आज भी गड्ढे का पानी पीने को मजबूर हैं यहां के लोग, दुखी होकर बोले-हम गरीबों की खबर कोई नहीं लेता

Published : Jun 13, 2020, 01:42 PM ISTUpdated : Jun 13, 2020, 01:44 PM IST

दंतेवाडा़ (छत्तीसगढ). दंतेवाड़ा जिला नक्सलियों के लिए जाना जाता है। जिले के कई गांवों के लोगों का जीवन कितना कठिन है, ये बाहरी दुनिया को नहीं पता। आज भी सैंकड़ों गांव के लोग पीने के पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। आलम यह है कि आदिवासी गड्ढों से पानी निकालकर उसको पीने को मजबूर हैं। ऐसी ही कुछ तस्वीरें सामने आई है, जो इन गरीब परिवारों की बेबसी को दिखाती हैं।

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आज भी गड्ढे का पानी पीने को मजबूर हैं यहां के लोग, दुखी होकर बोले-हम गरीबों की खबर कोई नहीं लेता

दरअसल, यह तस्वीर दंतेवाड़ा जिले के पखनाचुआन गांव में देखने को मिली, जहां कुछ लोग गड्ढे से पानी भरकर ले जा रहे हैं। एक तरफ जहां सरकार नक्सलियों से निजात पाने के लिए करोड़ों रुपए खर्च कर रही है। लेकिन अभी तक यहां के लोगों के लिए पीने के पानी को लेकर कोई सही कदम नहीं उठाया है।

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ग्रामीणों का कहना है कि हम सालों से गड्ढे का पानी पी रहे, इसके लिए भी हमे अपने घर से दो किलोमीटर दूर लेने जाना पड़ता है। लेकिन इसके बावजदू भी किसी ने हमारी कोई खबर तक नहीं ली। अब जाकर प्रशासन ने ने दावा किया है कि हमारी परेशानी को दूर किया जाएगा। देखते हैं यह वादा सरकार कब तक पूरा करती है।
 

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जब मामला मीडिया के सामने आया तो दंतेवाड़ा जिले के कलेक्टर दीपक सोनी ने कहा-हमको 'पखानचुआन गांव में पानी की समस्या की जानकारी मिली है। हम जल्द से जल्द इसको सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं। ताकि यहां के लोगों को सही पीने का पानी मिल सके। गांव में बोरवेल के लिए ड्रिलिंग का काम चल रहा है। बोरवेल हो जाने के बाद गांव में पानी की परेशानी दूर हो जाएगी।
 

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तस्वीर में आप देख सकते हैं कैसे एक मासूम बच्चा अपने लिए गड्ढे से पानी निकालने के लिए आया है।

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बेबस महिला अपना दर्द बयां करते हुए बोली-हम गरीब हैं, इसलिए शायद हमारी परेशानी कोई नहीं सुनता है।

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