मिर्जापुर के कालीन भैया की किसी बात पर हंस पड़ी पत्नी, कपल ने कुछ इस तरह सेलिब्रेट की दिवाली

Published : Nov 15, 2020, 03:05 PM ISTUpdated : Nov 15, 2020, 03:09 PM IST

मुंबई। इन दिनों फिल्म मिर्जापुर (Mirzapur) का सेकंड पार्ट काफी पॉपुलर हो रहा है। फिल्म में कालीन भैया (Kaleen Bhaiya) का किरदार निभाने वाले एक्टर पंकज त्रिपाठी (Pankaj Tripathi) ने पत्नी के साथ दिवाली का त्योहार सेलिब्रेट किया। इस दौरान कपल ने लक्ष्मी पूजन किया। दिवाली से जुड़ी पंकज त्रिपाठी की एक फोटो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है, जिसमें एक्टर भगवान के सामने हाथ जोड़े नजर आ रहा है, जबकि उनकी किसी बात पर पत्नी खिलखिलाकर हंस रही हैं।   

PREV
112
मिर्जापुर के कालीन भैया की किसी बात पर हंस पड़ी पत्नी, कपल ने कुछ इस तरह सेलिब्रेट की दिवाली

सोशल मीडिया पर कपल की तस्वीर देख लोग जमकर कमेंट कर रहे हैं। एक शख्स ने लिखा- वाह! क्या जोड़ी है। वहीं कुछ लोग फिल्म कालीन भैया को फिल्म के डायलॉग से जोड़कर भी बधाई दे रहे हैं। बता दें कि पंकज त्रिपाठी की शादी 2004 में मृदुला के साथ हुई। उनकी एक बेटी है। 

212

पंकज त्रिपाठी कुछ दिनों पहले कपिल शर्मा के शो में पहुंचे थे, जहां उन्होंने अपनी जिंदगी के कुछ किस्से शेयर किए थे। उनकी शादी एनएसडी पास करने से पहले ही हो गई थी। ऐसे में उन्होंने अपनी पत्नी को अपने साथ ब्वॉयज हॉस्टल के कमरे ही चोरी-छुपे रखा हुआ था। 

312

पंकज ने ये भी बताया था कि हॉस्टल में लड़कियों को आने की सख्त मनाही थी। इसके बावजूद उन्होंने अपनी पत्नी को सबकी नजरों से बचा कर अपने कमरे में छुपाके रखा था। ब्वॉयज हॉस्टल में लड़के अक्सर फ्री होकर घूमते हैं कम कपड़े पहनते हैं। लेकिन जब लड़कों को पता चला कि उनकी पत्नी भी उनके साथ रह रही थीं तो उन सभी ने काफी सपोर्ट किया। हालांकि कुछ वक्त के बाद वार्डन को इस बारे में पता चल गया था।
 

412

पंकज त्रिपाठी का जन्म बिहार में गोपालगंज जिले के बेलसांद गांव में हुआ था। बताते हैं कि उन्होंने शुरुआती पढ़ाई पेड़ के नीचे ही की थी। हर साल गांव में होने वाली छठ पूजा नाटक में वह हिस्सा भी लिया करते थे। यहां अक्सर उन्हें लड़की का रोल मिलता था।
 

512

10वीं क्लास तक यहां पढ़ने के बाद पिता ने उनको पटना भेज दिया था। वो साल भर केवल दाल चावल या खिचड़ी ही खाते थे। एक कमरे में रहते थे, जिसके ऊपर टीन शेड था। उन्होंने यहीं से 12वीं पास की और घरवालों, मित्रों के कहने पर होटल मैनेजमेंट का कोर्स करने लगे। 

612

पंकज त्रिपाठी ने एक इंटरव्यू में बताया कि कि उनके जीवन में एक समय ऐसा भी आया था जब बीवी का जन्मदिन था और उनकी जेब में केवल 10 रुपए ही बचे थे। क्या गिफ्ट देते और कैसे केक लाते? हालांकि उनकी पत्नी मृदुला बीएड कोर्स कर चुकी थीं, इसलिए उन्हें एक स्कूल में टीचर की जॉब मिल गई। इसके बाद दोनों ने तय कर लिया था वापस नहीं लौटना है, फिर उन्हें छोटे-छोटे रोल मिलने लगे थे और न सिर्फ खुद का आशियाना बनाया, बल्कि आज स्टार भी बन गए। 

