भारत पिछले 10 वर्षों से दुनिया के सबसे बड़े सोना आयातकों में बना हुआ है। गोल्ड इम्पोर्ट, कमजोर रुपया, विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव और बढ़ते आयात बिल के कारण सरकार अब गैर-ज़रूरी सोना खरीद पर चिंता जता रही है।
Gold Import in India: भारत दुनिया के सबसे बड़े सोना आयातक देशों में शामिल है। पिछले 10 वर्षों में देश का गोल्ड इम्पोर्ट लगातार ऊंचे स्तर पर बना रहा है, हालांकि कीमतों, आयात शुल्क, कोविड और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों के कारण इसमें कुछ हद तक उतार-चढ़ाव भी देखने को मिला। बता दें कि वित्त वर्ष 2025-26 में गोल्ड की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने के बावजूद भारत ने 721 टन सोना आयात किया है। यानी भारत ने हर महीने औसतन 60 टन सोना आयात किया है। इस पर हर महीने करीब 6 अरब डॉलर यानी करीब 57 हजार करोड़ रुपए का खर्च आया है।

भारत का सोना आयात (पिछले 10 साल)
| वित्त वर्ष | अनुमानित सोना आयात (टन में) | प्रमुख वजह |
| 2016-17 | 780 टन | शादी और निवेश मांग मजबूत |
| 2017-18 | 880 टन | ग्रामीण मांग में बढ़ोतरी |
| 2018-19 | 760 टन | ऊंची कीमतों का असर |
| 2019-20 | 720 टन | आर्थिक सुस्ती |
| 2020-21 | 430 टन | कोविड-19 और लॉकडाउन |
| 2021-22 | 1067 टन | महामारी के बाद रिकॉर्ड रिकवरी |
| 2022-23 | 800 टन | ऊंची कीमतों के बावजूद मांग |
| 2023-24 | 740 टन | निवेश और ज्वेलरी डिमांड |
| 2024-25 | 757 टन | ETF और निवेश मांग मजबूत |
| 2025-26 | 721 टन | कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर, आयात बिल बढ़ा |
पिछले दशक के बड़े ट्रेंड
- भारत औसतन हर साल 700-800 टन सोना आयात करता रहा है।
- 2021-22 में कोविड के बाद रिकॉर्ड 1,067 टन से ज्यादा आयात हुआ।
- 2025-26 में सोने का आयात बिल लगभग 72 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो अब तक का रिकॉर्ड माना जा रहा है।
- भारत अपनी जरूरत का 90% से ज्यादा सोना विदेशों से आयात करता है क्योंकि घरेलू उत्पादन बहुत कम है।
- स्विट्जरलैंड और UAE भारत के सबसे बड़े गोल्ड सप्लायर देशों में शामिल हैं।
सरकार की चिंता क्यों बढ़ी?
- हाल के महीनों में रुपया कमजोर हुआ।
- कच्चे तेल की कीमतें बढ़ीं।
- विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव आया।
- गोल्ड इम्पोर्ट बिल तेजी से बढ़ा।
इसी वजह से प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से गैर-जरूरी सोना खरीदने से बचने की अपील की है।
गोल्ड इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ा सकती है सरकार
प्रधानमंत्री की सोना न खरीदने की अपील के बाद तमाम एक्सपर्ट्स का मानना है कि सरकार गोल्ड पर इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ा सकती है। अगर ऐसा होता है, तो सोने की डिमांड में 10-12% तक की कमी आ सकती है।


