बिजनेस डेस्क। इस पूरे साल में कोरोनावायरस महामारी (Covid-19 Pandemic) की वजह से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। इस महामारी के चलते हेल्थ इन्श्योरेंस (Health Insurance) लोगों की बड़ी जरूरत बन गया है। इसकी वजह है कोरोना संक्रमण के इलाज का काफी महंगा होना। कोरोना महामारी की वजह से ही देश के हेल्थ इन्श्योरेंस सेक्टर में काफी ग्रोथ देखने को मिला है। हेल्थ इन्श्योरेंस इंडस्ट्री के आंकड़ों के मुताबिक, इस सेगमेंट में 3 गुना बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। वहीं, ज्यादा से ज्यादा लोगों को हेल्थ इन्श्योरेंस का कवर मिले, इसके लिए इन्श्योरेंस रेग्युलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (IRDAI) ने कई कदम उठाए हैं। इसके साथ ही, इन्श्योरेंस कंपनियों ने भी हेल्थ कवरेज के नियमों को आसान बनाया है। कई कंपनियों ने टेलीमेडिसिन कन्सल्टेशन की सुविधा भी दी है। इंडस्ट्री के एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले साल में हेल्थ इन्स्योरेंस के सेगमेंट में और भी ज्यादा ग्रोथ होगी। (फाइल फोटो)
कोरोना महामारी की वजह से आम लोगों में हेल्थ इन्श्योरेंस लेने को लेकर रुझान बढ़ा है। लोगों को यह बात समझ में आई है कि हेल्थ केयर के साथ-साथ हॉस्पिटलाइजेशन के बढ़ते खर्च की की चुनौतियों से निपटने का इंतजाम करना जरूरी है। कोरोना महामारी के दौर में हेल्थ इन्श्योरेंस इंडस्ट्री में बड़े बदलाव आए। पहले बीमा कंपनियां अपने एजेंट या दूसरे चैनल के जरिए सबसे ज्यादा प्रोडक्ट बेचती थीं, लेकिन अब कस्टमर खुद ही इन्श्यरेंस पॉलिसी खरीदने की पहल कर रहे हैं। (फाइल फोटो)
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कोरोना महामारी के दौरान हेल्थ इन्श्योरेंस कंपनियों ने कई नई पहल की। कस्टमर्स को टेलीमेडिसिन कन्सल्टेशन जैसी सुविधाएं दी गईं। इन्श्योरेंस रेग्युलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (IRDAI) की ओर से हेल्थ इन्श्योरेंस पॉलिसी में कवर आइटम का स्टैंडर्ड बनाया गया और नॉन कवर्ड आइटम्स की संख्या 199 से घटकर 68 हो गई। इसके अलावा, इरडा ने 68 नॉन कवर्ड आइटम के लिए भी कवरेज के नियम बनाए। (फाइल फोटो)
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कोरोना महामारी के दौर में खासकर युवाओं में हेल्थ इन्श्योरेंस को लेकर काफी जागरूकता देखी गई। अब हेल्थ इन्श्योरेंस की मांग टियर-2, टियर-3 शहरों के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों से भी बढ़ रही है। यही नहीं, ज्यादातर कस्टमर्स हॉस्पिटलाइजेशन खर्च में बढ़ोत्तरी को देखते हुए सम इन्श्योर्ड रकम भी बढ़वा रहे हैं। (फाइल फोटो)
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हेल्थ इन्श्योरेंस का रिटेल मार्केट भी कोरोना महामारी के दौर में तेजी से बढ़ा है। वित्त वर्ष 2019-20 में अक्टूबर तक हेल्थ रिटेल सेगमेंट की ग्रोथ रेट 10.95 फीसदी और रिटेल सेगमेंट का मार्केट शेयर 36.26 फीसदी था। वहीं, चालू वित्त वर्ष में अक्टूबर 2020 तक हेल्थ सेगमेंट की ग्रोथ रेट 33.64 फीसदी और मार्केट शेयर 42.30 फीसदी दर्ज किया गया। (फाइल फोटो)
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मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि आने वाले साल में इन्श्योरेंस इंडस्ट्री में सबसे ज्यादा ग्रोथ हेल्थ इन्श्योरेंस सेगमेंट में हो सकती है। फैमिली और पेरेन्ट्स के लिए हेल्थ कवरेज की डिमांड बढ़ रही है। इससे रिटेल हेल्थ इन्श्योरेंस सेगमेंट का मार्केट शेयर तेजी से बढ़ेगा। इन्श्योरेंस कंपनियां ज्यादा से ज्यादा ग्राहकों को जोड़ने के लिए कई इनोवेटिव प्रोडक्ट्स लाएंगी। इनमें बीमारी से जुड़े स्पेसिफिक प्लान, ओपीडी प्रोडक्ट्स एंड वेलनेस आधारित हेल्थ इन्श्योरेंस प्रोडक्ट्स होंगे, जिनकी मांग तेजी से बढ़ रही है। (फाइल फोटो)
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इन्श्योरेंस कंपनियां कस्टमर्स की बदलती जरूरतों के मुताबिक, नई टेक्नोलॉजी के विकास पर भी ज्यादा खर्च कर रही हैं। इनमें प्रोडक्ट डिजाइन की बात हो या क्लेम को बेहतर तरीके से निपटाने की सर्विस, दोनों में कंपनियां तकनीक का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल कर रही हैं। (फाइल फोटो)
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