मोड़ अंधा नहीं होता..स्पीड में हम ओवर कॉन्फिडेंस में आ जाते हैं, देखिए ये तस्वीरें और हो जाइए अलर्ट

Published : May 22, 2020, 10:34 AM ISTUpdated : May 22, 2020, 10:35 AM IST

गिरिडीह, झारखंड. ये तस्वीरें गाड़ी चलाने वालों को सचेत करती हैं। अकसर सुना होगा कि अंधे मोड़ पर ज्यादा हादसे होते हैं। वैसे मोड़..अंधे नहीं होते। ड्राइवर का ओवर कॉन्फिडेंस हादसे की वजह बनता है। खतरनाक रास्तों और घुमावदार सड़कों पर स्पीड उतनी रखनी चाहिए, जिसे स्टीयरिंग पर नियंत्रण किया जा सके। ये तस्वीरें गुरुवार को कार और बाइक के बीच हुए खतरनाक एक्सीडेंट के बाद की हैं। इस हादसे में 4 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी। वहीं, एक ने हॉस्पिटल में इलाज शुरू होते ही दम तोड़ दिया था। स्पीड से आती कार ने पहले बाइक को जबर्दस्त टक्कर मारी थी। इसके बाद खुद हवा में उछलकर पेड़ में जा धंसी थी। कार में बॉडी ऐसे फंस गई थीं कि उन्हें निकालने में जेसीबी की मदद लेनी पड़ी। यह हादसा मुफस्सिल थाना क्षेत्र स्थित जोड़ा पहाड़ी के पास हुआ था। बाइक सवार तीनों मृतक पीरटाड़ के रहने वाले थे। वहीं कार सवार दो लोग पंचबा थाना क्षेत्र के रहने वाले थे। बाइक सवार गिरिडीह से इलाज कराके घर लौट रहे थे। कार डुमरी से गिरिडीह जा रही थी।  

PREV
15
मोड़ अंधा नहीं होता..स्पीड में हम ओवर कॉन्फिडेंस में आ जाते हैं, देखिए ये तस्वीरें और हो जाइए अलर्ट

ये तस्वीरें हादसे की भयावहता को दिखाती हैं। मरने वालों में पीरटांड़ थाना क्षेत्र के कमलासिंघा के बेनीलाल हांसदा (24), पतिया टुडू (45) और सोमरा टुडू बाइक पर सवार थे। वहीं, पचंबा थाना क्षेत्र के बिशनपुर के मो. असलम (19) एवं डंडियाडीह के मो. शाहिद अंसारी (24) शामिल हैं। सभी ईद का इंतजार कर रहे थे। हालांकि इन्हें मालूम था कि लॉकडाउन के कारण ईद इस बार घर पर ही मनाई जानी थी, लेकिन त्यौहार को लेकर उत्साह तो था।

25

बाइक पर सवार पतिया और सोमरा पिता-बेटे थे। बाइक सवार गिरिडीह से इलाज कराकर कमलासिंघा लौट रहे थे। वहीं, कार डुमरी से गिरिडीह की ओर आ रही थी। हादसे में इतना तेज धमाका हुआ कि दूर-दूर तक आवाज सुनाई दी। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से जेसीबी के जरिये कार में फंसे शवों को निकाला जा सका।
 

35

कार सवार असलम और शाहिद बचपन के दोस्त थे। वे अकसर साथ देखे जाते थे। उन्हें नहीं मालूम था कि मौत भी उन्हें साथ लेकर जाएगी।

45

बाइक सवार डॉक्टर के यहां से लौटते वक्त नमकीन चूड़ा और केले लेकर चले थे। रास्ते में भूख लगने पर बैठकर कहीं खाएं। हादसे के बाद सबकुछ सामान सड़क पर बिखरा पड़ा था। मौत ने उन्हें भूख तक नहीं मिटाने दी।

55

हादसे के बाद कार को पेड़ से निकालते लोग। कार पेड़ में धंसकर दोहरी हो गई थी।

झारखंड की सरकार, खनन-उद्योग, आदिवासी क्षेत्रों की खबरें, रोजगार-विकास परियोजनाएं और सुरक्षा अपडेट्स पढ़ें। रांची, जमशेदपुर, धनबाद और ग्रामीण इलाकों की ताज़ा जानकारी के लिए Jharkhand News in Hindi सेक्शन फॉलो करें — विश्वसनीय स्थानीय रिपोर्टिंग सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Recommended Stories