RO water minerals loss:  World Health Organization और Bureau of Indian Standards के अनुसार पीने के पानी का सही TDS स्तर क्या होना चाहिए? जानें क्या RO मशीन पानी से जरूरी मिनरल्स हटा देती है और एक्सपर्ट क्या उपाय अपनाने की सलाह दे रहे हैं।

 पीने के पानी का आदर्श टीडीएस (TDS) स्तर तय करता है कि पानी पीने योग्य है या फिर उसे साफ करने की जरूरत है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) 300 mg/L से कम TDS को अच्छा मानता है। वहीं भारतीय मानक (BIS) के अनुसार 500 mg/L से कम TDS वाला पानी पीने के लिए सुरक्षित है। नोएडा, कानपुर, सहित देश के कई राज्यों में पानी का TDS 1500 से अधिक मिलता है। यानी ऐसे भारी तत्व वाले पानी को पीना खतरे से खाली नहीं। साफ पानी के लिए ज्यादातर लोग घर में आरओ मशीन (रिवर्स ऑस्मोसिस) लगवाते हैं।प्यूरीफायर उतना ही घरो में जरूरी हो गया है जितना कि रेफ्रिजरेटर या फिर गैस स्टोव। लोगों में अब ये बहस तेज गति पकड़ती जा रही है कि RO मशीन पानी से न सिर्फ अनावश्यक खनिज बल्कि जरूरी मिनिरल्स भी हटा देती है। इस कारण से स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। जानिए इस विषय में स्वास्थ्य विशेषज्ञ की क्या राय है?

क्या RO से पानी के मिनिरल्स होते हैं कम?

आरओ मशीन भारी यानी अशुद्ध पानी से अनावश्य खनिज को निकालने का काम करती है। इस कारण से फिल्टरेशन प्रक्रिया के दौरान कैल्शियम और मैग्नीशियम जैसे कुछ प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले मिनिरल्स की मात्रा कम हो सकती है। एक वेबसाइट को बताते हुए क्लिनिकल न्यूट्रिशनिस्ट पलक नागपाल कहती हैं कि RO का पानी पीने से भले ही न्यूट्रीशन कम हो जाता हो लेकिन इसकी भरपाई भी की जा सकती है। आपको अपने खाने में आवश्यक खनिजों को शामिल करना होगा। शरीर को कैल्शियम, मैग्नीशियम और पोटेशियम जैसे खनिजों की पूर्ति के लिए खाने पर निर्भर रहना चाहिए, न कि पानी पर।

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 मिनिरल्स की कमी ऐसे होगी पूरी 

रोजाना RO का पानी पी रहे हैं, तो आपको अपने खाने में कैल्शियम, मैग्नीशियम और पोटेशियम युक्त फूड्स का सेवन करना चाहिए। ऐसा करने से शरीर में खनिजों की कमी नहीं होगी और RO का पानी पीने से शरीर में मिनरल्स की कमी नहीं होगी।

कैल्शियम के सोर्स: दूध और डेयरी प्रोडक्ट जैसे दही, पनीर कैल्शियम का अच्छा सोर्स होते हैं। साथ ही रागी, बादाम और पत्तेदार सब्जियां खाकर पर्याप्त मात्रा में कैल्शियम प्राप्त किया जा सकता है। ये खाकर न सिर्फ हड्डियां मजबूत रहेंगी बल्कि मसल्स भी सुचारू रूप से कम कर पाएंगी।

 मैग्नीशियम के सोर्स: रिच मैग्नीशियमफूड्स के लिए कद्दू के बीज, काजू, बादाम आदि नट्स का इस्तेमाल करना चाहिए। वहीं ब्राउन राइस, साबुत अनाज, मसूर और चने जैसी दाल भी मैग्नीशियम का अच्छा सोर्स मानी जाती हैं।

पोटेशियम के गुड सोर्स: शरीर में पोटेशियम की पर्याप्त मात्रा के लिए नारियल पानी, शकरकंद, विभिन्न प्रकार की दालें, फलिया, पत्तेदार सब्जियां खानी चाहिए। पोटेशियम शरीर में लिक्विड बैलेंस करने का काम करता है और साथ ही हार्ट वर्क को बेहतर बनाता है।

डॉक्टर नागपाल का कहना है कि संतुलित आहार लेने पर पर्याप्त खनिज शरीर को मिलेंगे और इससे RO का पानी आपके लिए चिंता का विषय नहीं बनेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न 

1.आरओ का पानी पीने से कौन सी बीमारी होती है?

आरओ के पानी में पर्याप्त खनिज नहीं होते। विशेषज्ञ के अनुसार अगर खाने में खनिज पर्याप्त मिल जाते हैं, तो शरीर को नुकसान नहीं पहुंचता है।

2. क्या आरओ किडनी के लिए सुरक्षित है?

किडनी विशेषज्ञों के अनुसार, आरओ सिस्टम से शुद्ध किया हुआ पानी पीना किडनी के लिए हानिकारक नहीं है ।

3.RO का पानी कितने TDS पर पीना चाहिए?

भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के अनुसार, पानी में टीडीएस स्तर की ऊपरी सीमा 500 PPM है। आप पानी का टीडीएस चेक करके मशीन लगवा सकते हैं।

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