जब एक साथ निकली 3 अर्थी तो रो पड़ा पूरा गांव, एक की सदमे में हो गई मौत...नहीं जला किसी के घर चूल्हा

Published : Aug 24, 2020, 02:13 PM ISTUpdated : Aug 24, 2020, 02:15 PM IST

हजारीबाग (झारखंड), दिल दहला देने वाली घटना की वजह से झारखंड के एक गांव में सन्नटा पसरा हुआ है। जब एक साथ तीन लोगों की अर्थी अंतिम संस्कार के लिए  निकली तो हर आंख नम थी, हर तरफ सिर्फ लोगों की चीखने-चिल्लाने की आवाजें सुनाई दे रही हैं। वजह है एक दर्दनाक हादसा। रविवार को दो युवकी एक सड़क हादसे में मौत हो गई थी, जैसे ही इस घटना की जानकारी गांव में पता चली तो गांव के एक बुजुर्ग की सदमें जान चली गई। 

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जब एक साथ निकली 3 अर्थी तो रो पड़ा पूरा गांव, एक की सदमे में हो गई मौत...नहीं जला किसी के घर चूल्हा


दरअसल, सोमवार सुबह हजारीबाग जिले के इचाक थाना क्षेत्र के हदारी गांव में तीन लोगों का एक साथ अंतिम संस्कार किया गया। जिसमें घनश्याम प्रसाद मेहता (61) और उनके चाचा विजूली महतो (81) की सड़क हादसे में मौत हो गई थी। जबकि मुहल्ले में रहने वाले 80 साल के बुजुर्ग किसुन महतो जब इस खबर का पता चला तो देर रात उन्होंने सदमें में दम तोड़ दिया। 
 

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बता दें कि घनश्याम प्रसाद मेहता और उनके चाचा विजूली महतो रविवार को दिन बाइक से अपने रिश्तेदार के घर से वापस गांव लौट रहे थे। इसी दौरान एक मोड़ पर हजारीबाग से आ रही स्विफ्ट कार ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयानक थी कि बाइक सवार दोनों चाचा भतीजे कार के बोनट पर जा गिरे। वहीं बाइक और कार के परखच्चे उड़ गए। 
 

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जिस किसी ने एक साथ तीन लोगों की अर्थी निकलते देखा तो वह उसके पीछे हो गया। कोई बोला आज का दिन अपने गांव के लिए सबसे बुरा दिन है। तो कोई आंसू बहा रहा था। भीड़ को देखकर ऐसा लग रहा था जैसे कोई बड़ा नेता या बॉलीवुड स्टार का अंतिस संस्कार हो रहा हो।

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यह वही कार है जिसने बाइक सवार दो लोगों को टक्कर मारी थी।

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