4 साल के बच्चे को सांप ने डसा, उसे जिंदा करने सांप को मच्छरदानी में बंद करके तांत्रिक करता रहा जादू-टोना

Published : Jun 16, 2020, 10:27 AM IST

कोडरमा, झारखंड. सांप के काटने के बाद 4 साल के मासूम को तत्काल हास्पिटल न ले जाकर तांत्रिक से झाड़-फूंक कराने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। परिजन घटना के करीब 7 घंटे बाद बच्चे को हॉस्पिटल ले गए। लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। इसके बाद परिजनों ने फिर कोलकाता के किसी तांत्रिक का सहारा लिया। उसने 24 घंटे तक तंत्र-मंत्र किया। इस दौरान सांप को पकड़कर मच्छरदानी में बंद कर दिया गया था। यह मामला सोमवार शाम का है। बच्चे के जिंदा होने की उम्मीद में गांवभर के लोग तांत्रिक स्थल पर जुटे रहे। जानकारी के मुताबिक, जयनगर गड़गी के रहने वाले संजय यादव के बेटे आर्यन कुमार को घर के पास खेलते समय सांप ने डस लिया था। हैरानी की बात यह है कि बच्चे को हॉस्पिटल ले जाने के बजाय परिजन आपस में ही भूत-प्रेत का आरोप लगाकर एक-दूसरे से झगड़ते रहे। रात करीब 8 बजे बच्चे को मरकच्चो के नावाडीह गांव ओझा गुनी के पास ले जाया गया। बाद में रात करीब 12 बजे बच्चे को सदर अस्पताल ले गए। इस मामले में बच्चे के पिता और मामा सीताराम यादव ने जयनगर थाने में बच्चे के चाचा और दादा पर डायन होने का आरोप लगाते हुए शिकायत की। सोमवार सुबह यह मामल निपटा, तो परिजन बच्चे को फिर राजधनवार थाना क्षेत्र के नवागढ़चट्टी ले गए। यहां भी तंत्र-मंत्र का सहारा लिया। जब यहां कोई फायदा नहीं मिला, तो बच्चे को हजारीबाग के विष्णुगढ़ किसी तांत्रिक के पास ले जाया गया। आगे पढ़िए इसी खबर के बारे में...

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4 साल के बच्चे को सांप ने डसा, उसे जिंदा करने सांप को मच्छरदानी में बंद करके तांत्रिक करता रहा जादू-टोना

बताते हैं कि कोलकाता के तांत्रिक ने बच्चे को जिंदा करने का दावा किया था। इसके चलते परिजन उसे लेकर तांत्रिक के पास पहुंचे। इस मामले की एक तस्वीर भी सामने आई है, जिसमें तांत्रिक बच्चे की लाश पर जादू-टोना कर रहा है। आगे पढ़िए लापरवाही न करते..तो शायद बच जाती जान..

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आर्यन के पिता संजय मजदूरी करते हैं। उनकी एक बेटी है। कुछ लोगों का कहना है कि अगर परिजन समय पर बच्चे को हॉस्पिटल ले गए होते, तो शायद उसकी जान बच सकती थी। आगे पढ़िए छत्तीसगढ़ में बच्चे के जन्म से पहले तंत्र-मंत्र..

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यह मामला छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा है। तंत्र-मंत्र के बावजूद नवजात की मौत से आक्रोशित एक शख्स ने तांत्रिक की कुल्हाड़ी से गर्दन काटकर हत्या कर दी। इससे पहले भी आरोपी के दो बच्चों की जन्म के तत्काल बाद ही मौत हो चुकी थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को लग रहा था कि तांत्रिक(बैगा) ने कुछ गलत तंत्र-मंत्र किया है, जिससे उसका बच्चा नहीं बच सका। घटना रविवार की है। मामला  कुआकोंडा थाना क्षेत्र के गोलागुड़ा गांव की है। यहां रहने वाले हिड़मा सोढ़ी की पत्नी सोनी गर्भवती थी। शनिवार रात उसे प्रसव पीड़ा हुई। इससे पहले हिड़मा ने एक तांत्रिक देवा मरकाम को बुलाकर तंत्र-मंत्र कराया था, ताकि उसका बच्चा स्वस्थ्य पैदा हो। तांत्रिक ने देररात तक तंत्र-मंत्र किया और रविवार सुबह घर चला गया। इस बीच सोनी ने बच्चे को जन्म दिया, लेकिन वो 2 घंटे बाद ही चल बसा। (यह प्रतीकात्मक तस्वीर है..इनसेट आरोपी) आगे जानिए फिर क्या हुआ..

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बच्चे की मौत से हिड़मा बौखला उठा। उसने घर से कुल्हाड़ी उठाई और देवा को ढूंढने निकल पड़ा। देवा अपने खेत में काम कर रहा था। हिड़मा ने वहां जाते ही उसकी गर्दन पर कुल्हाड़ी से जबर्दस्त वार कर दिए। इससे देवा की मौके पर ही मौत हो गई। हिड़मा वहां से भाग गया। घटना की सूचना कुआकोंडा थाने को सरपंच ने दी। (नोट- तस्वीर प्रतिकात्मक है..इनसेट आरोपी) आगे पढ़िए मृत पत्नी को जिंदा करने की कोशिश..

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यह मामला छत्तीसगढ़ के सूरजपुर में सितंबर, 2018 को सामने आया था। विश्रामपुर थाने के तहत आने वाले रामनगर-डबरीपारा गांव में एक शख्स छह महीने तब अपनी पत्नी की लाश रखे रहा। उसे उम्मीद थी कि तंत्र-मंत्र के जरिये वो जिंदा हो जाएगी। शोभनाथ गोंड की पत्नी कलेश्वरी देवी का शिवरात्रि पर निधन हो गया था। महिला के पति और बेटे ने यह बात किसी को नहीं बताई। वे रोज उसकी पूजा करते थे। हालांकि जब बदबू फैली, तब मामले का खुलासा हुआ।

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