गर्भवती पत्नी को उदास देखकर पति की आंखें से निकल पड़े आंसू, गरीब होते हुए उठाया यह रिस्क

Published : Sep 03, 2020, 11:05 AM IST

गोड्डा, झारखंड. कहते हैं कि एक खुशहाल परिवार की निशानी है कि पति और पत्नी एक-दूसरे का ख्याल रखें। यह पति भी इसी की एक मिसाल है। यह हैं गोड्डा के दुर्गम इलाके के रहने वाले धनंजय कुमार। इनकी पत्नी सोनी हेम्बरम का 11 सितंबर को डीलेड(DLED) एक एग्जाम है। वे गर्भवती हैं। सेंटर है मध्य प्रदेश के ग्वालियर स्थित पद्मा कन्या विद्यालय। धनंजय के गांव गंटा टोला-गोड्डा और ग्वालियर के बीच 1176 किमी की दूरी है। वहां तक जाने का कोई साधन न होने से सोनी उदास हो गईं। धनंजय से पत्नी की उदासी देखी नहीं गई। उन्होंने स्कूटी उठाई... पत्नी के पीछे बैठाया और ग्वालियर के लिए निकल पड़े। धनंजय झारखंड, बिहार और यूपी के रास्ते ग्वालियर पहुंच गए। उन्होंने 1500 रुपए में 10 दिनों के लिए कमरा किराये पर लिया है। एग्जाम के बाद वे स्कूटी से वापस गांव लौटेंगे। पढ़ें इसी कपल की स्टोरी...

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गर्भवती पत्नी को उदास देखकर पति की आंखें से निकल पड़े आंसू, गरीब होते हुए उठाया यह रिस्क

धनंजय ने बताया कि ट्रेनें बंद हैं। किसी दूसरे वाहन से यहां तक आने पर 30 हजार रुपए खर्चा आ रहा था। उनके पास इतना पैसा नहीं है, इसलिए दोनों स्कूटी से ग्वालियर के लिए निकल पड़े। सोनी ने कहा कि वे भाग्यशाली हैं, जो उन्हें ऐसा पति मिला। आगे पढ़ें इसी कपल की कहानी...

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 धनंजय ने बताया कि उन्होंने ग्वालियर तक के खर्चे के लिए पत्नी के जेवर 10 हजार रुपए में गिरवी रखे हैं। धनंजय खुद 10वीं पास नहीं हैं। फिर भी वे चाहते हैं कि उनकी पत्नी टीचर बने। आगे पढ़ें...बेटी को उदास देख पिता ने उसे बाइक पर बैठाया और मीलों दूर एग्जाम सेंटर के लिए निकल पड़ा

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रांची, झारखंड. मां-बाप अपने बच्चों के भविष्य के लिए कुछ भी करने को तैयार हो जाते हैं। यह मामला इसी से जुड़ा है। 1-6 सितंबर तक JEE Main Exams 2020 शुरू हो गए। बोकारो में रहने वाले धनंजय कुमार की बेटी काजोल का सेंटर रांची में था। जब आने का कोई साधन नहीं मिला, तो बेटी उदास हो गई। बेटी का मुरझाया चेहरा पिता से देखा नहीं गया। उन्होंने बाइक उठाई, उस पर बेटी को बैठाया और रांची के लिए निकल पड़े। करीब 12 घंटे के सफर के बाद वे मंगलवार को बेटी का एग्जाम सेंटर पर लाकर ही मानें। पेशे से किसान धनंजय की पत्नी सीआइएसएफ, बोकारो थर्मल में पोस्टेड हैं। बेटी ने सेंटर रांची चुना था। लेकिन कोरोना काल के चलते वहां तक जाने का साधन नहीं मिल पा रहा था। सबसे बड़ी बात..बेटी मां के साथी और पिता नालंदा(बिहार) में। पिता पहले नालंदा से बोकारो पहुंचा और फिर वहां से बेटी को बाइक पर बैठाकर रांची। यानी पिता ने 12 घंटे बाइक चलाई।

आगे देखें JEE Main Exams 2020 इस बार कैसे हो रहा है...

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काफी हो-हल्ला के बाद आखिरकार 1-6 सितंबर तक JEE Main Exams 2020 शुरू हो गए। ऐसा पहली बार देखने को मिला, जब एग्जाम सेंटर पर इतनी कड़ी चेकिंग रही। एक-एक स्टूडेंट्स को चेक के बाद ही अंदर जाने दिया जा रहा था। इससे पहले स्टूडेंट्स साबुन से हाथ धोकर अंदर गए। स्टूडेंट्स ने Self Declaration दिया कि वो कोरोना पॉजिटिव नहीं है।  

आगे देखें कुछ तस्वीरें...

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स्टूडेंट्स को पहले ही स्लॉट दे दिए गए थे, ताकि सोशल डिस्टेंसिंग का पालन हो सके।

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एग्जाम सेंटर में स्टूडेंट्स को आईडी कार्ड के अलावा एग्जाम एडमिट कार्ड के अलावा दूसरा कोई सामान ले जाने की अनुमति नहीं थी।

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एग्जाम सेंटर में प्रवेश से पहले स्टूडेंट्स, फैकल्टी और अन्य स्टाफ का टेम्परेचर मापा जा रहा।

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जिन स्टूडेंट्स का तापमान अधिक निकलेगा, उन्हें अलग कमरे में एग्जाम देने दिया जाएगा।

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इस तरह का माहौल देखने को मिला एग्जाम सेंटर में।

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किसी को भी बिना चेकिंग एग्जाम सेंटर के अंदर नहीं जाने दिया जा रहा था।

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इस तरह के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

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स्टूडेंट्स को नया थ्री प्लाई फेस मास्क, ग्लव्ज दिया जा रहा है। उन्हें पहनना अनिवार्य है।

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