Published : Nov 25, 2021, 01:12 PM ISTUpdated : Nov 25, 2021, 01:14 PM IST
यमुनागर। हरियाणा के यमुनानगर (Yamunanagar) में देर रात कबाड़ के एक गोदाम में आग (junk warehouse Fire) लगने से पिता और उसके 3 बच्चों की मौत हो गई। मां (mother condition critical) की हालत गंभीर है। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ये परिवार गोदाम के ऊपर क्वार्टर (Quarter) में रहता था और बिहार (Bihar family) का रहने वाला था। घटना के बाद लोगों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग जागे और उन्होंने दमकल विभाग को सूचना दी। फायर ब्रिगेड की 8 गाड़ियों ने कई घंटों के बाद आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक चार लोगों की मौत हो चुकी थी। इन सभी की मौत दम घुटने के कारण हुई है। घटना के बाद के परिजन का रो-रोकर बुरा हाल है। ये हादसा सिटी सेंटर एरिया में हुआ। तस्वीरों में देखिए आग की इस घटना की भयावहता...
यमुनानगर के सिटी सेंटर रोड पर कबाड़ गोदाम में रात 1:30 बजे भीषण आग लगी। इस घटना में एक ही परिवार के चार लोगों की मौत हो गई। परिवार गोदाम के ऊपर बने क्वार्टरों में रहता था। अभी तक आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है।
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आग से सारा सामान भी जलकर राख हो गया। घटना के बाद 17 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। ये परिवार गोदाम के ऊपर क्वार्टरों में रहते थे और मजदूरी करते थे।
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प्रत्यक्षदर्शी प्रिंस ने बताया कि वह रात 1:30 बजे से 2:00 बजे के बीच घर से बाहर आया। उसने देखा कि चारों तरफ धुआं ही धुआं है। शोर मचाया तो आसपास के लोग इकट्ठे हो गए। सूचना मिलते ही यमुनानगर सिटी थाना पुलिस और दमकल वाहन मौके पर पहुंचे।
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गोदाम के ऊपर अन्य क्वार्टरों में रहने वाले लोगों को दीवार तोड़कर और छतों के रास्ते निकाला गया। पता चला है कि यह गोदाम नवीन नाम के कबाड़ी का है। वह यहां 40 साल से कबाड़ का काम कर रहा है।
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गोदाम के ऊपर ही मजदूरों के रहने के लिए क्वार्टर बनाए गए हैं। गोदाम की छत पर करीब 22 क्वार्टर बने हैं। इनमें करीब 17 लोग रहते हैं।
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एक क्वार्टर में बिहार के मधुबन जिले के मिल्कमादीपुर गांव निवासी नियामुद्दीन पत्नी सलमा और तीन बच्चों के साथ रहता था। आग ने सबसे पहले उसके क्वार्टर को चपेट में लिया। आग लगने से नियामुद्दीन (37), उसकी बेटी फिजा (12), बेटे चांद (8), रेहान (3) की मौके पर ही मौत हो गई। उसकी पत्नी नसीमा (25) गंभीर रूप से झुलस गई। उसे सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया।
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आग लगने के कारणों का पता नहीं लग सका है। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट होने से आग लगना बताया जा रहा है। जिला दमकल अधिकारी प्रमोद दुग्गल का कहना है कि कबाड़ गोदाम है। इसमें कई बार ज्वलनशील पदार्थ भी होते हैं। जांच के बाद ही पता लग सकेगा कि आग कैसे लगी।
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आग लगने के बाद चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग घरों से बाहर से आ गए। पुलिस और दमकल ने गोदाम की छत पर बने अन्य क्वार्टरों से लोगों को निकालना शुरू किया। दो जगहों से दीवार को तोड़ा, क्योंकि आग फैलकर नीचे गोदाम तक पहुंच चुकी थी। इस दौरान रतनेश, श्याम बिहारी, शिवम, पन्नालाल, सुनीता, सूरज, मनोज, रिया, सुरेंद्र, इंद्र, विशाल, चंदन, खुशबू, आदित्य को क्वार्टरों से सुरक्षित बाहर निकाला गया।
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पुलिस ने चार शवों को पोस्टमार्टम हाउस में रखवा दिया है। मेयर मदन चौहान भी घटनास्थल पर पहुंचे। गुरुवार सुबह 10 बजे तक गोदाम में दमकल विभाग के कर्मचारी और जिला प्रशासन आग बुझाने के प्रयास में लगा रहा। गोदाम कबाड़ से पूरी तरह भरा था।
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शहर थाना प्रभारी सुखबीर सिंह का कहना है कि जिस समय आग लगी थी, चारों तरफ धुंआ ही धुआं था। कुछ भी नजर नहीं आ रहा था। आग पर काबू पा लिया गया है। ऊपरी मंजिल पर रह रहे परिवार के 4 लोगों के शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए।
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