Published : Jul 06, 2020, 06:59 PM ISTUpdated : Jul 06, 2020, 07:57 PM IST
करियर डेस्क. IAS Questions and Answers In Hindi: दोस्तों अगर आप सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं तो आपको पढ़ाई करने के साथ सवालों की प्रेक्टिस करने की भी खास जरूरत है। खासतौर से यूपीएससी कैंडिडेट्स को परीक्षा के साथ इंटरव्यू की तैयारी करना भी बेहद जरूरी होता है। इस एग्जाम में इंटरव्यू भी काफी जरूरी होता है। आईएएस इंटरव्यू में पूछे गए सवाल काफी टफ और ट्रिकी होते हैं। लॉकडाउन के कारण इस बार यूपीएससी के एग्जाम (UPSC Civil Service Exam 2020) टाल दिए गए हैं। आज हम आपके लिए 25 ऐसे सवाल लेकर आए हैं, जो अक्सर पूछे जाते हैं। आप इन सवालों के जवाब देकर अच्छे से परीक्षा की तैयारी कर सकते हैं।
जवाब: पतंग हवा में तब उठती है जब हवा का प्रवाह पतंग के ऊपर और नीचे से होता है। जिससे पतंग के ऊपर कम दवाब और नीचे अधिक दवाब होता है। हवा का प्रवाह खत्म होते और पतंग उड़ाने वाले व्यक्ति का कंट्रोल छूटते ही पतंग जमीन पर आकर गिर जाती है।
210
जवाब: नार्वे को डूबते हुए सूरज का देश कहा जाता है क्योंकि वहां पर सबसे पहले सूरज डूबता है। वहीं सूरज उदय होने वाला देश जापान है।
310
जवाब: जलेबी के अंग्रेजी में कई नाम हैं जैसे- Funnel Cake, Rounded Sweet और syrup filled ring भी कहा जाता है।
410
जवाब: इंसानों में गुदगुदी हार्मोंस और नर्व सिस्टम के कारण होती हैं। अमरीका की मेरीलैंड यूनिवर्सिटी के प्रोफ़ेसर रॉबर्ट प्रोविन का कहना है कि गुदगुदी होने पर हंसी का आना विज्ञान में रिसर्च का एक बड़ा विषय रहा है। दो तरह की गुदगुदी होती है।
गुदगुदी का एक प्रकार है नाइस्मेसिस- इसमें बदन के कुछ ख़ास हिस्सों को धीरे-धीरे सहलाने पर आपको गुदगुदी होती है। जैसे पैर के निचले हिस्से को सहलाने पर या गर्दन पर उंगलियां फेरने से गुदगुदी महसूस होती है।
दूसरे प्रकार का नाम है गार्गालिसिस- इस गुदगुदी का एहसास स्तनधारी जीवों को ही होता है। इसमें खुलकर हंसी आती है, गुदगुदी का एहसास त्वचा में छुपी उन नसों को छूने से होता है जिन पर हम किसी भी चीज़ के लगने को महसूस करते हैं जबकि खिलखिलाकर हंसना एक सामाजिक बर्ताव है। 2009 में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक़ इंसान के हंसने की सलाहियत के तार हमारे दूसरे रिश्तेदारों यानी प्राइमेट्स के हंसने से जुड़े हैं।
जानवरों को भी होती है गुदगुदी?
इस रिसर्च में बंदरों के कुनबे के बहुत से सदस्यों की अलग-अलग आवाज़ों को रिकॉर्ड किया गया। कुछ आवाज़ें सिर्फ़ एक शोर की तरह सुनाई दीं जबकि कुछ आवाज़ें इंसान के हंसने की आवाज़ से मेल खाती थीं। इनमें गोरिल्ला और बोनोबो बंदरों की आवाज़ें इंसानों के सबसे क़रीब पाई गईं। लेकिन इससे सिर्फ़ एक अच्छा-सा एहसास होता है। खुलकर हंसी नहीं आती, इस गुदगुदी का एहसास छिपकली जैसे रेंगने वाले जीवों को भी होता है।
510
जवाब: अगर रेल की पटरियों पर करंट लगा दिया जाए तो सबसे पहला सवाल दिमाग में यही उठेगा कि दूर तलक पटरी को छूकर किसी को करंट लग सकता है?
