लाइफस्टाइल डेस्क. भारत के पास एक ऐसी जड़ी बूटी है जिसे चुराने के लिए चीन बार-बार कोशिश करता है। चीनी सैनिक अरुणाचल प्रदेश में कीड़ा जड़ी जिसे हिमालयन गोल्ड (Himalayan Gold) चुराने के लिए बॉडर क्रांस कर जाते हैं। कीड़ा जड़ी को कॉर्डिसेप्स फंगस जिसे कैटरपिलर फंगस भी कहते हैं यह तिब्बत, भूटान, भारत, चीन और नेपाल के ऊंचाई वाले हिमालयी क्षेत्रों में पाई जाने वाली बेशकीमती जड़ी बूटी है। चीन में यह हीरे और सोने से भी महंगा बिकता है। आइए जानते हैं इस जड़ी बूटी की खासियत जिसे पाने के लिए ड्रैगन बार-बार भारतीय सीमा में घुसने की कोशिश करता है....
हिमालयन गोल्ड का इस्तेमाल आयुर्वेद और चीनी चिकित्सा में कई रोगों के इलाज के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा है। चीन में तो सदियों से इसका इस्तेमाल किया जाता रहा है। यहां के लोगों का कहना है कि यह नपुंसकता दूर से लेकर पाचन तक में मददगार होता है।
26
WebMD की मानें तो कॉर्डिसेप्स का उयोग इम्यूनिटी को बूस्ट करने, ट्यूमर के आकार को कम करने में, कैंसर कोशिकाओं से लड़ने में मदद मिलती है। खासकर फेफड़े और स्किन कैंसर में यह फायदेमंद होता है।
36
इसका इस्तेमाल लोग किडनी विकारों को दूर करने, लीवर की समस्याओं और यौन समस्याओं को दूर करने में करते हैं। थेलिटक प्रदर्शन को ठीक करने में भी लोग इसका इस्तेमाल करते हैं। हालांकि इसका कोई भी साइंटिफिक प्रमाण नहीं मिला है।
46
कैसे पनपता है कॉर्डिसेप्स
कॉर्डिसेप्स परजीवी कवक कैटरपिलर के लार्वा पर बढ़ता है। यह परजीवी कवक का एक जीनस हैं जो फंगस पर अटैक करके उसके ऊतक को बदल देता है। जिसकी वजह से फंगस के शरीर पर लंबे पतले तन निकल आते हैं। जिसे सुखाकर इस्तेमाल किया जाता है।
56
कॉर्डिसेप्स फंगस या कीड़ा जड़ी काफी महंगा बिकता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में एक किलोग्राम इस औषधी जड़ी-बूटी की कीमत 65 लाख रुपए हैं। वहीं, साल 2022 में अंतरराष्ट्रीय बाजार मूल्य 1,072.50 मिलियन डॉलर था।
66
कीड़ा जड़ी का इस्तेमाल हर किसी के लिए लाभकारी होता है। हर दिन 3-6 ग्राम की खुराक ली जाए तो यह हेल्थ को फायदा पहुंचाता है। लेकिन ज्यादा इस्तेमाल से दस्त, कब्ज और पेट में दर्द जैसी परेशानी हो सकती है।
Health Tips in Hindi (हेल्थ टिप्स): Read latest fitness tips (फिटनेस टिप्स), health care tips for men and women in Hindi. Get exercise tips, diet plans to keep your body fit and healthy at Asianet New Hindi.