न ईशा, न आकाश, न अनंत, ये शख्स बन सकता है मुकेश अंबानी का 'उत्तराधिकारी'

Published : Jan 13, 2020, 09:09 PM ISTUpdated : Jan 13, 2020, 09:10 PM IST

मुंबई: सेबी के आदेश के बाद रिलायंस इंडस्ट्रीज में पहली बार मैनेजिंग डायरेक्टर के पद पर अंबानी परिवार के अलावा कोई और नियुक्त किया जा सकता है। सेबी ने अपने हालिया आदेश में कहा है कि एक कंपनी का मैनेजिंग डायरेक्टर और चेयरमैन एक ही शख्स नहीं हो सकता है। इस आदेश को लागू करने की आखिरी तारीख 1 अप्रैल 2020 है। सेबी के आदेश को लागू करने के बाद मुकेश अंबानी, जो वर्तमान में रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) के CMD (चेयरमैन ऐंड मैनेजिंग डायरेक्टर) हैं वे कंपनी के नॉन एग्जिक्युटिव चेयरमैन बन जाएंगे साथ ही मैनेजिंग डायरेक्टर के पद पर किसी और को नियुक्त किया जाएगा।

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न ईशा, न आकाश, न अनंत, ये शख्स बन सकता है मुकेश अंबानी का 'उत्तराधिकारी'
कंपनी के इतिहास में यह पहली घटना होगी जब कोई गैर अंबानी परिवार का ये पद लेगा दरसल, कानूनी तौर पर कंपनी का मैनेजिंग डायरेक्टर कोई परिवार का व्यक्ति नहीं हो सकता इसलिए मुकेश अंबानी के तीनों बच्चे आकाश,अनंत और बेटी ईशा अंबानी को ये पद नहीं दिया जा सकता है।
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ऐसी चर्चा है कि निखिल मेसवानी और मनोज मोदी को कंपनी का मैनेजिंग डायरेक्टर नियुक्त किया जा सकता है। निखिल मेसवानी वर्तमान में आरआईएल के एग्जिक्युटिव डायरेक्टर हैं। मनोज मोदी को मुकेश अंबानी का दाहिना हाथ बताया जाता है और परोक्ष रूप से वे कंपनी के सीईओ बताए जाते हैं।
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निखिल मेसवानी 1986 में रिलायंस में शामिल हुए थे और 1 जुलाई, 1988 से, वह कंपनी के बोर्ड में कार्यकारी निदेशक के रूप में नामित एक पूर्णकालिक निदेशक रहे हैं। उन्होंने रिलायंस में मुख्य रूप से पेट्रोकेमिकल्स डिवीजन संभाला था, रिलायंस पेट्रोकेमिकल्स को सफल बनाने में उनका अहम योगदान माना जाता है। उन्होंने 1997 से 2005 के बीच कंपनी के रिफाइनरी व्यवसाय को संभाला था।
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इसके अलावा उन्होंने कॉरपोरेट अफेयर्स और ग्रुप टैक्सेशन जैसे कई अन्य कॉरपोरेट जिम्मेदारियों को भी संभाला है। वह रिलायंस के स्वामित्व वाली मुंबई इंडियंस और कंपनी की अन्य खेल पहल के मामलों को देखते हैं।
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बता दें कि मेसवानी ब्रदर्स 90 के दशक से ही RIL के बोर्ड में शामिल रहे हैं। वे मुकेश अंबानी के कजिन है। मेसवानी ब्रदर्स के पिता रसिकलाल मेसवानी RIL के फाउंडर डायरेक्टर्स में शामिल रहे हैं। उन्होंने धीरूभाई अंबानी के साथ मिलकर कंपनी की स्थापना की थी।
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वहीं, मनोज मोदी फिलहाल RIL के बोर्ड में किसी बड़े पद पर आसीन नहीं हैं, लेकिन वे मुकेश अंबानी के काफी करीबी बताए जाते हैं और रिलायंस इंडस्ट्रीज में उनका बहुत दबदबा है।
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मनोज मोदी मुकेश अंबानी के साथ कोर टीम का हिस्सा थे, हजीरा में रिलायंस की पेट्रोकेमिकल परियोजना और जामनगर में रिफाइनरी परियोजना उन्हीं की कल्पना मानी जाती है और उसे अंजाम तक पहुंचाने में उनकी अहम भूमिका है।
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इसके अलवा मनोज मोदी ने रिलायंस को दूरसंचार क्षेत्र में काफी सफलता दिलाई ऐसा माना जाता है की मोदी ने ही रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड की कल्पना की थी और उसका खाका तैयार किया था। वह भले ही आरआईएल के बोर्ड में नहीं हैं, लेकिन रिलायंस जियो इन्फोकॉम के बोर्ड में शामिल हैं।
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निखिल मेसवानी और मनोज मोदी के अलावा इस लिस्ट में निखिल मेसवानी के भाई हितल मेसवानी और पीएमएस प्रसाद का नाम भी शामिल है। लेकिन ये तो आने वाला समय ही बताएगा की रिलायंस की बागडोर किसके हाथ लगती है।

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