लेकिन ऐसा नहीं है करंट ज्यादा दूर तक नहीं फैलेगा क्योंकि पटरियों जमीन से कनेक्ट होती हैं, Earthing system के कारण करंट ज्यादा दूर तक नहीं फैल पाएगा। हालांकि जहां करंट छोड़ा गया है वहां मौजूद लोगों को इसका नुकसान झेलना पड़ सकता है।
610
जवाब: छींक आने पर मस्तिष्क हर तरह का अवरोध हटाने का निर्देश देता है जो इस नर्व को भी मिलता है और इसी वजह से आंखे बंद हो जाती हैं। इस पर शोध भी किया गया है जिसके अनुसार, आंखें और नाक क्रेनियल नर्व्स से जुड़े होते हैं। छींक आते ही फेफड़े तेजी से हवा बाहर निकालते हैं। इसलिए छींकने पर आंखें बंद हो जाती हैं।
710
जवाब: IQ की फुल फॉर्म- intelligence Quotient (बुद्धि लब्धि) है। इंटेलिजेंस कोशेंट (IQ) कई अलग मानकीकृत परीक्षणों से प्राप्त एक गणना है जिससे बुद्धि का आकलन किया जाता है। "IQ" पद की उत्पत्ति जर्मन शब्द Intelligenz-Quotient से हुई है जिसका पहली बार प्रयोग जर्मन मनोवैज्ञानिक विलियम स्टर्न ने 1912 में 20वीं सदी की शुरुआत में अल्फ्रेड बाईनेट और थेओडोर सिमोन द्वारा प्रस्तावित पद्धतियों के लिए किया, जो आधुनिक बच्चों के बौद्धिक परीक्षण के लिए अपनाया गया था। हालांकि "IQ" शब्द का उपयोग आमतौर पर अब भी होता है।
810
जवाब: गिरगिट की यह खूबी है कि अपने शत्रु को भांपते ही वह अपना रंग बदल लेता है, जिससे वे अपने दुश्मन की आंखों में धूल झोंकने में कामयाब हो। जिनेवा यूनिवर्सिटी के जीव वैज्ञानिकों के मुताबिक, गिरगिट के रंग बदलने के पिछे इसके पीछे शारीरिक प्रक्रिया है। गिरगिट माहौल के हिसाब से रंग बदल लेता है। क्योंकि उसकी त्वचा में फोटोनिक क्रिस्टल नामक एक परत होती है। यही परत प्रकाश के परावर्तन को प्रभावित करती है और गिरगिट का बदला हुआ रंग दिखाई पड़ता है
910
जवाब: रेलवे से जुड़ा ये सवाल काफी ट्रिकी होता है लेकिन फिजिक्स की समझ रखने वाले इसे अच्छे से समझते हैं। दरअसल Electric Locomotive (Engine) और Diesel Locomotive में डीजल लोकोमोटिव ज्यादा पावरफुल होता है।
Diesel Locomotive: दुनिया का कोई भी लोकोमोटिव डीजल से नहीं चलता है ये इलेक्ट्रिक पर ही चलता है। तोय यहां हम डीजल लोकोमोटिव के बारे में बता रहे हैं वो कैसे काम करता है। ये इंजन डीजल से अपने जनेरेटर को चलाते हैं और फिर इससे जो करंट उत्पन्न होता है उसे वो अपने पहिए के पास लगे मोटर को देता है। ताकि वो रेलवे ट्रैक पर चल सके। इसमें भारी मशीने लगी होती हैं।
Electric Locomotive: इसमें हैवी मोटर नहीं होता है, ये डायरेक्ट करंट से ही चलती है। ट्रैक पर चलने वाले पहिए के पास लगे मोटर को ट्रैक्शन मोटर कहते हैं इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव ट्रैक्शन मोटर पर ज्यादा दवाब नहीं डाल पाते। इसलिए ये सेम पावर होने के बावजूद भी कमजोर होते हैं। इसिलए इलेक्ट्रिक इंजन के मुकाबले डीजल इंजन ट्रेन ज्यादा शक्तिशाली होती है।
1010
जवाब. नाई.
Education News: Read about the Latest Board Exam News, School & Colleges News, Admission news in hindi, Cut-off list news - Asianet Hindi