्ट प्राप्त करने की व्यवस्था सुनिश्चित करने का सुझाव दिया है।
संयुक्त सचिव लव अग्रवाल, नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल के निदेशक डॉ. सुजीत कुमार सिंह और एम्स दिल्ली के मेडिसन विभाग के एसो प्रोफेसर डॉ नीरज निश्चल भी टीम ने पहले पटना के राजीव नगर इलाके का दौरा किया। जहां की स्थिति देख टीम काफी असंतुष्ट थी।
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संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ स्वाथ्य मुख्यालय में बैठक कर कोरोना संक्रमण की ताजा स्थिति और जांच पर सरकार से बात की। सूत्रों के मुताबिक बैठक के बाद राज्य के मुख्य सचिव दीपक कुमार ने केंद्रीय टीम को जानकारी दी है कि बिहार में लगातार जांच बढ़ाई गई है।
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बिहार में हाल के दिनों में 10 हजार से ज्यादा जांच की व्यवस्था की गई है। अब एक बार फिर सरकार ने अपनी कोरोना जांच की रणनीति में बदलाव का फैसला किया है। इतना ही नहीं यह भी कहा है कि सरकार अब ऑन डिमांड कोरोना की जांच करेगी।
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संयुक्त सचिव लव अग्रवाल के नेतृत्व में पहुंची सेंट्रल टीम सोमवार तक बिहार में रहेगी। टीम रविवार को पटना से जांच करने के बाद गया के लिए रवाना हो गई। इस दौरान केंद्रीय टीम बिहार के अधिकारियों के साथ मीटिंग भी करेगी। बिहार दौरे से लौट कर यह टीम एक विस्तृत रिपोर्ट केंद्र सरकार को देगी।
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संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने राज्य सरकार को सुझाव दिए हैं कि जांच का दायरा बढ़ाया जाए। ज्यादा से ज्यादा लोगों की जांच और समय पर रिपोर्ट प्राप्त करने की व्यवस्था बनाई जाए।
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