बिजनेस डेस्क। ऐसे तो छोटी बचत और निवेश के लिए बैंकों के साथ पोस्ट ऑफिस की भी कई योजनाएं हैं, लेकिन अगर आप बचत करने के साथ ही इसका इस्तेमाल अपनी बेटियों का भविष्य संवारने के लिए करना चाहते हैं तो पोस्ट ऑफिस की सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) सबसे अच्छी है। साल 2015 में शुरू की गई इस स्कीम में ज्यादा ब्याज मिलने के साथ ही टैक्स में भी बचत होती है। सुकन्या समृद्धि योजना के तहत बैंकों में भी खाता खुलवाया जा सकता है, लेकिन पोस्ट ऑफिस में खाता खुलवाना ज्यादा सुविधाजनक होता है। जानें इस योजना के बारे में विस्तार से।
कितने अमाउंट से खोला जा सकता है खाता
सुकन्या समृद्धि योजना में खाता न्यूनतम 250 रुपए से खोला जा सकता है। एक वित्त वर्ष में इस योजना में कम से कम 250 रुपए और ज्यादा से ज्यादा 1.5 लाख रुपए जमा किए जा सकते हैं। इस योजना में 10 साल की बच्ची के नाम पर खाता खोला जा सकता है।
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कितनी है ब्याज दर
पोस्ट ऑफिस में सुकन्या समृद्धि योजना अकाउंट खोलने पर सालाना 7.6 फीसदी की दर से ब्याज मिल रहा है। इस योजना में अधिकतम 15 साल तक निवेश किया जा सकता है। इस अकाउंट को लड़की की उम्र 21 साल होने पर बंद किया जा सकता है।
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प्रीमेच्योर क्लोजर की है अनुमति
लड़की की शादी 18 साल की उम्र में होने पर अकाउंट के सामान्य तौर पर प्री-मेच्योर क्लोजर की अनुमति दी गई है। हालांकि, 18 साल की उम्र के बाद लड़की SSY अकाउंट से सीमित तौर पर पैसा निकाल सकती है। निकासी की सीमा पिछला वित्त वर्ष खत्म होने पर अकाउंट में मौजूद बैलेंस का 50 फीसदी तक है।
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टैक्स में बचत
सुकन्या समृद्धि योजना में जमा की जाने वाली राशि पर इनकम टैक्स की धारा 80C के तहत 1.5 लाख रुपए तक का टैक्स डिडक्शन क्लेम किया जा सकता है। इसके अलावा, जमा रकम पर आने वाला ब्याज और मेच्योरिटी पीरियड पूरा होने पर मिलने वाला पैसा भी टैक्स फ्री है।
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जरूरी है जमा करना मिनिमम अकाउंट
अगर एक वित्त वर्ष के अंदर सुकन्या समृद्धि योजना में न्यूनतम राशि जमा नहीं की गई तो अकाउंट डिसकंटीन्यू हो जाता है। इसके बाद 50 रुपए सालाना की पेनल्टी देने के बाद खाता फिर से चालू हो जाता है। अगर पेनल्टी देकर स्कीम को फिर से चालू नहीं कराया गया तो यह पोस्ट ऑफिस का एक सामान्य सेविंग्स अकाउंट बन कर रह जाता है और इसमें जमा राशि पर ब्याज भी उसी हिसाब से मिलता है।
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दो बच्चियों के लिए खुलवाया जा सकता है खाता
सुकन्या समृद्धि योजना में अधिकतम दो बच्चियों के लिए खाता खुलवाया जा सकता है। लेकिन जुड़वां बच्चियों के होने की स्थिति में 3 बच्चियों के लिए भी यह खाता खुलवाया जा सकता है। इसके लिए जुड़वां बच्ची पैदा होने का प्रमाण देना होगा।
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खाता ट्रांसफर कराने की सुविधा
किसी कारण से अगर सुकन्या समृद्धि योजना में खाता खोलने वाला दूसरे शहर या राज्य में चला जाता है, तो उसका खाता वहां ट्रांसफर कर दिया जाएगा। यह खाता किसी भी पोस्ट ऑफिस के एक ब्रांच से दूसरे ब्रांच में ट्रांसफर किया जा सकता है।
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किस्तों में जमा कर सकते हैं पैसा
सुकन्या समृद्धि स्कीम में आप चाहें तो एक बार में या थोड़ा-थोड़ा करके किस्तों में भी पैसा जमा कर सकते हैं। आप कितनी बार में पैसा जमा करते हैं, इस पर कोई रोक नहीं है। यह स्मॉल सेविंग्स स्कीम है, इसलिए इसकी ब्याज दर हर तिमाही पर रिवाइज होती रहती है। अगर किसी ने अधिकतम 1.5 लाख से ज्यादा की रकम इस स्कीम में जमा कर दी तो अतिरिक्त राशि पर ब्याज नहीं मिलेगा।
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देश का स्थानीय निवासी ही खुलवा सकता है खाता
सुकन्या समृद्धि योजना के तहत खाता सिर्फ भारत का स्थानीय निवासी ही खुलवा सकता है। ऐसा व्यक्ति जो भारत का निवासी है, लेकिन किसी दूसरे देश में रहता है, वह खाता नहीं खुलवा सकता है। वहीं, अगर कोई व्यक्ति यह खाता खुलवाने के बाद दूसरे देश में जाकर रहने लगता है, तो उसका खाता बंद कर दिया जाता है।
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मेच्योरिटी से पहले भी बंद कराया जा सकता है खाता
सुकन्या समृद्धि खोलने वाले जमाकर्ता अभिभावक की मृत्यु हो जाने पर या फिर किसी गंभीर बीमारी के इलाज के लिए इस खाते को समय से पहले बंद कराया जा सकता है और पैसा निकाल लिया जा सकता है।
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