सिक्योरिटी गार्ड बना CISF का फर्जी दारोगा, रिटायर्ड दारोगा के बेटी से की शादी, 15 दिन बाद 1 कॉल से खुला राज

Published : Jun 06, 2020, 08:47 AM IST

कैमूर (Bihar) । शादी के लिए एक युवक सीआईएसएफ का फर्जी दारोगा बन गया। इसके बाद एक रिटायर्ड दारोगा विश्वास करते हुए अपनी बेटी की शादी करा दी। दहेज में 12 लाख रूपये भी दिया। लेकिन, 15 दिन बाद भी ड्यूटी न जाने पर पत्नी को शक हुआ तो एक और फर्जीवाडा किया। दोस्त को सीआईएसएफ का अधिकारी बनाकर फोन से बात करवा दिया। मगर, पत्नी को विश्वास नहीं तो बाद में पत्नी ने उसी नम्बर पर कॉल किया तो फर्जीवाड़े का पता लगा। जिसपर उसकी पत्नी थाने पहुंच गई और पति को जेल भिजवा दिया। बता दें कि बेरोजगारी का दंश झेल रहे युवक शादी नहीं होने से काफी परेशान रहता था। वह दिल्ली में एक सिक्योरिटी गार्ड गार्ड के तौर पर नौकरी करने लगा रहा था।   

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सिक्योरिटी गार्ड बना CISF का फर्जी दारोगा, रिटायर्ड दारोगा के बेटी से की शादी, 15 दिन बाद 1 कॉल से खुला राज


सुमाकांत तिवारी शादी नहीं होने से काफी परेशान रहता था। दिल्ली में एक सिक्योरिटी गार्ड के तौर पर नौकरी करने लगा। उसके घर जमीन तो काफी थी पर खेत की जमीन और कच्चे मकान देखकर कोई अपनी बेटी उसके हाथ देना नहीं चाहता था।
 

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एक दिन सुमाकांत तिवारी ने सीआईएसएफ के फर्जी सब इंस्पेक्टर का आई कार्ड और वर्दी खरीद ली। वर्दी पहन कर जब गांव पहुंचा तो गांववाले देख दंग रह गए। गांववालों को विश्वास दिलाया कि मैंने सीआईएसएफ में सब इंस्पेक्टर पद पर ज्वाइन कर लिया है।
 

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सुमाकांत तिवारी के सीआईएसएफ के दारोगा बनने की चर्चा आसपास के गांव तक फैल गई। फिर क्या था शादी के रिश्ते का प्रस्ताव आना शुरू हो गया। बीएमपी सब इंस्पेक्टर से रिटायर उमाशंकर चौबे जो ने अपनी बेटी की शादी के लिए पहुंचे। घर देख कर तो हैरान रह गए पर लड़के को वर्दी में देख कर खुश हुए और शादी का बात आगे बढ़ने लगी।
 

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दहेज में 12 लाख रुपये और एक बाइक का डिमांड हुआ जो चौबे जी स्वीकार कर अपनी बेटी की शादी कर दी। शादी के 15 दिन बाद भी सुमाकांत अपने ड्यूटी पर नहीं गया तो पत्नी पूजा पूछने लगी कि ड्यूटी कब जाएंगे। इसके बाद वह लंबी छुट्टी का बहाना बनाने लगा।
 

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पत्नी जब बार-बार ड्यूटी पर जाने के बारे में पूछने लगी तो उसने एक और फर्जीवाड़ा किया। दर्जी का काम करने वाले अपने दोस्त  बालगोविंद को सीआईएसएफ का अधिकारी बनाकर फोन से बात करवा दिया। पर, पत्नी को विश्वास नहीं हुआ।

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पत्नी ने उसी नम्बर पर बाद में दोबार कॉल चोरी से किया तो हकीकत सामने आ गई कि सुमाकांत कोई दारोगा नहीं है, बल्कि फर्जी बात कर रहा है। लड़की ने अपने घरवालों से सारा मजरा बताया और वह अपने मायके चली गई।
 

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दोनों पक्षों ने इस बात को लेकर पंचायत की। लेकिन, लड़के के घरवाले फर्जीवाड़े से इनकार करते रहे। इस तरह शादी का एक वर्ष बीत गया। फिर लड़की ने हिम्मत दिखाई और भभुआ महिला थाने में अपने पति द्वारा फर्जी दारोगा बनकर शादी करने का शिकायत दिया। 
 

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शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने केस दर्ज किया। पुलिस सुमाकांत को थाने ले आई और फर्जी आई कार्ड बरामद किया और उसे जेल भेज दिया।

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पुलिस से आरोपी सुमाकांत ने कहा कि हम बेरोजगार थे हमारी शादी नहीं हो रही थी। इसलिए सीआईएसएफ का सब इंस्पेक्टर बनकर शादी की। जमीन थी पर नौकरी नहीं थी, जिससे कोई शादी नहीं करना चाहता था इसलिए शादी के लिए साजिश रची।
 

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