देश में महंगे हो सकते हैं ये इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स, जानें क्या है खरीददारी का सही समय

Published : Jun 11, 2021, 10:58 AM IST

बिजनेस डेस्क. आम आदमी की हेल्थ को प्रभावित करने के साथ अब कोरोना वायरस (coronavirus) लोगों की जेब पर भी हमला कर रहा है। आम जनता पर महंगाई की एक और मार पड़ने वाली है। भारत में एसी, टीवी, फ्रिज, कूलर जैसे इलेक्ट्रॉनिक सामान (electronic items) महंगे हो सकते हैं। इसकी वजह तांबे (Copper) की कीमतों में जोरदार उछाल (demand increase) बताया जा रहा है। जानते हैं कि तांबे की कीमतों का इलेक्ट्रॉनिक्स की कीमतों पर क्या प्रभाव पड़ेगा।  

PREV
15
देश में महंगे हो सकते हैं ये इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स, जानें क्या है खरीददारी का सही समय

क्यों बढ़ रहे हैं तांबे के दाम
टीवी और फ्रिज समेत ज्यादातर इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स के दाम बढ़ने वाले हैं। एक्सपर्ट के अनुसार, लॉकडाउन खत्म होते ही औद्योगिक उत्पादन में इजाफा हुआ है, जिससे तांबे का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर हो रहा है। ऐसे में इसकी मांग लगातार बढ़ रही है। हालांकि तांबे का उत्पादन सीमित है, जिससे तांबे के दाम बढ़ने लगे हैं।
 

25

तांबे की कीमत से इलेक्टिक सामान क्यों महंगा
जो लोगों यह सोच रहे हैं कि तांबे की कीमतों का इलेक्ट्रॉनिक्स की कीमतों पर क्या प्रभाव पड़ेगा? आपको बता दें कि तांबे का ज्यादातर उपयोग इलेक्ट्रॉनिक्स वस्तुओं को बनाने में किया जाता है। करीब 65 प्रतिशत तांबे का उपयोग बिजली के उपकरण बनाने में, 25 प्रतिशत निर्माण कार्य में, 7 प्रतिशत परिवहन कार्य में और 3 प्रतिशत अन्य क्षेत्रों में किया जाता है। ऐसे में अगर तांबे की कीमत बढ़ती है तो इलेक्ट्रॉनिक सामान भी महंगा हो सकता है।
 

35

एक्सपर्ट ने किया है दावा
चीनी मार्केट में की गई एक स्टडी के आधार पर एक्सपर्ट ने ये दावा किया है। इस स्टडी में पाया गया कि चीन में लॉकडाउन खुलते ही तांबे की खपत बढ़ गई है, लेकिन सीमित आपूर्ति के कारण तांबे की कीमतों में उछाल आया है। भारत में भी अनलॉक की प्रोसेस शुरू हो गई है, इसलिए एक्सपर्ट ने यहां भी स्थिति को लेकर आगाह किया है।
 

45

कहां होता है तांबे का प्रयोग
तांबे का उपयोग आमतौर पर इलेक्ट्रॉनिक वस्तुओं जैसे वाटर मोटर्स, एयर कंडीशनर, कूलर, मिक्सर ग्राइंडर, वायरिंग, हीटिंग मैटेरिएल, मोटर्स, इंटरनेट लाइनों में किया जाता है। गर्मियों में इसकी डिमांड काफी बढ़ जाती है। ऐसे में ये सभी चीजें महंगी हो सकती हैं। अगर आप इन चीजों को लेने की सोच रहे हैं तो इन्हें खरीदने का यही अच्छा समय है।  

55

कितनी है कॉपर कीमत
जब आर्थिक स्थिति बिगड़ी होती है तो कॉपर की मांग घटती है। तेजी आने पर कॉपर की मांग बढ़ती है और कीमत भी बढ़ जाती है। कोरोना महामारी की वजह से मार्च 2020 में कॉपर में भारी गिरावट आई थी। भारतीय बाजार तांबे की कीमत 776.55 रुपए प्रति किलोग्राम हो गई है। लेकिन लॉकडाउन खुलने के बाद  एक बार फिर से उसकी कीमत बढ़ी है। 

व्यापार समाचार: Read latest business news in Hindi, Investment News, Insurance News, Personal Finance Tips & Budget News Live Updates at Asianet Hindi News

Recommended Stories