Israel captures Beaufort Castle: इजराइल ने 900 साल पुराने ब्यूफोर्ट किले पर कब्जा करने का दावा क्यों किया? ब्यूफोर्ट किला इजराइल और हिज्बुल्लाह के लिए रणनीतिक रूप से इतना महत्वपूर्ण क्यों माना जाता है? युद्धविराम लागू होने के बावजूद इजराइल और हिज्बुल्लाह के बीच तनाव क्यों बढ़ रहा है?
दक्षिणी लेबनान की पहाड़ियों में स्थित एक ऐतिहासिक किला इन दिनों फिर से दुनिया की सुर्खियों में है। लगभग 900 साल पुराने ब्यूफोर्ट किले को लेकर इजराइल और हिज्बुल्लाह के बीच नया विवाद खड़ा हो गया है। इजराइली सेना ने दावा किया है कि उसने इस रणनीतिक किले और उससे जुड़ी पहाड़ी पर नियंत्रण स्थापित कर लिया है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब दोनों पक्षों के बीच युद्धविराम लागू है, लेकिन जमीनी हालात अब भी तनावपूर्ण बने हुए हैं।

ब्यूफोर्ट किला केवल एक ऐतिहासिक धरोहर नहीं, बल्कि दक्षिणी लेबनान और उत्तरी इजराइल के बीच सैन्य संतुलन को प्रभावित करने वाला एक अहम रणनीतिक केंद्र भी है। ऐसे में इस क्षेत्र में किसी भी सैन्य गतिविधि का असर पूरे इलाके की सुरक्षा स्थिति पर पड़ सकता है।
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क्या है ब्यूफोर्ट किले का महत्व?
ब्यूफोर्ट किला दक्षिणी लेबनान की ऊंची पहाड़ियों पर स्थित है और मध्यकालीन इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। इसकी भौगोलिक स्थिति इसे सैन्य दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण बनाती है। यहां से दक्षिणी लेबनान के बड़े हिस्से और उत्तरी इजराइल की गतिविधियों पर नजर रखी जा सकती है। इजराइली सेना का दावा है कि हिज्बुल्लाह लंबे समय से इस इलाके का इस्तेमाल सैन्य गतिविधियों के लिए कर रहा था। सेना के अनुसार, इस क्षेत्र में लॉन्चिंग सिस्टम, निगरानी केंद्र और अन्य सैन्य ढांचे मौजूद थे, जिनका उपयोग इजराइल के खिलाफ हमलों में किया जाता था।
इजराइली सेना ने क्या दावा किया?
इजराइली रक्षा बल (IDF) के अनुसार, हालिया सैन्य अभियान का उद्देश्य ब्यूफोर्ट रिज और वादी अल-सलूकी क्षेत्र पर नियंत्रण स्थापित करना था। सेना का कहना है कि ईरान समर्थित हिज्बुल्लाह ने इस इलाके में अपना मजबूत सैन्य नेटवर्क विकसित कर लिया था।
अभियान के दौरान इजराइली बलों ने कथित तौर पर हिज्बुल्लाह के कई ठिकानों और सैन्य सुविधाओं को निशाना बनाया। सेना का दावा है कि इसी क्षेत्र से अतीत में सैकड़ों रॉकेट और अन्य हथियार इजराइल की ओर दागे गए थे।
कार्रवाई के दौरान इजराइली सैनिक की मौत
इस सैन्य अभियान के दौरान इजराइल का एक सैनिक भी मारा गया। हालांकि, सेना ने उसकी पहचान या घटना से जुड़ी विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। दूसरी ओर, लेबनान सरकार और हिज्बुल्लाह की तरफ से इस दावे पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इससे घटनाक्रम को लेकर कई सवाल अभी भी अनुत्तरित बने हुए हैं।
युद्धविराम के बावजूद क्यों बढ़ रहा है संघर्ष?
अप्रैल में इजराइल और हिज्बुल्लाह के बीच युद्धविराम लागू हुआ था। उम्मीद की जा रही थी कि इससे सीमा क्षेत्र में शांति लौटेगी, लेकिन हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हो सके। इजराइल का आरोप है कि शनिवार को हिज्बुल्लाह ने उत्तरी इजराइल पर बड़ी संख्या में रॉकेट और अन्य हमले किए, जो युद्धविराम के बाद अब तक के सबसे बड़े हमलों में शामिल थे। इसके बाद सुरक्षा कारणों से कई इलाकों में स्कूल बंद कर दिए गए और स्थानीय प्रशासन ने अतिरिक्त प्रतिबंध लागू किए।
क्षेत्रीय सुरक्षा पर क्या पड़ सकता है असर?
मध्य पूर्व के जानकारों का मानना है कि ब्यूफोर्ट किले और उससे जुड़े इलाकों पर नियंत्रण को लेकर बढ़ा तनाव आने वाले दिनों में क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों को और जटिल बना सकता है। यह इलाका लंबे समय से इजराइल-हिज्बुल्लाह संघर्ष का केंद्र रहा है। यदि दोनों पक्षों के बीच सैन्य कार्रवाई और जवाबी कार्रवाई का सिलसिला जारी रहता है, तो युद्धविराम की स्थिति कमजोर पड़ सकती है और सीमा क्षेत्र में एक बार फिर व्यापक संघर्ष की आशंका बढ़ सकती है।
ब्यूफोर्ट किले पर इजराइल के कब्जे का दावा केवल एक सैन्य सफलता की कहानी नहीं है, बल्कि यह मध्य पूर्व की जटिल भू-राजनीतिक स्थिति को भी उजागर करता है। ऐतिहासिक महत्व रखने वाला यह किला अब एक बार फिर क्षेत्रीय संघर्ष के केंद्र में आ गया है। आने वाले दिनों में लेबनान, हिज्बुल्लाह और इजराइल की प्रतिक्रियाएं तय करेंगी कि यह तनाव सीमित रहता है या किसी बड़े टकराव का रूप लेता है।
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