Published : Mar 12, 2020, 02:30 PM ISTUpdated : Mar 14, 2020, 11:05 AM IST
नई दिल्ली. यस बैंक संकट के पीछे अनिल अंबानी का नाम आने के बाद रिलायंस ग्रुप ने एक बयान जारी किया है। बयान में कहा गया है कि उसके द्वारा लिया गया लोन पूरी तरह से कारोबार के मकसद से था। कंपनी यस बैंक का कर्ज चुकाने के लिए तत्पर है। हालांकि, कर्ज में पहले से ही घिरे रिलायंस ग्रुप से जब सवाल पूछा गया कि वह लोन कैसे चुकाएगी। जवाब में कंपनी ने कहा- वह अपनी संपत्तियों को पहले बेचेगी, उसके बाद मिलने वाले रकम से यस बैंक का कर्ज चुकाएगी।
रिलांयस ने कहा- यस बैंक से लिया गया लोन पूरी तरह से सुरक्षित है। हम उस कर्ज को चुकाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। संपत्तियों को बेचकर हम यह कर्ज चुकाएंगे।
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रिलायंस ग्रुप ने कहा- यस बैंक के पूर्व सीईओ राणा कपूर, उनकी पत्नी या बेटियां या उनके परिवार की ओर से चलाई जा रही किसी भी कंपनी से हमारा कोई संपर्क नहीं रहा है।
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बता दें, यस बैंक संकट के बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मीडिया से बातचीत में सुभाष चंद्रा के एस्सल ग्रुप और अनिल अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस समूह का नाम लिया था।
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यश बैंक को संकट से उबारने के लिए एसबीआई आगे आई है। इसके बाद माना जा रहा है कि बहुत जल्द यस बैंक से एक महीने में 50,000 रुपये निकालने की लिमिट खत्म हो जाएगी।
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बता दें, देश के कुल 10 बड़े कारोबारी घरानों की 44 कंपनियों पर यस बैंक का 34,000 करोड़ रुपये का कर्ज बकाया है।
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रिलायंस ग्रुप की 9 कंपनियों पर 12,800 करोड़ रुपये का बकाया है।
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कर्ज लेने वाली कंपनियों में डीएचएफएल ग्रुप, दीवान हाउसिंग फाइनेंस कॉरपोरेशन, जेट एयरवेज, कॉक्स एंड किंग्स और भारत इन्फ्रा शामिल हैं।
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