पटना. नवरात्रि के 9 दिन पूरे होने के बाद बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक दशहरा पर्व पूरे देश में मंगलवार को धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस मौके पर बंगाली समाज की महिलाएं सिंदूर खेलकर दुर्गा की विदा करने की परंपरा को पूरा करती हैं। इस रस्म को बिहार से बंगाल और दिल्ली से लेकर मैसूर तक मस्ती के साथ मनाया जाता है।
सिंदूर खेला रस्म से पहले महिलाएं विधि-विधान से मां दुर्गा की पूजा-अर्चना करती हैं। फिर सिंदूर को पान के पत्ते में रखकर देवी मां के चेहरे से स्पर्श किया जाता है। इसके बाद महिलाएं सिंदूर की होली खेलती हैं
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दरअसल, ऐसी मान्यता है कि नवरात्रि में मां दुर्गा 10 दिन के लिए अपने मायके आती हैं। इसलिए इन नौ दिनों में मां दुर्गा की पूजा की जाती है और दशमी पर सिंदूर की होली खेलकर मां दुर्गा को विदा किया जाता है।
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यह सिंदूर खेला रस्म को शादीशुदा महिलाएं निभाती हैं। क्योंकि इसमें सिंदूर खेलकर अपने सुहाग की लम्बी उम्र की प्रार्थना की जाती है।
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दशहरे के दिन महिलाएं एक-दूसरे को सिंदूर खेलकर नम आंखों से मां दुर्गा की विदाई करती हैं। इसके साथ वह मां को अगले साल आने का आमंत्रण भी देती हैं।
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सिंदूर खेला की रस्म केवल शादीशुदा महिलाओं के लिए ही होती है मगर कुंवारी लड़कियां भी अब इस रस्म को निभाती हैं
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