712

पंकज त्रिपाठी ने फिल्म 'गैंग्स ऑफ वासेपुर' में 'सुल्तान' का किरदार निभाया था। एक इंटरव्यू में पंकज त्रिपाठी ने बताया कि फिल्म के लिए सुल्तान के किरदार का ऑडिशन तकरीबन 8 से 9 घंटे तक चला था। इस ऑडिशन में उन्होंने 10 से 12 सीन किए थे। उनके द्वारा किए गए सभी सीन्स को फिल्म में शामिल किया गया था। पंकज ने बताया कि इस फिल्म का ऑडिशन देने के दौरान वह बीमार थे और उन्होंने पैरासिटामोल खाकर ऑडिशन दिया था।

812

पंकज त्रिपाठी का मानना है कि उन्होंने तकरीबन 22 साल थिएटर और रंगमंच को दिए हैं, जिसके बाद उन्हें किरदार की नब्ज पकड़ने में ज्यादा वक्त नहीं लगता है। कुछ दिनों पहले पंकज ने एक वीडियो शेयर किया था, जिसमें उन्होंने अपने स्ट्रगलिंग के दिनों का किस्सा सुनाते हुए कहा था कि वो अपनी पत्नी के साथ मुंबई आ चुके थे और उन्होंने बॉलीवुड में संघर्ष करना शुरू कर दिया था। 

912

पंकज के मुताबिक, उस दौरान कास्टिंग डायरेक्टर्स नहीं होते थे और एक्टर्स को कास्ट करने के लिए प्रोफेशनल माहौल नहीं होता था। ऐसे में उन्हें असिस्टेंट डायरेक्टर्स और ऐसे ही फिल्म की यूनिट से जुड़े लोगों पर निर्भर रहना पड़ता था।

1012

पकंज ने आगे कहा कि उस दौर में ना तो उनके पास काम था और ना ही उनकी पत्नी के पास जॉब थी। तो ऐसे में उन्होंने बिना समय गंवाए ऑडिशन्स के लिए जाना शुरू कर दिया था और उनकी पत्नी भी वेकेंसी ना होने के बावजूद स्कूलों में नौकरी तलाशने जाया करती थी।

1112

चूंकि तमाम एक्टर्स प्रोडक्शन हाउस आते रहते थे तो यहां जाना आसान नहीं था और पंकज ने इन प्रोडक्शन हाउस में कहना शुरू कर दिया था कि उन्हें ईश्वर जी ने भेजा है, जिसके बाद उनकी एंट्री हो जाया करती थी। पंकज ने बताया कि जब वो अंदर जाते थे और उनसे पूछा जाता था कि ये ईश्वर जी कौन हैं? तो उनके पास कोई जवाब नहीं होता था और वो ऊपर की तरफ उंगली उठा देते थे।

1212

कई लोग पकंज के सेंस ऑफ ह्यूमर से इंप्रेस हो जाते थे तो कई ऐसे भी थे जो फ्रस्ट्रेट हो जाते थे। हालांकि उन्होंने यही सीखा है कि इंसान को लगातार कोशिश करते रहना चाहिए जिसके बाद वो एक ना एक दिन अपने प्रयासों में जरूर सफल हो जाता है।
 

मनोरंजन जगत की सबसे खास खबरें अब एक क्लिक पर। फिल्में, टीवी शो, वेब सीरीज़ और स्टार अपडेट्स के लिए Bollywood News in Hindi और Entertainment News in Hindi सेक्शन देखें। टीवी शोज़, टीआरपी और सीरियल अपडेट्स के लिए TV News in Hindi पढ़ें। साउथ फिल्मों की बड़ी ख़बरों के लिए South Cinema News, और भोजपुरी इंडस्ट्री अपडेट्स के लिए Bhojpuri News सेक्शन फॉलो करें — सबसे तेज़ एंटरटेनमेंट कवरेज यहीं।

Recommended Stories